मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है
क्या मिरे हक़ में फ़ैसला देगा
पंजाब में पहले Salary मांगे पर केजरीवाल ने लाठीचार्ज करवाया और अब मेडिकल मदद और Legal Aid की बात कर रहे हैं
जी केजरीवाल जी @ArvindKejriwal इनको आपकी मदद की जरूरत है 👇
दिल्ली दंगों में ठीक इसी तरह से कत्ल हुआ था कांस्टेबल रतनलाल का,
तब मुस्लिम भीड़ ने अकेले जवान को घेर के बेरहमी से मार डाला था,
कॉकरोच भी RAF के सैनिक को उतार देना चाहते थे मौत के घाट,
देखिए क्यों मजबूर हुए सुरक्षा बल लाठियां भांजने के लिए..
देश के नौजवान, इन देश तोड़ने वालों से सावधान! ❌
2020: Sonia Gandhi, Delhi riots!
2026: Arvind Kejriwal, Jantar Mantar vandalism!
इनके भड़काऊ बयानों को हर युवा तक पहुंचाइए। इनकी असलियत पूरे देश को बताइए! ⬇️
Meet DMK’s Dayanidhi Maran, MP from Chennai Central constituency.
He has been elected 4 times—in the 2004, 2009, 2019 & 2024 general elections.
He is the grandnephew of former Tamil Nadu CM Karunanidhi.
Now, let us look at the works carried out during his tenure.
A Thread🧵
बांग्लादेश जैसे नारों के पीछे AAP का कनेक्शन?
@OpIndia_tv की ग्राउंड रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर का ओवैस जंतर-मंतर पर भीड़ को संबोधित करते हुए "बांग्लादेश जैसी स्थिति" की बात करता दिखाई दिया था।
अगर आप सोच रहे हैं कि यह व्यक्ति कौन है, तो वह जम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ा हुआ है और J&K विधानसभा में AAP के एकमात्र विधायक मेहराज मलिक का करीबी सहयोगी है।
मेहराज मलिक को सितंबर 2025 में जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। हिरासत के दस्तावेज़ों के अनुसार, 2014 से 2025 के बीच उनके खिलाफ 18 FIR और 16 डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) दर्ज होने का हवाला दिया गया था। प्रशासन ने आरोप लगाया था कि उनकी गतिविधियाँ सार्वजनिक व्यवस्था के लिए प्रतिकूल थीं।
हालाँकि, अप्रैल 2026 में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने उनकी निवारक हिरासत (preventive detention) को रद्द कर दिया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।
लेकिन असली सवाल यह है, अगर यह आंदोलन सिर्फ छात्रों का है, तो राजनीतिक दलों से जुड़े लोग बार-बार इसकी अगली कतार में क्यों दिखाई दे रहे हैं? अगर यह केवल छात्रों का विरोध है, तो इसके पीछे राजनीतिक नेटवर्क बार-बार क्यों उभरकर सामने आ रहे हैं?
यही वह सवाल है, जिसे पूछे जाने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।
किसी वर्दी वाले को लहूलुहान कर के छीनी गई कैप और बॉडी प्रोटेक्टर,
देशद्रोही कुकृत्य कंधे पर मेडल की तरह ले कर घूमता दिखा कॉकरोच,
दिल्ली के इस महापाप में छात्रों के बजाय किसी और होने की आशंका,
अब उठने लगी तिलचट्टों पर कठोर एक्शन की मांग.
#Delhi#Protest@DelhiPolice@CJP_for_India
NEET छात्रों के न्याय के नाम पर 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का नया ड्रामा! 🤡 परमिशन ली शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की और पोस्टर लहरा रहे हैं उमर खालिद के।
आम युवा अब इनका असली प्रोपेगेंडा समझ चुका है। यह कोई छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि अर्बन नक्सलियों का नया अड्डा है!
कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि श्री राहुल गांधी, श्रीमती प्रियंका गांधी इत्यादि अकस्मात ही अकबर रोड़ के समीप एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गयेहैं। सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा के दृष्टिगत, मुझे स्वंय और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव, श्री गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से वार्ता करने हेतु मौके पर भेजा। श्री राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है। श्री राहुल गांधी जी ने यह मांग रखी कि यदि सरकार संसद में NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें। कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेत्रत्व की अनुमति लेने के बाद, श्री राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है।
श्री राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे अपितु उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गयी हैं। जब उनकों विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है। जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें।
श्री राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष काअपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है। सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है। श्री राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है।
मानवाधिकार सिर्फ आतंकियों, माफियाओं, गुंडों, पत्थरबाजों का ही नहीं होता पुलिस और सेना कर्मियों का भी होता है।
अगर पत्थरबाजी में किसी जवान की जान चली जाती है तो जिम्मेदार कौन होगा? किसी पिता या पति की जान चली जाती है तो कौन जिम्मेदार है।
आत्म रक्षा और आम नागरिकों की रक्षा के लिए लाठी चार्ज और गोली चलाना बिल्कुल सही है।
हर शुक्रवार को भारत का झंडा जलाने वाले देशद्रोही से कम नहीं हैं।
“PM Modi ko sirf dande se nahi maarenge, desh ka yuva unhe sadak par ghaseet kar le jayega”
Congress spokesperson Ishan Tyagi is openly instigating the youth to lynch PM Modi!
Tell us one good reason why this man should not be behind bars..
Ask yourselves
If this was indeed about Paper Leaks
1) Why the complete silence on Punjab Pharmacy paper leak ?
2) Why credit war by AAP & Cong leaders
3) Why target journalists, security personnel and private and public property ?
4) Why Political artists misleading innocent protesters
ये दोनों वीडियो आज देर शाम 8 बजे के बाद के बताए जा रहे हैं। जंतर मंतर के पास पुलिस पर हमला किया गया है। भीड़ में कुछ लोग तलवार लेकर पुलिस के पीछे दौड़ते दिखाई दिए है।
Abhinav Pandey’s timeline in 24 hours:
📍 Blame CJP for starting violence & stone-pelting.
📍 Get backlash from followers.
📍 U-turn at night & blame the police instead.
=> High time people stop relying on view-hungry creators for news.
सपा सरकार के शासनकाल में हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ी गई थी या नहीं। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के पक्ष में बैटिंग कर रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को आज फिर झटका लगा। बृजभूषण शरण सिंह जिन्होंने पहले कहा था कि कोई नमाज नहीं हुई, और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बृजभूषण के इसी बयान को सबूत बता रहे थे। पर अब बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी भूल सुधार कर ली है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी अपनी गलती मान लें तो बेहतर है। और भविष्य में चुनौतियां देने की राजनीति में न कूदें तो बेहतर होगा।
He is a YouTuber Path Goyal with a large following, but no amount of influence gives anyone the right to use pepper spray on police officers who were doing their duty.
He started the spray but when police responded then he started playing victim card
3 Points
-Indian State से लड़ने का ऐलान करने वाले राहुल गांधी का PM आवास के बाहर धरना Democracy के लिए Dangerous Precedent है ?
- लोकतंत्र की अति, देश की क्षति है।आंदोलन के नाम पर अराजकता का लाइसेंस गलत।
- आज राहुल का धरना कॉकरोच आंदोलन पर कांग्रेस का 'HIT' है।