Atul Prasad must resign from his post as he is misusing his powers and suppressed our peaceful protest by using his tuglaqi farmaan to troops & they beat us mercilessly,don't we have right to protest,isn't it fundamental right? Pls terminate bpsc chairman
#BPSC_PT_IN_ONE_SHIFT
रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर खान सर हमेशा अपनी बहनों के लिए 56 प्रकार की मेनू रखते हैं लेकिन
उन बहनों के खाने से लेकर पीने तक का वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर सालों साल वाहवाही लूटे लेकिन अबकी बार उनका टक्कर देने ज्ञान बिंदु यानि कि रौशन आनंद सर आए हैं जिन्होंने
अपनी बहनों के लिए 88 प्रकार की मेनू रखे हैं और रौशन आनंद सर ने ये भी दावा किया है कि
मेरे संस्थान से कोई भी फोटो वीडियो नहीं अपलोड होगा।
यही फर्क है दोनों अध्यापकों में क्योंकि एक pr के लिए किसी हद तक गिर सकता है लेकिन रौशन आनंद सर कभी भी pr के पीछे नहीं भागते हैं यही वजह है कि
आज पटना में छात्रों के सबसे लोकप्रिय रौशन आनंद सर बन चुके हैं ।
खेसारी लाल यादव से प्रज्ञा मिश्रा जी का एक पॉडकास्ट चल रहा था जिसमें प्रज्ञा मिश्रा जी खेसारी लाल यादव से पूछती है कि
योगी आदित्यनाथ??
खेसारी लाल यादव कहते हैं कि बेहतर संत
प्रज्ञा मिश्रा जी दूसरा सवाल पूछती है कि रवि किशन??
खेसारी लाल यादव कहते हैं कि बड़े भाई।
लेकिन जब प्रज्ञा मिश्रा कहती है कि उत्तर प्रदेश?
तब खेसारी लाल यादव जी का जवाब आता है कि यूपी मतलब अखिलेश❤️❤️।
अखिलेश भैया आपकी पूरी दुनिया दीवानी है ।
शिक्षा के देवता कहे जाने वाले खान सर उर्फ फैसल खान सर की सच्चाई सामने आ रही क्योंकि
यूपी की एक लड़की ने एप्लीकेशन लिखते हुए प्रशासन से ये गुहार लगाई है कि
महोदय मुझे फैसल खान द्वारा लगातार परेशान किया गया है और मुझे उनके बारे में तमाम गुप्त और भी जानकारी है जिसकी वजह से मुझे धमकी मिल रही है
महोदय मेरी जान की रक्षा की जाए।
अब ऐसा लग रहा है कि रौशन आनंद सर द्वारा लगाए गए आरोप बिल्कुल सत्य साबित होने वाले है ।
आरक्षण का दायरा अब बढ़ना चाहिए :
एससी (SC) आरक्षण 21% से बढ़ाकर 30% करना चाहिए।
एसटी (ST) आरक्षण 6% से बढ़ाकर 15% करना चाहिए।
ओबीसी (OBC) आरक्षण 27% से बढ़ाकर 55% करना चाहिए।
सवर्ण(EWS) आरक्षण को समाप्त कर देना चाहिए।
“दलितों को कुएँ से पानी नहीं मिलता था तो वे ज़िंदा कैसे रहे?”
वाह! जातिवाद को धोने के लिए क्या ग़ज़ब का तर्क खोजा है! दलित ज़िंदा बच गए, इसलिए छुआछूत भी झूठी मान लें?
सवाल पानी मिलने का नहीं, सार्वजनिक कुएँ-तालाब पर बराबर अधिकार का था। जाति के कारण दलितों को साझा जलस्रोतों से पानी लेने से रोका जाता था। 1927 का महाड़ सत्याग्रह इसी अधिकार के लिए हुआ। आंबेडकर को हजारों लोगों के साथ चवदार तालाब से पानी पीकर अधिकार जताना पड़ा।
और इतिहास से भी शिकायत हो तो Protection of Civil Rights Act, 1955 की धारा 4 पढ़ लीजिए - अस्पृश्यता के आधार पर कुएँ, तालाब, नदी, नल आदि के इस्तेमाल से रोकना दंडनीय बनाया गया।
दलित ज़िंदा कैसे रहे, यह नहीं; सवाल है - उन्हें बराबरी से जीने क्यों नहीं दिया गया?
क्या यह आदमी मानसिक रूप से बीमार है?
बलात्कारी जैसी बाते कर रहा है!
इसे घर-परिवार, माँ-बहन-बेटी, समाज की शर्म नहीं है?
असामाजिक तत्व है?
क़ानून का क़ौफ़ नहीं है? 🤔
🇺🇸🇮🇷 | Trump’s threats of attack against Iran: A timeline
🔸 March 21: Trump threatened to “strike and destroy” power plants in Iran if the Strait of Hormuz was not reopened within 48 hours.
🔸 March 23: Postponed the attack by five days, citing “productive talks” with Iran.
🔸 April 7: Warned that “an entire civilization will die tonight.”
🔸 Hours later: A two-week ceasefire was announced.
🔸 April 21: Said he expected the U.S. to “bomb” if the talks failed.
🔸 Later that day: Extended the ceasefire.
🔸 May 17: Warned: “The clock is ticking.”
🔸 May 18: Halted the planned strike following requests from Qatar, Saudi Arabia, and the UAE.
🔸 June 11: Stated that the U.S. would strike Iran "with great force tonight."
🔸 Hours later: Called off the operation, claiming an agreement was within reach.
🔸 July 22: Trump threatened to bomb bridges and power plants whenever Iran targeted ships in the Strait of Hormuz.
🔸 In reality: Ships are being hit on a daily basis—yet nothing happens.
🔸 August 1: Stated that the U.S. was "poised and ready for action."
🔸 Subsequently: Cancelled the strike to pursue efforts to reach an agreement with Tehran.
बिपिन सर मुखिया ने शुभांकर मिश्रा को खुला चैलेंज दिया है कि
अगर सच में शुभांकर मिश्रा जी सच्चे पत्रकार है तो एक बार मेरा भी पॉडकास्ट करे मैं फैसल खान का एक एक झूठ सबके सामने लाउंगा।
बिपिन सर ने ये भी आग्रह किया कि सभी लोग सुभांकर मिश्रा जी को टैग करे कि वो मेरा पॉडकास्ट करे।
वैसे सुभांकर मिश्रा विपिन सर का पॉडकास्ट नहीं करेंगे क्योंकि फैसल खान खरीद लेगा इनको।
बिपिन सर मुखिया और खान सर के बीच अब विवाद विवाद नहीं रहा ये साझिए की एक तरह से ये युद्ध शुरू हो चुका है क्योंकि
कल बिपिन सर मुखिया ने खान सर को कहा कि चश्मा लगाकर बच्चों के साथ नाचने से सिलेक्शन नहीं हो जाता है और तुम्हारे अंदर हिम्मत है तो सभी बच्चों का नाम,रैंक और रोल नंबर दिखाए।
बिपिन सर ये भी कहते है कि मैं जब तक फैसल खान के सारे कारनामे जनता के सामने नहीं का दूंगा तब तक रुकने वाला नहीं हु चाहे क्यों न
मेरा यूट्यूब चैनल डिलीट हो जाए।
बिपिन सर आप बच्चों का आंख खोलने का काम कर रहे आपके साथ पूरा विद्यार्थी खड़ा है ।
X पे एक बुढ़िया है दिन भर फालतू गिरी करती रहती है दांत चियारकर और लाली लिपस्टिक लगाकर ।
कल परसो की एक पोस्ट में मैने उसको बुढ़िया कह दिया तो बुरा मान गई प्रियांक और महिला आयोग को टैग करके मेरी पोस्ट दिखा रही थी।
यह औरत दलितों से इतनी नफरत करती है कि उनको कभी नील मानव की संज्ञा देगी तो कभी भीम भक्त की।
अब मैने उसको बुढ़िया बोल दिया तो महिला होने का कार्ड खेलने लगी।
मै फिर कहता हूं बुढ़िया थोड़ी शातिर टाइप की है हमारे लोगो पर कमेंट और पोस्ट डालकर डॉलर कमा रही है उसी से खर्चे घर के चला रही है।
बहुजन समाज के लोगों से निवेदन है कि बुढ़िया के पोस्ट में जाकर कमेंटबाजी न करें आपके वजह से रोज कड़ाई पनीर और मशरूम कोफ्ता खा रही है।
फोटो सोर्स -- गूगल