हेमंत सोरेन जी को समझना चाहिए कि कुर्सी का मोह ज़्यादा ठीक नहीं होता।
जब हेमंत सोरेन जी जेल गए थे तब उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और तब उनके स्थान पर चंपई सोरेन जी को झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया था मगर
आज चंपई सोरेन जी ने इस्तीफ़ा दे दिया है और अब हेमंत सोरेन जी दोबारा झारखंड के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं।
दरअसल अगले 2-3 महीनों में ही झारखंड में चुनाव होने वाले हैं ऐसे में हेमंत सोरेन का सबसे बढ़िया निर्णय यह होता कि
वह चंपई सोरेन को ही मुख्यमंत्री बना रहने देते और यदि दोबारा सरकार बनाने में कामयाब होते तो फिर से ख़ुद मुख्यमंत्री बन जाते लेकिन
हेमंत सोरेन अब जो कर रहे हैं इससे पार्टी में मनमुटाव के साथ साथ उनके प्रति जनता में भी नेगेटिव इमेज बनेगी।