हम इस तमीज़ के साथ उनके पास बैठते हैं,जैसे शाह के कदमों में दास बैठते हैं ,
वो जिनकी सोहबतो से अदब सीखते रहे हम , वो दूर हों तो भी दिल के पास बैठते हैं ...❣️
#sappu❣️
@elonmusk Hi @elonmusk
This is new india and we are also aware that you had activated the kill switch during the kargil war and refused to share the coordinates and india lost many brave soldiers
Wo think twice before posting manipulative tweets.
@grok rephrase this tweet and simplify it
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो, तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो |
ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा,ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो |
- तहज़ीब हाफ़ी
पुनः कहूँगा, जिन हराम के पिल्लों को लगता है कि मेरी वो मेरे नस नस से वाकिफ और मेरा चरित्र प्रमाण पत्र बनाते घूम रहें हैं , मैं उनकी पिछवाड़े में बाँस डाल कर खड़ा कर दूँगा।
प्रासादों के कनकाभ शिखर,
होते कबूतरों के ही घर,
महलों में गरुड़ ना होता है,
कंचन पर कभी न सोता है.
रहता वह कहीं पहाड़ों में,
शैलों की फटी दरारों में.
- रामधारी सिंह दिनकर
जो व्यक्ति खुद के उपहास के समय मौन बैठा है वो कायर नहीं हो सकता , हो सकता है वो कलयुगी राक्षस है जो काल चक्र के पूर्ण होने पर अपने शत्रु को संपूर्ण निगल जाएगा ।