बाड़मेर में भामाशाह और समाजसेवी स्वर्गीय तन सिंह चौहान को सब लोग "साहब" के नाम से बुलाते थे और वे वाकई में "साहब" ही थ�� क्योंकि उन्होंने अपने समय-समय पर समाज को नई दिशा दी जरूरतमंद और गरीब परिवारों के लिए मसीहा थे । तनसिंह के स्वर्गवास के बाद ��नके दोनों बेटे जोगेंद्रसिंह और राजेंद्र सिंह उनके पदचिन्हों पर चल रहे है उनके पिता की परंपरा बखूबी निभा रहे हैं। आज स्वर्गीय तन सिंह चौहान की 63वीं जन्म जयंती थी इस खास मौके पर दोनों भाइयों की ओर से हापो की ढाणी में होनहार बालिका लीला जिसने जीवन के हर मोड़ पर संघर्ष ही किया उसको 11 लाख रुपए का सहयोग प्रदान किया । लीला जब 7 साल की थी तब करंट लगने के कारण उसके दोनों हाथ कट गए थे उसे समय बिजली विभाग क�� ओर से मिली सहयोग राशि एक कोऑपरेटिव सोसाइटी में जमा करवाई और वह बाद में बंद हो गई तो लीला के करीब 6 लाख रुपए डूब गए लेकिन लीला और उसके पिता ने हिम्मत नहीं हारी लगातार वह पढ़ाई करती रही आज उसने अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है पर आगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है लीला और परिवार को वाकई में आज मदद की जरूरत थी तो जोगेंद्र सिंह मसीहा बनकर उनके घर पहुंचे और 11 लख रुपए का सहयोग किया ।
अधिकार खो कर बैठे रहना, यह महा दुष्कर्म है;
न्यायार्थ अपने बन्धु को भी दण्ड देना धर्म है।
राजस्थान में पेपर लीक की अंदरखाने की कहानी अगर कभी सामने आती है और उस पर कोई फिल्म बनती है कुछ धुरंधर जैसी ���ो उसके हम्ज़ा मझारी का किरदार कुछ ऐसा ही होगा। कई ऐसे लोग भी रहे, जिन्होंने अदृश्य रहकर अपना पूरा पुरुषार्थ लगा दिया।
जहाँ कुछ लोग केवल श्रेय लेने की दौड़ में शामिल रहे, वहीं कई लोगों ने चुपचाप अपना कर्तव्य निभाया और आगे बढ़ गए। ऐसे सभी अदृश्य नायकों को “सलाम।”
गीतकार मनोज मुंतशिर ने UGC के फैसले को लेकर हो रहे विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर विनती की है कि वह इस बिल को वापस ले लें, उन्होंने कहा- "अगर किसी बाग में एक पौधा छोटा रह गया तो इसका मतलब ये तो नहीं कि प्रोटेक्शन और इक्वैलिटी के नाम पर बाकी पौधों को ऊपर से काट दिया जाए. ��तीत का पन्ना बंद हो चुका है. 21वीं सदी के जिस दौर में हम जी रहे हैं, ये जातियों के विदाई का समय है...UGC का काला कानून, वापस ले लीजिए"
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