@RajCMO@GajendraKhimsar@DIPRRajasthan
दो जगह=निजी एवं सरकारी क्षेत्र की लैबो में रिएजेंट की खरीदारी,
दोनों जगह अलग अलग मेंटेनेंस का भुगतान
जांचों की गुणवत्ता पर मार,
सरकार पर अतिरिक्त भार,
फिर भी निजीकरण पर इतनी मेहरबानी
आखिर क्यों?
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@RajCMO
राजस्थान में सरकारी जांचों का निजीकरण कर दिया गया है प्राइवेट फ़र्म सरकारी क्षेत्र को संभाल रही है
महंगी मशीनों अब धूल फांकेंगी, ट्रेंड स्टाफ साइड करना शुरू कर दिया है
तो सरकारी अस्पताल में IAS, RAS व अन्य प्रशासकों की क्या जरूरत है?
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लोकतांत्रिक तरीके से आवाज रखने पर सरकारी अध्यापकों पर FIR दर्ज कराना लोकतंत्र का गला घोंटने के समान है
अब सवाल है कि कमर्चारी अपनी आवाज कौनसे माध्यम से पहुंचाये?
क्योंकिअधिकारी काम करने को तैयार नहीं
लोकतांत्रिक आवाज को दबा दिया जाता है
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@RajCMO@DIPRRajasthan@RajGovOfficial
निजी लैब की मनमानी चरम पर
या तो सरकार को आर्थिक चूना लगाने की, चांदी कूटने की अधिकारी परमिशन दे
नहीं तो लैब बंद
सरकार के पास शुरू से साधन संसाधान सब है फिर प्रदेश की जनता के जांचों की गुणवत्ता से खिलवाड़ ?
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar
7हजार की संविदा निविदा की नौकरी,
इनका हर स्तर पर शोषण
ये खबर पहली बार नहीं कई बार उठी,
लेकिन बेरोजगार ठेकेदारों के शोषण को मजबूर है?
क्योंकि किसी भी सरकार ने सरकारी स्तर पर is शोषण को रोकने के लिए तैयारी नहीं की
सब कुछ ठेकेदारों को सौंप दिया
@cmo@akhilarora93@svoruganti1466
LT समय पर रिपोर्ट न दे तो एक्शन
लेकिन आला अधिकारी कार्मिकों की फाइल ही अटका के बैठ जाये तो?
GP में राज. के LT दूसरे राज्यों से पिछड़े हुए
DPC, पदस्थापन तो मैराथनी रेस बन चुके
मागो पर लेग ब्रेक हैंड ब्रेक दोनों खींच रखे हैं
समाधान नहीं
@BhajanlalBjp@RajCMO@GajendraKhimsar
माननीय जब एक लैब टेक्नीशियन आए हुए मरीज की रिपोर्ट 5/6 घंटे में दे सकता है
तो विभाग में अधिकारी/कर्मचारियों को लंबा जमावड़ा 2-3 साल तक पदनाम परिवर्तन/ DPC जैसी मांगो पर लापरबाह है?
इन माँगो में तो कोई वित्तीय लाभ भी नहीं
फिर भी देरी?
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कौन सा ऐसा जिला जहां हब एंड स्पोक मॉडल की गलत जांचों का प्रिंट - इलेक्ट्रानिक - सोशल मीडिया में खबर न छपी हो,
अधिकारियों द्वारा लिखित में शिकायत न की गई हो
फिर कार्यवाही क्यों नहीं?
गलत का बचाव किसके लिए?
@svoruganti1466@akhilarora93
@RajCMO@GajendraKhimsar
DPC भी इतनी मुश्किल कि DOP के साल में दो DPC करने के आदेश बेकार
पदस्थापन में आफ़्शन फॉर्म मांगे
इनमें पदस्थापन नहीं
परिणाम..
मजबूरी में forgo
या न्यायालय की शरण
नेक्स्ट DPC में Defer बढ़ते हैं
शीट खाली रहती हैं
भर्तियों में पद कम मिलते हैं
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विश्व लैब टेक्नीशियन दिवस की सभी लैब टेक्नीशियन, लैब सहायक कार्मिकों की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
मरीज को गुणवत्तापूर्ण जांच रिपोर्ट उपलब्ध होती रहे यही लैब टेक्नीशियन संवर्ग का उद्देश्य है
सही जांच ही सही इलाज का आधार है
स्वास्थ्य विभाग बैठा आंख बंद किए,
ठेके पर सारे जांच लैब चलवाए,
जिसको जितना मौका मिले,
उतना ज्यादा बिल वो बनवाए...!!
अगर मदर लैब एक की जगह 3 जांच कर सकती है तो क्या कृष्णा लैब एक की जगह 24 जांच नहीं कर सकती...??
भाजपा की 'भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी' शायद चिकित्सा मंत्री जी के गृह जिले के सरकारी अस्पताल में ही भर्ती है...!!
@INCIndia@INCRajasthan
@RajCMO@DIPRRajasthan@BhajanlalBjp
संस्थान पर जो डॉक्टर है ही नहीं
मरीज ने उस dr को दिखाया ही नहीं
उसकी साइन शील से स्वयं ही जांच कर रही कृष्णा लैब
मरीज की गजब चिन्ता है निजी लैब को
डॉ को दिखाया नहीं और मरीज की 24 जांच की रिपोर्ट भी प्राप्त हो गई
क्या से क्या हो गया?
विषम परिस्थिति में ( कोविड, स्वाइन फ्लू, ट्यूबरक्यूलोसिस....) अल्प मानदेय 7000 की नौकरी जो राज्य सरकार (UTB संविदा निविदा से प्रदान की गई थी )सरकार से अलग कर हटा दिया गया ,
उसे भी एक निजी हाथों में सोपा गया
मान.न्यायालय ने इसे रोक कर बेरोजगारों के साथ न्याय किया
@DIPRRajasthan
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@DIPRRajasthan
सरकारी क्षेत्र जांचों का निजीकरण
बिना सैंपल के जांच रिपोर्ट देना
खांसी की जांच में अविवाहिता को प्रेगनेंसी रिपोर्ट पकड़ना
हेपेटाइटिस सी (लिवर कैंसर संभावना) नेगेटिव मरीज को पॉजिटिव बताना
इन सब के ऊपर विभाग की चुप्पी समझ से परे
@cmo@BhajanlalBjp@DIPRRajasthan@GajendraKhimsar
खांसी में प्रेग्नेंसी की रिपोर्ट देने के बाद
मदर लैब ..
Dr ने 90 Rs की CBC लिखी
मदर लैब में HBA1C, B12, TSH, लगभग 850 की जांचे अपनी तरह से जोड़ दी
ये सरकार को सीधे आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है
क्या इस पर एक्शन होगा?
@cmo@DIPRRajasthan
MNJY जांच व्यवस्था मजबूत थी
जिसमें रोजगार भी था
गुणवत्ता भी थी
किफायती भी थी
हब एंड स्पोक मॉडल से जांच व्यवस्था कमजोर हुई
सरकारी अस्पताल को ही अगर प्राइवेट हाथों में सौंपना कितना जायज है?
@hanumanbeniwal