मिडिल ईस्ट के हालात बेहद संवेदनशील हैं. ईरान-अमेरिका के बीच का टकराव सीधे युद्ध में नहीं बदला है लेकिन टकराव ने मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है. क्या दुनिया के हालात इतने बदल चुके हैं कि आज कोई मीडिएटर नहीं बचा है जो ऐसे हालातों में स्थिति को संभाल सके, तो स्थिति भयावह है
पश्चिम बंगाल से असम और तमिलनाडु तक, हर जगह कहानी एक ‘पहचान की राजनीति.’ अब सवाल ये है वोट किसे मिलेगा. वोट काम के नाम पर दिया जाएगा या इमोशन के नाम पर.... बड़ा सवाल जोकि जनता को तय करना है....
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शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा ने बिलग्राम ब्लॉक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ब्लॉक परिसर में अव्यवस्थाओं और लापरवाही के कई मामले सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।
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अलर्ट!
उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश और ओले गिरने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से ही बादल छाए रहे। शाम को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। गेहूं, सरसों, सब्जियों को नुकसान पहुंचा है।
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₹2 लाख करोड़ की क्रेडिट गारंटी स्कीम भारत की अर्थव्यवस्था को मुश्किल समय में संभालने का एक बड़ा प्रयास है मगर ऐसा तब है जब इसे सही तरीके से लागू किया जाए. वैश्विक स्थिति को देखते हुए इस स्कीम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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प. बंगाल में चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है लेकिन यह चुनाव केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि मुद्दों, विचारधाराओं और नैरेटिव की भी टक्कर है. 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी . नतीजे 4 मई को आएंगे।
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ईरान ने अमेरिका का एफ-35 लड़ाकू विमान मार गिराने का दावा किया है. IRGC की ओर से सेंट्र्ल ईरान में इस घटना को अंजाम देने की ख़बर सामने आई है। ईरान ने जेट के मलबे की तस्वीरें जारी हैं. आईआरजीसी ने शुक्रवार को घोषणा कर जेट लैकेनहेथ स्क्वाडन को मार गिराने का दावा किया.
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विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने के लिए UN ने वर्ष 2007 में 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के रूप में घोषित किया।
उद्देश्य: सही जानकारी पहुंचाना, ग़लत धारणाओं को दूर करना है
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कोर्ट रिसीवर ऑफिस में आम्रपाली घर खरीदारों का पज़ेशन से लेकर रजिस्ट्री तक की प्रक्रिया को समझें:
1) सबसे पहले आपको अपने कार्यालय या अपने काम- काज से 2 से 3 महीने की छुट्टी लेनी होगी।
2) उसके बाद अपने फ्लैट से संबंधित सारे काग़ज़ात को इकट्ठा करें।
3) अगर इसमें कुछ भी खो गया है तो पुलिस में शिकायत दर्ज करें।
4) सभी डॉक्यूमेंट को स्कैन कर रिसीवर ऑफ़िस को मेल करें, अगर कोई भी डॉक्यूमेंट रह गया तो उस डॉक्यूमेंट के साथ, दुबारा सभी डॉक्यूमेंट के साथ मेल करें।
5) सबकुछ सही रहने पर आपको ऑनलाइन प्रोविजनल NOC मिल जाएगा। लेकिन बात यहाँ ख़त्म नहीं हुई, अब इसके बाद ही असली परेशानी की शुरुआत होती है। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के कुछ महीने बाद, दुबारा से फिजिकल वेरिफिकेशन होगी, उसके लिए आगे की प्रक्रिया को समझें।
6) फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आपको बीबीए/अलॉटमेंट लेटर/पेमेंट रिसिप्ट/बैंक स्टेटमेंट का प्रिंट लेना होगा। अगर आपका पेमेंट बैंक से 10-15 साल पहले गया है, तो बैंक को एप्लीकेशन दीजिए और अगर अकाउंट बंद है या फिर किसी कारण स्टेटमेंट नहीं मिल पा रहा है तो ये आपकी गलती बताई जाएगी और आपको पुनः पेमेंट करने के लिए बोला जाएगा। ये अलग बात है कि आपकी पूरी payment डिटेल उनके पास है क्यूंकि उनके पास फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट है, वो उससे भी वेरीफाई कर सकते है, लेकिन वो ऐसा करेंगे नहीं! क्यूंकि वहाँ मौजूद शख्स को आपको परेशान देखने में बहुत मजा आता है।
7) डॉक्यूमेंट पूरे करने के बाद, आप सुबह 10 बजे सेक्टर 62 ऑफिस पहुंचे, साथ में लंच बॉक्स, इवनिंग स्नैक्स और BP/Sugar/Headache की दवाई जरूर रख लें।
8) ऑफिस के गार्ड से लेकर वहाँ बैठे सभी स्टाफ के सामने, आँखें नीचे रख कर बात करें नहीं तो आपको सुप्रीम कोर्ट में देख लेने या फ्लैट कैंसिल कर देने की धमकी मिलेगी।
9) सुबह 11:30-12:30 बजे इनके वेरिफिकेशन वाले स्टाफ से मुलाकात होगी। आपका नंबर आने पर आप अपना सारा डॉक्यूमेंट उनके सामने रखें। उनके द्वारा जो भी बोला जाएगा उसे सिर्फ सुनें और बिल्कुल सवाल ना करें।
10) ऑनलाइन NOC और पूरी तैयारी होने के बाद भी आपको कम से कम 10 बार बुलाया जाएगा और याद रखें इस दौरान अपने BP को नियंत्रित रखें क्यूंकि वहाँ सिर्फ आपको सुनने का अधिकार है, बोलने का नहीं।
11) आख़िरी में जब वेरिफिकेशन क्लीयर्ड होगा तो NOC और पज़ेशन के लिए 1 महीने से लेकर 6 महीने तक इंतज़ार करें। इसके लिए आपको लगातार 10-12 बार ऑफिस जा कर फॉलो-अप लेना होगा।
ये तो हो गया वेरिफिकेशन, का अब समझिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया:
12) रजिस्ट्री के लिए दुबारा से ऊपर बताए गए तरीके से अपना डॉक्यूमेंट तैयार करें।
13) उसे AOA को सौंपें, AOA उसे वेरीफाई करने के बाद सेक्टर-62 ऑफिस में बैठे एक अति-विशिष्ठ व्यक्ति को सोपेगा, जिसे लोगों को परेशान देख कर बहुत ही आनंद आता है। उस ऑफिस में इस व्यक्ति की ये ताक़त है की, वो किसी को भी कुछ नहीं समझता, चाहे वो CR हो या सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ही क्यों ना हो!
14) उस व्यक्ति के मूड पर डिपेंड करता है की वो आपका नाम रजिस्ट्री के लिए लिस्ट में डलेगा या नहीं।
15) अगर उसका मूड बढ़िया है और आपने उसकी बात नहीं टाला और कोई जवाब नहीं दिया, उसने जो बोला आपने किया। साथ ही उसे कुछ देर के लिए भगवान माना और बताया की आप भगवान है, आप नहीं रहते तो घर नहीं मिलता। ये सब सुनने के बाद, आपकी किस्मत अच्छी होगी तो 2-3 महीने में आपका नाम रजिस्ट्री के लिए आ जाएगा।
हाँ ये जरूर याद रखें, उस महान हस्ती से बातचीत के दौरान यदि आपका कोई कॉल आ गया या आपको वॉशरूम जाना हो या थोड़ा इंतजार के बाद दोबारा बुलाया गया हो तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आपको फिर पूछा जाएगा कि: तुम कौन हो, इधर कैसे आ गया, क्या काम है और वापस से आपको सारा प्रोसेस जो कि आपने शुरू से उनके सामने रखा था, उसका गुणगान, सब कुछ दुबारा करना पड़ेगा।
यह हालत, उस व्यक्ति के कारण सेक्टर 62 ऑफिस की हो गई है। उस व्यक्ति की शिकायत सैकड़ो बार कोर्ट रिसीवर के सामने की गई है, परंतु पता नहीं ऐसी कौन सी बातें हैं जो कोर्ट रिसीवर को उस पर कार्रवाई करने से रोकता है।
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आम्रपाली के घर खरीदारों की मुसीबतें कम नहीं हो रही। सालों के कानूनी लड़ाई और लंबे इंतजार के बाद घर बनना शुरू हुआ। धीरे धीरे खरीदारों को उनके सपनो का घर मिलने लगा, लेकिन इस मामले में घर खरीदार कई तरह के परेशानियों से गुज़र रहें और गुजरे क्यों नहीं जब कोर्ट रिसीवर ऑफिस और @OfficialNBCC अपने कर्तव्यों को भूल बिल्डर समझने लगा हैl उनके ऑफिस का बर्ताव बिल्डर से भी बुरा है और अगर कोई विरोध भी करे, तो सीधे सुप्रीम कोर्ट में देख लेने की धमकीl लेकिन अब पानी सर से ऊपर चला गया हैl
1)फ्लेट कैंसिल कर उसे नए निवेशकों को बेच देनाl
2)मनमानी तरीके से फ्लैट ट्रांसफर चार्ज वसूलना l (300-600Rs/Sq ft Flat Transfer Charge)
3)डिले पेनल्टी ना दे, उसके उलट घर खरीदारों से ही 10-12% तक ब्याज लेनाl
4)जिस फ्लैट की रजिस्ट्री हो गई है, उसे बेचने पर प्राधिकरण के TM तथा AOA शुल्क के अलावा, कोर्ट रिसीवर ऑफिस NOC लेने के लिए अतिरिक्त 1लाख लेता हैl
5) अगर आप किसी समस्या से जूझ रहे या किसी भी तरह की शिकायत पत्र देना चाहते, तो कोर्ट रिसीवर ऑफिस उसकी रिसीविंग नहीं देतें। इनकी कोई जवाबदेही ना बने और मनमानी करे इसलिए ये ऐसा करते हैंl
इनके ये सारी करतूते आम बात हो गई हैl घर ख़रीदारों से पैसे वसूलने के लिए ये नए-नए खोज और तरीकें ढूँढते रहते हैl
कोर्ट रिसीवर ऑफिस और एनबीसीसी का इरादा बदल गया है और वो भ्रष्ट बिल्डर के तरह बर्ताव कर रहे हैl आने वाले दिनों में घर खरीदारों के साथ मिलकर इस पूरी प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय से निष्पक्ष जांच की माँग करेंगेl
,@OfficialNBCC@MoHUA_India@MLJ_GoI कल नेफ़ोवा ऑफिस पर #AmrapaliHomeBuyers की महत्वपूर्ण बैठक हुई, इसमें घर खरीदारों को आ रही परेशानियों पर चर्चा हुई.
1. जिसमें मुख्य रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के आदर्श आवास योजना फेज-4/5 टावर (H2-W2) के वैसे बायर्स जिनके प्रोजेक्ट को बिना किसी अप्रूवल के आम्रपाली ने बेच दिया था और अब कोर्ट रिसीवर के द्वारा भी ना उनकी कोई सुनवाई हो रही न उनको फ्लैट दिया जा रहा।
2. कोर्ट रिसीवर ऑफिस के द्वारा सैकड़ो ऐसे लोगों के फ्लैट कैंसिल किए गए हैं जिन्होंने पूरा पैसा जमा किया हुआ है. इसके अलावा वैसे लोगों के भी फ्लैट को बिना किसी सूचना के कैंसिल कर दिया गया है जिन्होंने बार-बार कोर्ट रिसीवर ऑफिस को अपने समस्याओं के बारे में अवगत करवाया (जैसे बैंक द्वारा लोन नहीं देना या बिल्डर बायर एग्रीमेंट का ना होना या अन्य) परंतु न उन्होंने कभी इसका निदान नहीं किया ना कभी उन्होंने कोशिश की।
3. आम्रपाली की परियोजनाओं में कंस्ट्रक्शन शुरू होने के बाद भी बहुत सारे चैलेंज थे। कुल मिलाकर इनकी संख्या हजारों में है जो पिछले 15 वर्षों से अपने आशियाने के लिए इंतजार कर रहे थे और अब पता चल रहा है कि उनके फ्लैट को कैंसिल करके बेच भी दिया गया है।
4. इसके अलावा प्रोजेक्ट में हो रहे विलंब पर भी शामिल लोगों ने सवाल उठाया।
कल मीटिंग में शामिल हुए घर खरीदारों ने यह कहा था कि हम लोग की अगर सुनवाई नहीं होगी तो शांतिपूर्ण तरीके से सुप्रीम कोर्ट के बाहर तख्ती लेकर खड़े हो जाएंगे और अपनी बात जज साहब तक पहुंचाएंगे.
इन सभी जरूरी मुद्दे पर यही तय किया गया है कि हम लोग जल्द ही सर्वोच्च न्यायालय में एप्लीकेशन लगा रहे हैं और पीड़ित घर खरीददारों के साथ हमारी संस्था खड़ी है, जिससे सबको न्याय मिल सके।