आज बिहार जातिवाद की आग में जल रहा है, जबकि सबसे बड़ी लड़ाई जाति की नहीं, बल्कि गरीबी और अमीरी की है। जाति के नाम पर लड़ने से आम लोगों का नहीं, सिर्फ कुछ लोगों का फायदा होता है। इसलिए जातिवाद के बहकावे में आने के बजाय शिक्षा, रोजगार, उद्योग और विकास पर ध्यान दें। एकजुट बिहार ही मजबूत बिहार बनेगा।
भ्रष्टाचार के किसी भी मामले की जांच में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। इससे जांच की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास बढ़ेगा, विपक्ष के संदेह दूर होंगे और जांच अधिक पारदर्शी व विश्वसनीय मानी जाएगी। @BJP4India@samajwadiparty@INCIndia
बिहार पुकार रहा है!
बिहार की मिट्टी आज अपने बेटों-बेटियों को पुकार रही है। आखिर कब तक बिहार का युवा रोजगार की तलाश में अपना घर-परिवार छोड़कर दूसरे राज्यों और देशों में भटकता रहेगा? आखिर कब तक पलायन ही हमारी पहचान बना रहेगा?
कभी बिहार ज्ञान, संस्कृति, शिक्षा और समृद्धि का अग्रदूत था। आज वही बिहार बेरोज़गारी, पलायन, अपराध और जातिवाद जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। यह किसी एक सरकार या एक दल का नहीं, बल्कि दशकों की राजनीति का परिणाम है।
आज सबसे बड़ी आवश्यकता है कि बिहार जाति, धर्म और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठे। बिहार की राजनीति का केंद्र केवल विकास, शिक्षा, उद्योग, कृषि, रोजगार, बेहतर कानून-व्यवस्था और युवाओं का भविष्य होना चाहिए।
जो बिहारी आज देश-दुनिया में अपनी मेहनत और प्रतिभा से नाम रोशन कर रहे हैं, वे यदि अवसर और विश्वास मिले तो अपने ही राज्य के विकास में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
आइए संकल्प लें—हम ऐसा बिहार बनाएँगे जहाँ किसी युवा को मजबूरी में पलायन न करना पड़े, जहाँ उद्योग लगें, किसानों को सम्मान मिले, महिलाओं को सुरक्षा मिले, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर नागरिक को समान अवसर प्राप्त हो।
बिहार किसी एक जाति, धर्म या दल का नहीं है। बिहार उन सभी का है जो इसकी उन्नति, सम्मान और भविष्य के लिए ईमानदारी से काम करना चाहते हैं।
आइए, एकजुट होकर नया बिहार बनाएं—विकसित बिहार, शिक्षित बिहार, सुरक्षित बिहार और आत्मनिर्भर बिहार।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ रोड शो के दौरान जिस तरह एक शख्स हनुमान जी का गेटअप धारण किए हाथ में बीजेपी का झंडा लेकर नाच रहा था, यह भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे शर्मनाक लम्हों में से एक है। यह न सिर्फ भगवान हनुमान जी का अपमान है, बल्कि यह हमारे नेताओं की विचारशून्यता को भी दर्शाती है, जो अपने स्वार्थ के लिए हनुमान जी को सड़क पर कैबरे डांसर तक बना देने के लिए तैयार हैं।
#NitinNaveen #YogiAdityanath #Lucknow #PoliticalRallies
"आरक्षण तो गरीबों को मिलता है!
50% लिमिट कहाँ लिखा है?
Majority decide करेगी आरक्षण का!"
इतनी कम जानकारी के साथ @PavanK_Varma जी डिबेट करने कैसे आये?
अब इनसे पूछो?
1. क्या गरीबी के आधार पर आरक्षण कर दें?
तो ये ही बोलेंगे "नहीं नहीं आरक्षण गरीबी हटाओ योजना तो है नहीं"
2. आरक्षण का प्रावधान अम्बेडकर जी ने ही minority seats पर किया था, इसलिए 49.5% cap लगा! ये बात इंदिरा साहनी जजमेंट में भी लिखी है और संविधान सभा में अम्बेडकर जी ने खुद कहा है! लेकिन इन्होंने दोनों चीज़ें पढ़ीं तो होंगी नहीं!
3. और दुनिया के कौन से कोने में majority को affirmative action का लाभ मिलता है?
अम्बेडकर जी ने खुद कहा था कि आरक्षण majority सीट्स पर गैरकानूनी है और majority बनने के बाद कोई भी जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता, वरना ये संविधान का उल्लंघन होगा!
लेकिन As Usual, इन्होंने ये सब तो पता होगा नहीं!
मतलब थोड़ा तो पढ़ लेते आरक्षण के बारे में, फिर आते मंच पर😂😂
इस वीडियो को तब तक शेयर करें जब तक यह बदतमीज कर्मचारी सस्पेंड नहीं हो जाता
देख रहें हो रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw अब @RailwaySeva के कर्मचारी पहले ठगी करते है सवाल पूछने पर Ga#₹& मे डंडा डाल देंगे।
शर्म आनी चाहिए Anand Vihar railway station अधिकारियों को जो ऐसे कर्मचारी को बैठा रखा है जो मोदी सरकार की छवि धूमिल कर रहा है।
संजय सिंह ही एक ऐसा नेता है जिसकी आवाज इतनी बुलंद है । गोदी पांच मिनट नहीं टिक सकता इनके सामने क्योंकि संजय सिंह पढ़ा लिखा है ओर जो अनपढ़ फेंकता है उसे ये कैच कर लेता है । हर फेंकने वाली बोल को केच करने वाला महारथी है संजय सिंह । ये महाभारत का संजय ही है जिसको सब दिखाई देता है ओर संजय बनकर जनता को सच्चाई से अवगत करवाता है।दिल्ली
➡️आप पार्टी के सांसद संजय सिंह का बयान
➡️पहले के डाकू गांव में लूट लेते थे- संजय
➡️‘जय भवानी का नारा लगाकर करते थे लूट’
➡️‘अबके डाकू "जय श्री राम" का नारा लगाते’
➡️‘प्रभु श्री राम का नारा लगाकर मंदिर लूट रहे’
➡️तब के डाकू जेल जाते थे- संजय सिंह
➡️‘उन्हें उम्रकैद या फांसी की सजा मिलती थी’
➡️‘अब के डाकू इस्तीफा देकर छुट्टी पा रहे हैं’
इतिहास गवाह है—जब जनता घर से निकलती है, तब व्यवस्था बदलती है।
बांकीपुर में बदलाव की लहर तेज़ है।
आइए, प्रशांत किशोर जी के साथ एक नए बिहार की नींव रखने में अपनी भागीदारी निभाइए।
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☎️ 74796 75029
☎️ 62042 81354
हम चुनाव बुरी तरह हार गए,जिसको खड़ा होने का अक्ल नहीं है वो हमे ज्ञान दे रहा हम बोले थे ई बिहार में नहीं चलेंगे मेरे घर वाले बीबी बच्चे सब कह रहे क्यों ये काम कर रहे हो मुझे भी इस बात की समझ है कि ये कठिन काम है सबकुछ जानते हुए भी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ये मेरी जिम्मेवारी है