जी हाँ दोस्तों, कंधे पर बैग लटकाए, पीले रंग की टीशर्ट पहने और आम आदमी की तरह चलने वाला वह व्यक्ति,
लोकसभा में भारत के विपक्ष का नेता है जो 37 पार्टियों का प्रतिनिधित्व करता है।
BJP ने कल यह फ़र्ज़ी दस्तावेज़ चला के दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम उनके भारतीय नागरिक बनने से पहले ही वोटर लिस्ट में डाल दिया गया।
यह फ़र्ज़ी क्यों है?
इसमें लिखा है National Capital Territory of Delhi। हक़ीक़त यह कि 1980 में National Capital Territory of Delhi थी ही नहीं, इसे 1 फरवरी 1992 को बनाया गया। [https://t.co/9sYC9qpGj0]
सोचिए कितनी बड़ी फ्रॉड है बीजेपी!
मैं अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की आलोचना तो कर सकता हूँ मगर उनसे कभी नफ़रत नहीं कर सकता क्योंकि
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज को मैंने कभी नफ़रत फैलाते हुए नहीं सुना, उन्होंने अपने ऊटपटांग तर्कों और बयानों से लोगों का मनोरंजन ही किया है, वहीं
धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोगों से समाज को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि यह धर्म का सहारा लेकर लोगों में नफ़रत पैदा करते हैं।
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज और धीरेंद्र शास्त्री में से कोई एक चुनना हो तो मैं हज़ार बार भी अनिरूद्धाचार्य जी महाराज को ही चुनूंगा।
क्या ग़ज़ब रेल दिया Naiya Paar Education ने! 🚂🔥
धनखड़ ने कहा स्वास्थ्य कारण, पर मुलाक़ात थी केजरीवाल से
और बस यहीं से सत्ता में मिर्ची लग गई 😏
वीडियो में खुलासा —
इस्तीफ़े यहां बीमारियों से नहीं, सत्ता की मर्ज़ी से होते हैं! 🎭
“भ��ोड़ागिरी” इनकी पुरानी आदत है।
बचपन में स्कूल छोड़ के भाग गए,
जवानी में पत्नी छोड़ के भाग गए,
बुढ़ापे में देश छोड़ के भाग जाते हैं।
ये संस्कार इन्होंने अपनी ‘संस्था’ से सीखी है,
जो आज़ादी का आंदोलन छोड़ के भाग गए थे।
प्रिय देवेंद्र फडणवीस जी
इन सारे गुंडो के चेहरे कैमरे में आ रहे हैं। क्या आप उनके घरों पर बुलडोजर चलवाएंगे? आपके राज्य में यह कैसा पागलपन चल रहा है?
@Dev_Fadnavis
पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु और कइयों के लापता होने का समाचार अत्यंत दुखद है। विभिन्न इलाकों में जिस तरह की तबाही की खबरें हैं, उससे मन बहुत व्यथित है। सभी प्रदेशवासियों के सकुशल होने की कामना करती हूं।
स्थानीय प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमें पूरी मुस्तैदी से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील है, कृपया प्रभावित लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद करें। इस मुश्किल घड़ी में हम सब हिमाचल प्रदेश के भाई-बहनों के साथ खड़े हैं।
सरकार होते हुए भी राहुल गांधी ने 2011 का वर्ल्ड कप फाइनल आम आदमी की तरह देखा था।
उस समय राहुल गांधी चाहते तो BCCI हो या ICC किसी का भी चेयरमैन बन सकते थे।
लेकिन राहुल गांधी ने सत्ता का अहंकार नहीं दिखाया।
महाराष्ट्र में 3 महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली, यानी रोजाना 8 किसान अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं। आर्थिक तंगी, बढ़ता कर्ज, बर्बाद होती फसलें, खाद-बीज-डीजल की महंगाई और फसलों का उचित मूल्य न मिलना किसानों के गले की फांस बन गया है।
नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने चंद अरबपतियों के तो 16 लाख करोड़ रुपये माफ ��र दिए, लेकिन जिन किसानों से 'दोगुनी आय' का वादा किया था, छोटी सी मदद देकर उनकी जान बचाने के बारे में भी कभी नहीं सोचा।
@SupriyaShrinate इंद्रा गाँधी जी ने अगर इमरजेंसी नहीं लगाई होती तो क्या होता ?
1. जे पी आंदोलन जो पूँजीपतिओ द्वारा प्रोजित था से देश में दंगे हो सकते थे और देश में मिलिट्री शाशन हो सकता था !
2. माफीवीर जो आज शूरवीर बने हुआ है वो सविंधान की हत्या कर के देश को फिर गुलाम बना देते !
@SupriyaShrinate एजुकेशन पर बात करना चाहिए।आज काफी महंगा हो गया है सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। अनपढ़ रहेंगे लोग तो देश का विकास कैसे होगा ।इस पर कोई योजना नहीं है व्यापार बनता जा रहा है बड़े बड़े कोचिंग सेंटर खोले जा रहे हैं भारी फीस देने को मजबूर है माता पिता
राहुल गाँधी 21वीं सदी के सबसे मज़बूत और साहसी राजनेता हैं। यदि कोई मुझे पूछे कि
तुम किस नेता जैसा धैर्य चाहोगे ? तो मेरा जवाब निःसंदेह राहुल गाँधी ही होगा।
मैं दावे के साथ कहता हूँ कि
यदि इतनी असफलताएं किसी और नेता को मिलती तो अबतक वह रणक्षेत्र छोड़कर जा चुका होता मगर
अब राहुल गाँधी ने अपना करि��्मा दिखाना शुरू किया है और वह 2029 में प्रधानमंत्री पद क��� प्रबल दावेदार बन चुके हैं।
आज राहुल गाँधी का जन्मदिन है, उन्हें जन्मदिन की बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
आख़िरकार राजस्थान में बीजेपी संगठन और सरकार के बीच चल क्या रहा है, कुछ समझ ही नहीं आ रहा है।
एक तरफ बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ RAS भर्ती को लेकर कह रहे हैं कि वो मुख्यमंत्री से मिलकर तारीख़ बढ़ाने की मांग रखेंगे। लगातार बयान भी दे रहे हैं।
तो दूसरी तरफ सरकार के कानून मंत्री जोगाराम पटेल साफ कह रहे हैं कि सरकार का रुख स्पष्ट है — परीक्षा तय समय पर ही होगी।
इस बीच ये भी बता दें कि परीक्षा ��ल यानी 17 जून से शुरू हो रही है।
अभी ये फैसला लेंगे
यार कितना मजाक बनाओगे बेरोजगार युवाओं का
मुझे लगता है कि इनकी बात कोई मान नहीं रहा है क्योंकि इनको भी मांग जायज़ लग रही है तो फिर ये ऐसा क्यों कर रहे हैं।
युवा आपको माफ नहीं करेंगे।
@Rajendra4BJP@madanrrathore#RASMAINSPOSTPONE
https://t.co/SCpPs0S7KG
महाराज ने फरमान निकाला —
प्रजा चाहे भूखी हो, आंदोलन में बैठी हो या सिस्टम से टूटी हो…
परीक्षा तो देनी ही होगी।
पहले RAS के रण को रौंदा,
अब स्कूल लेक्चरर की तलवार को म्यान में ही जंग लगवाने चले हैं।
राजनेताओं की स्क्रिप्ट वही है :
आपका काम हो जाएगा…
पर हर बार काम उनका ही होता है-पोस्ट, प्रोफाइल और प्रतिष्ठा का।
बेरोजगार नेत�� मंचों पर गरजते हैं,
फोटो खिंचवाते हैं,
और फिर अगली मीटिंग की तारीख देकर निकल जाते हैं।
आयोग और सरकार बस लुका-छिपी खेलते हैं,
जैसे परीक्षा नहीं, कोई दरबारी तमाशा हो।
और बेचारा अभ्यर्थी?
ना तलवार है, ना ढाल।
सिर्फ उम्मीदों की राख उठाकर फिर बैठ गया है अगले इम्तिहान की चिता पर।
ये भर्ती नहीं, सत्ता का शिकार है।
और हम? हम सिर्फ आंकड़े हैं सरकारी प्रेस नोट में।