ऐसी लागी लगन, मीरा हो गयी मगन
वो तो गली-गली हरि गुण गाने लगी
महलों में पली, बन के जोगन चली
मीरा रानी 'दीवानी' कहाने लगी..!!🎶
#अनूप_जलोटा (गायक)
#श्रीकृष्ण_जन्माष्टमी#लेखनी ✍️
रोते हुए आते हैं सब, हँसता हुआ जो जायेगा,
वो मुक़द्दर का सिकंदर जानेमन कहलायेगा..!!🎶
#अनजान (गीतकार : लाल जी पाण्डेय :1930-1997)
#पुण्यतिथि#लेखनी ✍️
🎬 मुक़द्दर का सिकंदर (1978)
🖋️ अनजान 🎵 कल्याण जी आनंद जी
🎤 किशोर कुमार 🎞️ अमिताभ बच्चन
@ShwetaJha24
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कमर दर्द,
साइटिका
डिस्क की समस्या
और नस दबने की वजह से लाखों लोग रातभर करवटें बदलते रहते हैं… लेकिन यह आसान तरीका आपकी नींद और दर्द में आराम दिलाने में मदद कर सकता है।
बस बिस्तर पर एक तकिया रखें और 5 मिनट के लिए एक खास पोज़िशन में लेटें।
बस इतना ही।
इसमें किसी एक्सरसाइज या मेहनत की जरूरत नहीं—सिर्फ सही पोज़िशन में आराम से लेटना और धीरे-धीरे लंबी साँस छोड़ना है।
यह शरीर को रिलैक्स करने और कमर पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है।
न एक्सरसाइज, न कोई मेहनत… सिर्फ 5 मिनट।
अगर कमर दर्द की वजह से आपकी नींद खराब होती है, तो इसे अपनी सोने से पहले की रूटीन में शामिल करके देख सकते हैं।
NOTE- अगर दर्द पैर में फैलता है, सुन्नपन/कमजोरी है या पेशाब-पाखाने पर नियंत्रण प्रभावित हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।
1974 में जे ओमप्रकाश साहब की फिल्म आई- आप की कसम। ये बतौर डायरेक्टर उनकी पहली फिल्म थी। फिल्म में राजेश खन्ना, संजीव कुमार और मुमताज़ जैसे लोकप्रिय कलाकार थे। इस फिल्म के संगीत ने धूम मचा दी। हर एक गाना सुपरहिट। आनंद बक्षी की कलम और आरडी बर्मन के संगीत ने कमाल कर दिया।
#Raaggiri@YRDeshmukh@hvgoenka
A delightful vocal face-off by Mohammed Rafi and Asha Bhosle.
Composed by the maestro S. D. Burman, who was famous for creating iconic tunes for Dev Anand.
The witty and mischievous words were penned by Majrooh Sultanpuri.
The song is picturized on real-life couple Dev Anand and Kalpana Kartik.
Nau Do Gyarah marked the directorial debut of Dev Anand's younger brother, Vijay Anand.
Song courtsey @Upjeet7
लड़कपन खेल में खोया, जवानी नींद भर सोया,
बुढ़ापा देख कर रोया !
बुढ़ापा देख कर रोया, वही किस्सा पुराना है,
सजन रे झूठ मत बोलो, ख़ुदा के पास जाना है..!!🎶
#शैलेंद्र (गीतकार )
#जन्मजयंती 💐 #लेखनी✍️
🎬 तीसरी क़सम (1966)
🎵 शंकर जयकिशन
🎤 मुकेश 🎞️ राज कपूर
दिल कहे रुक जा रे रुक जा, यहीं पे कहीं
जो बात इस जगह में, है कहीं पे नहीं
ऊंचे-ऊंचे पेड़ घनेरे, छनती जिनसे धूप
खड़ी बाँह पसारे
नीली नीली #झील में झलके नील गगन का रूप
बहे रंग के धारे
🎬मन की आँखें(1970)
मोहम्मद रफ़ी
साहिर लुधियानवी
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
#झील#लेखनी
#मुकेश#पुण्यतिथि#लेखनी
किसी राह में, किसी मोड़ पर,
कहीं चल ना देना तू छोड़ कर
मेरे हमसफ़र, मेरे हमसफ़र
गायक : मुकेश, लता मंगेशकर
फिल्म : मेरे हमसफर
संगीत : कल्याणजी आनंदजी
गीत: आनंद बक्षी