जब नितिन गडकरी से E20 से होने वाले गाड़ियों में नुकसान के बारे में पूछा गया तो नितिन गडकरी उस पत्रकार को बाहर निकालने के लिए धमकी देने लगे!
क्या जानता नितिन गडकरी से सवाल भी नहीं पूछ सकती है!
E20 से गाड़ियों में बहुत ज्यादा नुकसान हो रही है
और अब अपने बेटे के कंपनी को बढ़ाने के लिए नितिन गडकरी ने E100 को हरी झंडी दिखा दी है।
मायावती की OBC पदाधिकारियों के साथ बैठक, OBC समाज से अपील... OBC की मदद से 2007 में सरकार बनी थी: मायावती
OBC का असली भला BSP सरकार में हुआ: मायावती
#Mayawati#OBC
मिथलेश शुक्ला ने बड़े चाव से मलाई-मक्खन खाया, लेकिन दुकानदार पर अपने IPS होने का ऐसा रौब झाड़ रहे थे मानो वह इसे दक्षिणा समझकर अपने ₹40 भूल जाए।
मिथलेश शुक्ला पुलिस के सामने भी अपना भौकाल झाड़ता रहा, लेकिन थोड़ी ही देर में उसके सारे ग्रह-नक्षत्र खुल गए।
@grtbabamanish मेरा भी MBA में एडमिशन इसी के तहत हुआ था। और मेरे साथ पढ़ने वाले सभी लोगों की फीस/स्कॉलरशिप पूरी पूरी माफ/रिटर्न हुई थी। हालांकि कॉलेज वाले एग्जाम फीस के नाम पर 4-5 हजार हर साल ले लेते थे। लेकिन उस समय मेरी एनुअल फीस 76600 रूपये थी। दो साल में 153200 रुपए सरकार के द्वारा दिए गए।
why #BSP
हर तीसरा अभिभावक मुझे कक्षा 12 के बाद अपने बच्चों का उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखला फीस के लिए विचलित दिख रहा है !
बस इतना याद दिलवा दूँ,
बसपा बहन जी की सरकार में देश हो या विदेश आर्थिक असहाय सवर्ण समाज हो या दलित शून्य खर्चे पर किसी यूनिवर्सिटी में दाखला मिलता था !
राम नाम की लूट है...
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की अकूत लूट में 50 लोग जांच के दायरे में हैं, लेकिन मजाल है कि कोई मेरिटधारी अपने पद से इस्तीफा दे दे। 15000 रुपए की नौकरी करने वाले कर्मचारी कुछ ही सालों में करोड़पति बन गए।
वैसे भावना आहत गैंग अब मृतशैया पर क्यों पड़ी है?
"Fall seven times, stand up eight."
#BSP को कमजोर करने में #RSS को डेढ़ दशक यानी 15 साल लगे जबकि #TMC को खत्म करने में 15 दिन का वक्त लगा !
TMC के खिलाफ सिर्फ बीजेपी रही जबकि बसपा के खिलाफ कांग्रेस बीजेपी समाजवादी अन्य दल मिलकर कमजोर की मेहनत किए !
भाई, तथाकथित पंडितों ने (किसी जाति विशेष की बात नहीं कर रहा हूँ) आज तक बहुत ठगाया। बताते रहे कि कलियुग आएगा, लेकिन आ गया अंबेडकर युग। कभी नहीं बताया कि अंबेडकर युग आने वाला है, फिर भी अंबेडकर युग आ गया। अंबेडकर युग में सबका मंगल होगा, सबका कल्याण होगा और सभी सुखी होंगे। 15 सालों में अंबेडकरवादी प्रधानमंत्री भी बनने वाला है।
थाना बना कसाईखाना।
यूपी के बांदा में शिवानी चौहान एवं ललित वर्मा ने भय के
चलते घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। लड़की के पिता ने पुलिस से मिलकर लड़के पर फर्जी FIR दर्ज करा दी।
पूछताछ के नाम पर पुलिस दंपति को थाने लाई थी। लड़की के पिता ने थाने में ही लड़की की हत्या कर दी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश में जब लोग थाने में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाहर कैसे सुरक्षित होंगे?
लड़का और लड़की दोनों बालिग थे। वे एक-दूसरे से प्रेम करते थे। चूंकि उनकी जाति अलग थी, अतः लड़की के पिता को यह रिश्ता उसके जातीय अभिमान के खिलाफ लगता था। इसी डर के कारण उन्होंने 18 मई को घर से भागकर रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी कर ली थी। इसी बीच लड़की के पिता ने लड़के पर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि पुलिस को सारी सच्चाई पता थी।
पुलिस ने अपनी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पूछताछ के नाम पर लड़का और लड़की दोनों को मध्य प्रदेश से बरामद कर थाने लाया था। लड़की के मां-बाप को भी थाने बुलाया गया था। पिता बार-बार लड़के के दूसरी जाति का होने की दुहाई देता रहा। इससे उसका जातीय अभिमान आहत हो रहा था। लेकिन लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। अतः अपने जातीय अभिमान को बचाने के लिए पिता ने बेटी पर चाकुओं से हमला करके उसकी जान ले ली।
एक तरफ ये दरिंदे जातीय दंभ में इस कदर अंधे हो गए हैं कि दो कौड़ी की झूठी शान के लिए अपनी ही बेटी अथवा दामाद की हत्या कर रहे हैं। दूसरी ओर, यह घटना इस बात का गवाह है कि इन जातिवादी हैवानों को कानून का भी कोई डर नहीं है। वे अब थाने में घुसकर हत्याएं कर रहे हैं। दरिंदे पिता के साथ-साथ थाने पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कब तक प्रेम विवाह करने वालों पर झूठी FIR दर्ज करके उन्हें प्रताड़ित किया जाएगा? जब पुलिस दंपति की सुरक्षा ही नहीं कर सकती थी, तो उन्हें थाने लाई ही क्यों?
यही वह बाप है जिसने अपनी बेटी शिवानी चौहान की हत्या कर दी क्योंकि उसने दूसरी जाति में शादी कर ली थी।
इस भीखमंगे को लगता है कि यह डायनासोर है। बेटी ने दूसरी जाति में शादी की तो इसकी पूरी प्रजाति नष्ट हो जाएगी।
अतः अपनी ही बेटी की जघन्य हत्या करके इसने समाज में अपनी इज्जत बचाई और अपनी जाति-धर्म की रक्षा की। यूपी के बांदा निवासी डायनासोर की इस प्रजाति को बधाई दीजिए। इसकी प्रजाति संकटग्रस्त होने से बच गई।
इसकी खुद की हालत इतनी दयनीय और तंग है कि चिलम फूंकने के लिए भी मनरेगा और खतौनी वाली सरकारी किश्त का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन समाज में इनकी इज्जत तो देखिए। अपनी ही बेटी को खून से लथपथ कर उसकी लाश पर चढ़कर अपनी इज्जत की रक्षा की है।
यह अलग बात है कि लड़का वर्मा और लड़की शिवानी चौहान, दोनों हिंदू हैं, लेकिन धर्म गया भाड़ में। भला बिना जाति के भी हिंदुत्व का कोई अस्तित्व है? समाज में अपने जातीय गुरूर का परचम लहराने के लिए अपनी ही बेटी की बलि चढ़ानी पड़े, तो इसमें कोई हर्ज नहीं है।
सरकार इतनी कायर और कमजोर है कि PM मोदी भारतीय नाविकों की हत्या पर एक शब्द नहीं बोल पा रहे हैं।
उधर सरकार के विदेशी प्रवक्ता अमेरिका एवं ट्रंप का नाम लेने से भी कांप रहे हैं। सारे कैबिनेट मंत्री गूंगे बने हुए हैं।
क्या 56 इंच की छाती सिर्फ गुब्बारा फुलाने के लिए है?
अमेरिका ने ओमान के पास एक भारतीय जहाज पर हमला करके तीन भारतीय नाविकों को मौत के घाट उतार दिया।
यहां तक कि ईरान ने भी इस कायराना हमले की निंदा की है, लेकिन मोदी ट्रंप के आगे एक शब्द नहीं बोल पा रहे हैं।
देश का इतना कमजोर प्रधानमंत्री देखकर हमें शर्म आती है।
भारत के राजनैतिक इतिहास में इतनी बड़ी भागम भाग किसी ऐसी पार्टी में पहली बार हो रही है जो लगातार 3 चुनाव से सत्ता में थी। राष्टीय पार्टी बन चुकी। रिजल्ट आये कुछ दिन हुए और उसमे;
60 विधायको ने एकाएक ठेंगा दिखा दिया।
20 सांसदों ने ठेंगा दिया।
फिर आप मजबूत कन्हा थे? आप सत्ता में थे इसलिए मजबूत दिख रहे थे। अब "तू चल, में आया" कि तर्ज पर वो तक भाग रहा है जो बागी को कोस रहा था।
दृश्यम फ़िल्म देखी है?
जिसमे ऐसा वातावरण बनाया जाता है जिसमे एक कहानी बनाई जाती है, उस कहानी को इतना ज्यादा गम्भीरता से निभाया जाता है कि झूठ से बना माहौल भी सच लगता है।
पिछले 8 साल से कल्याण बनर्जी, ममता बनर्जी, सयानी घोष, केजरीवाल, ही चर्चाओं में है। ऐसा दिखाया जाता कि यह लोग ही भाजपा को रोक रहे है। एक दृश्यम जैसा वातावरण बनाकर रखा गया। इसमे "कोंग्रेस" भी फँस गयी। सपा तो कॉकरोच पार्टी तक को महत्व दे रही थी।।जबकि अब सयानी घोष व कल्याण बनर्जी जैसे स्वयं कह रहे है कि हम ममता से अलग हो रहे है। ममता बनर्जी व केजरीवाल ने भाजपा को और मजबूत किया है, जैसे सपा ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को स्थापित किया।
भाजपा 2014 से दृश्यम रूपी राजनैतिक माहौल बनाकर लड़ाई जीत रही है। जिसमे कमजोर से पक्ष को मीडिया के माध्यम से अपना विपक्ष बनाकर पूरा माहौल बनाती है व फिर आराम से जीत जाती है। समय समय पर;
1.केजरीवाल को अपना विपक्ष बनाकर दिखाया।
2.उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से पर्दे के पीछे से गठबंधन करके दृश्यम माहौल बनाकर बसपा को लड़ाई में नही दिखाया।
3.बंगाल में 26 साल सत्ता में रही वाम दलों का नाम फक नही लिया दृश्यम रुपी माहौल बनाकर ममता व अपने मे लड़ाई दिखाई, जिसे ममता ने बखूबी हवा दी औऱ 2 विधायक वाली भाजपा सीधा 208 पर ममता ने पहचा दिया।
भाजपा इसमे माहिर है।। श्री मुलायम सिंह यादव जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उससे पहले पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा के सांसद तक नही थे। पूरे देश मे केवल दो सांसद थे। फिर कार सेवा की घोषणा हुई, श्री मुलायम जी ने पहले उन्हें अंदर आने दिया और फिर गोलियां चलवाई। इससे हिन्दू भाजपा के पक्ष में व मुस्लिम मुलायम जी के पक्ष में खड़ा हुआ। यह भी इतिहास है कि ;
1.श्री मुलायम जी ने मुख्यमंत्री रहते 2 सांसद वाली भाजपा को सीधा उत्तर प्रदेश में 57 पर पहचाया दिया व अगली सरकार पहली बार उत्तर प्रदेश में भाजपा की बनवा दी।
2.बहनजी ने भाजपा को 2009 में 10 लोकसभा पे ला दिया और श्री अखिलेश जी ने 2014 में भाजपा को 71 पे ला दिया।
जब जब सपा मजबूत हुई, उसने भाजपा को डबल मजबूत किया।
जब जब बसपा मजबूत हुई। भाजपा कमजोर हुई है। इसलिए बसपा को मीडिया की सुर्खियों से नदारद किया गया। यह सपा भाजपा का आपसी साहयोग है। जिसे नौशिखिया, अपरिपक्व टाइप व केवल हल्ला करने वाले नही पकड़ सकते है।।
विकास कुमार जाटव
TMC को धोखा देकर BJP को मजबूत करने में सिर्फ सवर्ण ही नहीं, मुस्लिम सांसदों ने भी बराबर भूमिका निभाई है:
"यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान।"
दलितों को "फूट सोल्जर" कहने आरफा ख़ानम शेरवानी अब मुसलमानों को Hindutva's Foot Soldier नहीं कहेगी?
कुछ दिन पहले सयानी घोष ने कहा था;
"मैं चड्ढा नहीं हूँ जो चड्डी बन जाऊंगी। मैं घोष हूँ।"
अपने जाति पर गुरुर करने वाली ममता बनर्जी की सयानी भी TMC के बागी सांसदों में शामिल हो गई हैं।
ममता बनर्जी ने केवल सवर्णों को ही पॉवर-पोजीशन दी थी। आज उन सबने मिलकर अपना "मेरिट" दिखा दिया।
#NCW
आजादी के 80 साल बाद भी केंद्र या राज्य में महिला आयोग की अध्यक्ष किसी दलित महिला को नहीं बनाया गया क्यों ?
अन्य समाज महिलाओं के अंदर ज्यादा बुद्धि है ? या भोंदू बाबा की जांघों को सहलाती महाराष्ट्र महिला आयोग अध्यक्ष रूपाली चाकंकर जैसा हुनर दलित महिलाएं नहीं करती इसलिए ?
#Rajpal#AllahabadHighCourt
90 राउंड फायर बसपा विधायक राजू पाल पर दागे गए थे, जिसमें 19 बुलैट शरीर से निकली तीन मुख्य आरोपी अतीक अहमद , अशरफ खान और आबिद !
अशरफ और अतीक को 18-19 साल के बदमाश योगी आदित्यनाथ नाथ की पुलिस हिरासत में हत्या कर दिए और पुलिस जिंगा लाला करती रही !
अंतिम आरोपी आबिद को उम्रकैद मिली क्यों मिली क्योंकि इसके नाम का खुलासा खुद अतीक और अशरफ ने किया था,
प्रदेश का हाई कोर्ट (high court) ने आबिद को जमानत दे दी क्यों भला रोज 200 सुनवाई हो रही है, कोर्ट पर प्रेशर है तो मिलार्ड ने उम्रकैद के अपराधी को 25 हज़ार मात्र जमा करके जमानत देदी,
ये राशि तो अपराधी को देने होंगे जज को कितना मिले वो वही जाने तीन जज एक एक ने 25 लाख से कम तो क्या ही लिया होगा !
उत्तर प्रदेश की पूरी न्यायिक व्यवस्था का हाल आपके सामने है, विधायक दौड़ा के मारा जाए तो उसके अपराधी को पुलिस हिरासत में दूसरे अपराधी मारेंगे और बचे हुए को कोर्ट जमानत देगी, माने कोई मर्डर हुआ ही नहीं गोलिया चली ही नहीं कानून हे ही नहीं सब सिस्टम के बाहर से संचालित है !!
प्रदेश की स्थिति देख कर किसी लेखक की दो पंक्तियां याद आ गई :–
निहत्थे और निर्दोष हों तो
सबसे बड़े अपराधी हो तुम !
#Baba_Manish