@khuchrep@irctc even if you succeed filling your information with all those errors the payment part doesn't work during tatkal. Money gets deducted and it keeps circling and asks for payment again..but how come in normal booking time the same payment provider let's you book the ticket
Booked a Tatkal Sleeper ticket today from kanpur central to New Delhi.
Filled every detail in seconds, but IRCTC kept showing- "We are experiencing high load."
Tried repeatedly, Then my ID got locked out. Minutes later, every seat was gone.
So the question is - who actually gets these Tatkal tickets?
Genuine passengers or a system designed to fail common people every morning?
If lakhs of users face the same "high load" issue daily, why has it still not fixed it?
Or is the chaos itself benefiting someone?
@IRCTCofficial@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
यूजीसी और मोदी: जुड़े गाँठ पड़ जाए
यूजीसी पर सवर्णों का विरोध यूजीसी को ले कर नहीं बल्कि सरकार की हर नीति में ‘दलित, वंचित, शोषित’ की चटनी को ले कर था।
सोच-समझकर जब आप एक वर्ग को, चाहे वह एक ही प्रतिशत क्यों न हो, उपेक्षित रखते हैं, और चुनावी भाषणों में आपको उनकी याद ‘बँटेंगे तो कटेंगे’ के नारों के लिए आती है, तब एक दिन ऐसा आता है, जब उसको दिखता है कि भाई, हमारा तो ये *** काट रहे हैं।
IAS की कोचिंग हो या उद्यमी को सपोर्ट, हर जगह यह वर्गीकरण हो रहा था। और यह फायनेंस कौन कर रहा था? उसकी फंडिंग का एक बहुत बड़ी हिस्सा इनकम टैक्स और परोक्ष करों के माध्यम से यही सवर्ण दे रहा था क्योंकि कमाने और उपभोग की शक्ति इनके ही पास है।
फिर भी, ‘चुनमंगे’ और ‘ठाकुर का कुआँ’ जैसे विमर्श चले। यूरेशिया भेजो, भारत छोड़ो, वी आर कमिंग फॉर यू लिखा गया और सवर्णों के नरसंहार की बातें ‘डिसेंट’ कह कर डिसेंट्री की तरह उपचार-रहित हो कर फैलती रही।
यही सरकार मुँहठोकबा बन कर ताकती रही। सवर्ण चार पोस्ट लिख कर बताता रहा कि अब अति हो रही है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को लगा कि थोड़ा और ढकेलते हैं इनको… सवर्ण को उबलते गर्म पानी के पतीले में कैद मेढक समझा गया।
पर सवर्ण बहुत कुछ है, **या तो बिलकुल नहीं, उतना बड़ा *ति* तो बिलकुल ही नहीं, उस कोटि का चू** तो एकदम भी नहीं। वही तुम्हारा विमर्श चला रहे हैं और तुम उन्हीं को डंडा डाल रहे हो? ये कौन सा मास्टरस्ट्रोक है?
स्थिति यह है कि चाहे @RSSorg हो या @BJP4India, जो वातावरण ‘बँटेंगे तो कटेंगे’ का इन्होंने बनाया था, अब इन पर किसी का विश्वास नहीं रहेगा। केवल वही विश्वास करने का ढोंग करेंगे, जिन्हें राजनैतिक रूप से कहीं जाना है। परंतु वह भी, अपने लोगों के बीच, यही कहते पाए जाते हैं: अजीत भाई, ब्लंडर हो गया, उबरना मुश्किल है।
जब आपका पूरा फोकस न केवल बाकी हर समाज के लिए जात्योन्मुखी योजनाओं को लाने का रहे, बल्कि आप लक्षित करके उसके प्रति होती घृणा पर चुप रहें, और अंततः अपनी नीतियों से उसकी उपेक्षा दिखा कर, बाकियों को यह कहें कि देखो, उन्हें पेल दिया, तुम भी ‘हिसाब चुकता करो’, तब वह सोचने लगता है।
सवर्ण अभी वही सोच रहा है। अगले छः माह तक, ये जब भी कुछ सकारात्मक करेंगे, इनका उपहास किया जाएगा। ये त्रिपुंड लगाएँगे, लोग कहेंगे कि तुम ढोंगी हो। ये रैली से ‘समभाव’ की बात करेंगे, लोग कहेंगे कि रहने दे भाई!
240 के बाद का एकजुट होता समाज, इनकी अनेक बकलोलियों के वर्तमान परिणाम के कारण राजनैतिक रूप से टूट रहा है। अब बात ‘जुड़े गाँठ पड़ जाए’ वाली बात हो गई है। जिनको समझना है समझें कि सवर्ण किसी पार्टी के बँधुआ श्रमिक नहीं हैं।
ओह! भाजपा लगी हुई है कि संसद सत्र के आरंभ का वीडियो सोशल मीडिया पर चल जाए, पर हो नहीं पा रहा।
जो तुम्हारे लिए निःस्वार्थ भाव से लिखते-बोलते थे, तुमने उसका उपहास किया, ताने कसे, बिका हुआ कहा, कॉन्ग्रेसी और डीप स्टेट एजेंट कहा, तो अब कौन लिखेगा तुम्हारे लिए?
तुम्हारे किस नेता/प्रवक्ता की (अपवादों को छोड़ कर) रत्ती भर की भी ऑर्गेनिक रीच है? जीवन मोदी जी के रीपोस्ट, वीडियो क्लिप्स के पोस्ट, पुष्पगुच्छ के आदान-प्रदान के फोटो लगाने में बीत रहा है, अब तुम्हें भ्रम है कि लोग तुम्हारे साथ हो लें?
‘वंदे मातरम्’ का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण है, हम विपक्ष को पेलेंगे, पर आज नहीं। आज हमारे बच्चों के भविष्य की लड़ाई है जो तुम पतितों ने हमारे ऊपर लाद दी है। तुम चला लो नैरेटिव टुटपुँजिए औसत बुद्धि आइटी सेल के सहारे।
@MariaCorinaYA Indirectly Trump gets the prize. What a shame that winner is endorsing someone who was openly asking the Nobel for himself. BTW congratulations on the award
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी एवं मुख्यमंत्री @NitishKumar जी बिहार के शिक्षकों के लिए घोषणा कब की जाएगी ? या फिर चुनावी वर्ष में भी बिहार का शिक्षक समाज खाली हाथ रह जाएगा? आप से अनुरोध है की इन माँगों को पूर्ण करवायें ।
#BiharTeachersMatter