#देशकाचौकीदारप्योर है
मुझे हर पल हर समय बस यही डर सताता है की ,कांग्रेस पार्टी यदि इस भारत देश से ही गायब हो जाए तो...फिर क्या होगा..बेचारे इन कांग्रेसियों का.
झारखंड के छात्र आंदोलन और राजनीतिक रूप से प्रायोजित अभियानों का अंतर देखिए।
यहाँ जुनैद की बिरयानी नहीं,
मंदिर का लंगर है।
यहाँ फाइव-स्टार टेंट नहीं,
टूटी-फूटी तिरपाल है।
यहाँ पेशेवर आंदोलनजीवी नहीं,
यही असली छात्र हैं।
यह आंदोलन कैमरों और प्रायोजकों के भरोसे नहीं, बल्कि अपने भविष्य, मेहनत और न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के संकल्प पर खड़ा है।
@CJP_for_India तुम बोल भी क्या सकते हो और बोलना क्या चाहते हो तुमने लोगों से बुलवाकर भद्दा भद्दा बुलवाकर अपनी औकात तो दिखाई ही दी और क्या दिखाना चाहते हैं कृपया परिभाषित करें
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आंदोलन में अब अलग-अलग विचारधाराओं के लोग शामिल हो चुके हैं। कई ऐसे लोग भी आगे आए हैं जो चाहते हैं कि आंदोलन अपने मूल मुद्दों तक सीमित रहे और किसी भी तरह की अराजकता, हिंसा या कानून-विरोधी गतिविधियों से दूर रहे।
मुद्दों पर आवाज़ उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आंदोलन की दिशा ऐसी होनी चाहिए जो समाधान की ओर ले जाए, न कि देश, समाज या कानून-व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनाए। अब प्रयास यही होना चाहिए कि आंदोलन केवल अपने वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित रहे और सकारात्मक परिणाम लेकर आए।
राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी को ज़मीन पर ले आया है : इसका इस्तीफ़ा कब माँगोगे चमचों। विदेशों में ग़ायब हो कर षड्यंत्र रचने वाले से चमचों इस्तीफ़ा कब माँगोगे। भारत के युवाओं को अपने ही देश के ख़िलाफ़ भड़काने के अपराधी से इस्तीफ़ा कब माँगोगे।
चलो चमचों अब ताली बजाओ और नाच-गाना शुरू करो।