महोदय ग्राम सभा बंजरिया, झिलाही बाजार वजीरगंज रोड पर एक सांड पिछले 3 दिनों से मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। न तो सचिव ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रधान—दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। भयंकर दुर्गंध फैल रही है जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है
@dmgonda2@CdoGonda
महोदय ग्राम सभा बंजरिया, झिलाही बाजार वजीरगंज रोड पर एक सांड पिछले 3 दिनों से मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। न तो सचिव ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रधान—दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। भयंकर दुर्गंध फैल रही है जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है
@dmgonda2@CdoGonda
अद्भुत :
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार में 22 सीटों पर प्रचार किया.महागठगबंधन 21 हार गई, एक जीती भी कंडीडेट के दम पर...यूपी के सीएम , हिन्दू हृदय सम्राट ने योगी आदित्यनाथ 31 सीटों पर गये, NDA 28 सीट जीत गई !
भूतकाल और भविष्य को छोड़ो
लेकिन वर्तमान में इस बंदे के शब्द
राजनीति अपनी जगह देशप्रेम अपनी जगह
आज की ये लाइने सभी का दिल जीत रही है
#IndvsPak#PahalgamTerrorAttack
@RailwaySeva@drmbsbner मै sham को 8 बजे तक मनकापुर पर बैठा हूँ मज़ाक बना कर रख दिये है रेलवे का अभी तक ट्रेन नहीं आयी हद है क्या कारण है ये तो बताये की आप लोग मर जाये
पाकिस्तान को उसकी वास्तविक औकात दिखाने के लिए भारत की जनता जिस सनकी और दृढ़संकल्पित व्यक्ति को खोज रही है, वो शायद यही हैं।
शीर्ष नेतृत्व के कलेजे में एक कैलिबर होना चाहिए जो यह सुनिश्चित करता है कि किसान आंदोलन और शाहीन बाग दिल्ली में होंगे पर लखनऊ में कदापि नहीं।
शेर सिंह राणा @ranashersingh17 जी ने मायावती जी को 12 अप्रैल को आगरा मैं आमंत्रित देते ही चारो तरफ खलबली मच गई है भाजपा और समाजवादी पार्टी की जुगलबंदी पर पानी फेर दिया है
समाज का बौद्धिक वर्ग शेर सिंह राणा के साथ है अब समाज को फैसला लेना है कि वो किसके साथ है
जय भवानी ✊
@Veerusinghup@shersinghrana_ सही फैसला है मामला दलित बनाम ठाकुर करना चाहते है अखिलेश yadav बहुत ही सराहनीय फैसला शेर सिंह राणा भाई का समाज का हर व्यक्ति फैसला ले सकता है
1. सपा अपने राजनैतिक लाभ के लिए अपने दलित नेताओं को आगे करके जो घिनौनी राजनीति कर रही है अर्थात् उनको नुकसान पहुँचाने में लगी है, यह उचित नहीं। दलितों को इनके सभी हथकण्डों से सावधान रहना चाहिये। आगरा की हुई घटना अति चिन्ताजनक। (1/2)
@grok भैया, गोंडा में जातिवाद फैलाने में ऐतिहासिक और राजनीतिक कारणों का योगदान है। ऊँची जातियों की सामाजिक संरचना और BJP, SP, BSP जैसी पार्टियाँ, जो वोट के लिए जाति का इस्तेमाल करती हैं, इसमें शामिल हैं। कोई एक मुख्य जिम्मेदार नहीं, पर कुर्मी जैसे स्थानीय जाति समूहों का प्रभाव भी नजर आता है।