HORRIBLE
In Bangladesh 🇧🇩, a Muslim Imam from a mosque is mistreating non-Muslim women, treating them worse than animals on the streets. This is real Islam.
कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित किया है। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूं। पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
मैं हर किसी को आश्वस्त करता हूं कि हमारी जांच एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
कांग्रेस का भ्रष्टाचार उजागर!
छत्तीसगढ़ में ED का तगड़ा एक्शन! सुकमा कांग्रेस भवन जब्त!
कवासी लखमा और उनके बेटे की संपत्ति सील!
मनी लॉन्ड्रिंग के तहत पहली बार किसी पार्टी ऑफिस पर कार्रवाई!राहुल गांधी, ये है आपकी "ईमानदारी" की पोल?
शराब घोटाले में ₹2100 करोड़ की लूट! जनता को लूटने का ये "कांग्रेस मॉडल" कब तक चलेगा?
अब जवाब दो, "युवराज"! देश की जनता सब देख रही है!
पत्रकार - क्या टर्की बॉयकॉट का काँग्रेस समर्थन करेगी?
जयराम- खेरा जवाब देगा
खेरा- जयराम जवाब देगा
माइक इधर-उधर करते रहे है दोनों... क्योकि ये जवाब देने राजमाता की परमिशन लेनी पड़ेगी
कितनी मक्कार पार्टी है - पूरा देश देख रहा है
एक Atomic Power वाले देश को उसके घर में घुसकर मारने का साहसिक निर्णय @narendramodi जी ही ले सकते हैं
90 मिनट के अंदर पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह करने का पराक्रम भारत की सेना ही कर सकती है
#OperationSindoor
नकलची बंदर गुलाटी ही मारेगा😁
प्रधानमंत्री मोदी के आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन दौरे और बैकग्राउंड में धमाकेदार s4oo की तस्वीर बाहर आने के एक दिन बाद ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, जनरल मुनीर को साथ लेकर सियालकोट के पस्रूर कैंट पहुंचे अपने सैनिकों से मिलने।
यह वही जगह है जहाँ भारत ने उनके एयर डिफेंस रडार को तबाह कर दिया था। अब हाल यह है कि असली ढांचा तो बचा नहीं, तो वहाँ सिर्फ़ एक 8x10 फ़्लेक्स (बैनर) लगाकर तस्वीरें खिंचवाई गईं ।
🤣🤣🤣🤣🤣🤣
वैसे तो मैं बहुत शरीफ़ बंदा हूँ कभी भी गाली बाली नहीं देता मगर
शहबाज़ शरीफ़ की बातें सुनकर मैं ख़ुद सोचता हूँ कि यह गाली से कम कुछ भी डिजर्व ही नहीं करता है,
ये अपनी फ़ौज से कह रहा है कि इसका बदला पूरा हुआ, अरे ओ ........ चचा
9 आतंकी कैंप तबाह करवाकर
11 एयर बसेस को नष्ट करवाकर
सैकड़ों जवानों को मरवाकर
तमाम एयर डिफेंस सिस्टम तुड़वाकर
हज़ारों ड्रोंस को गिरवाकर
तू किस मुँह से बदला पूरा होने की बात कर रहा है? यही बात तो है तभी तुम्हारा मुल्क बेशर्मी में पहले पायदान पर आता है।
पाकिस्तान को IMF की दूसरी क़िस्त 8400 करोड़ रुपए मिल गए हैं.
पाकिस्तान के PM शाहबाज शरीफ ने एलान किया है भारतीय सेना की कार्यवाही में जितने भी आतंकवादी मारे गए हैं,
उन सभी के परिजनों को एक करोड़ रुपए मिलेंगे. घायलों को 10 से 20 लाख रुपए की सहायता का एलान किया है.
अब इससे बड़ा प्रमाण क्या चाहिए पाकिस्तान आतंकवादियों को नही पालता. दुनिया इंजीनियर, डॉक्टर और वैज्ञानिक बनाने में पैसा खर्च करते हैं. पाकिस्तान आतंकवादी बनाने में खर्च करता है.
BIG NEWS 🚨 Indian Govt revokes Turkish firm Celebi's security clearance.
Celebi was handling high-security tasks at 9 Indian Airports.
Erdogan's open support for Pakistan is COSTING him big.
HUGE 🚨 India will foster closer ties with Turkey’s opponents: Greece, Armenia and Cyprus as per The Economic Times 🔥🔥
जय हनुमान संत हितकारी
सुनी लीजै प्रभु अरज हमारी
जन के काज विलंब न कीजै
आतुर दौरी महा सुख दीजै।।
जय जय श्री हनुमान करो विश्व का कल्याण
श्री हनुमान जी महाराज की जय हो।।🙏🚩
तुमने युद्धविराम देखा।
मैंने कुछ और—अत्यंत भयावह देखा।
सब ट्रंप की बात कर रहे हैं,
पर कोई यह सवाल नहीं पूछ रहा जो सबसे महत्वपूर्ण है—
भारत ने युद्धविराम के लिए सहमति क्यों दी?
यह कोई साधारण पोस्ट नहीं।
यह एक गोपनीय समयरेखा है—
सुर्खियों के नीचे दबी हुई,
प्राइमटाइम से मिटा दी गई,
और मौन के भार से लदी हुई।
क्योंकि 10 मई कोई संधि नहीं थी—
यह एक चेतावनी थी—राजनय की आड़ में छुपी हुई।
आइए लौटें पीछे।
9 मई, सूर्यास्त।
अंधकार छा गया।
पाकिस्तान ने हमला किया—
फिर से।
भारत डगमगाया नहीं।
प्रधानमंत्री ने संकेत दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने सिर हिलाया।
सेनापतियों ने समझ लिया—
अब सब कुछ बदल गया है।
10 मई, तड़के।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ – चरण 3।
ब्रह्मोस-ए मिसाइलें।
SPICE 2000 बंकर भेदी बम।
रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक—
11 सटीक हमले।
11 लक्ष्य।
विस्फोट।
पाकिस्तान के 11 वायुसेन्य ठिकाने मिटा दिए गए:
नूर ख़ान,
रफ़ीक़ी,
मुरीद,
सुक्कुर,
सियालकोट,
पस्रूर,
चुनियां,
सरगोधा,
स्कार्दू,
भोलेरी,
जैकबाबाद।
राडार समाप्त।
पर इनमें से तीन?
इन्होंने सैन्य सिद्धांत को फिर से लिखा।
नूर ख़ान – रावलपिंडी।
सरगोधा – पाकिस्तान की परमाणु नस।
जैकबाबाद – F-16 और परमाणु भंडार का गढ़।
और तभी धरती कांपी।
1:44 AM – भूकंप, तीव्रता 4.1।
3:40 AM – एक और झटका, तीव्रता 5.7।
कोई भौगोलिक दोष रेखा नहीं।
बस प्रभाव।
भारत ने परमाणु बंकरों को खोल दिया।
पाकिस्तान कांप उठा।
7:40 AM – पाकिस्तान ने आपातकालीन NCA बैठक बुलाई।
भारत ने फिर से लिखा।
नक्शे बदले।
परतें उधेड़ीं।
विनाश रचा।
बस एक और वार—
और पाकिस्तान इतिहास बन जाता।
हताशा हावी हो गई।
हॉटलाइनें गूंज उठीं:
वॉशिंगटन।
ब्रसेल्स।
बीजिंग।
अमेरिका समझ गया—पाकिस्तान गया।
दक्षिण एशिया में उसकी पकड़ ढह जाएगी।
इसी बीच—
रूस तैयार था।
यूक्रेन युद्धविराम।
पुतिन ने हामी भरी।
10 मई शाम—घोषणा तय थी।
फिर… रुकावट।
पुतिन ठिठके।
ट्रंप बौखलाया।
रुख बदला।
भारत–पाकिस्तान बना उसका नया मंच।
उसने दिल्ली फोन किया:
"इसे रोको।"
भारत बोला:
"हमारी शर्तों पर ही।"
उसने इस्लामाबाद को कहा:
"तुम पहल करो।"
3:35 PM – 10 मई।
पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO को संदेश भेजा:
"हम हथियार डालने को तैयार हैं।"
ट्रंप को सुर्खियां चाहिए थीं।
5:33 PM – वह बाज़ी मार गया।
घोषणा कर दी—युद्धविराम की।
भारत के बोलने से पहले ही।
5:38 PM – पाकिस्तान ने आधिकारिक किया।
अमेरिका को धन्यवाद दिया।
हार को रणनीति की तरह पेश किया।
6:00 PM – भारत का विदेश मंत्रालय बोला।
ठंडा।
सटीक।
अप्रभावित।
लेकिन परदे के पीछे—
चीन बौखला गया।
"हमें अंधेरे में कैसे रखा?"
उन्होंने इस्लामाबाद को फटकारा।
और उस दरार को भरने के लिए,
पाकिस्तान ने युद्धविराम तोड़ दिया—
बीजिंग को खुश करने के लिए।
अब ख़ुद से पूछिए—
क्या वो भूकंप प्राकृतिक थे?
या ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के बंकरों में फुसफुसाया?
क्या भारत ने परमाणु ठिकानों पर हमला किया?
क्या ट्रंप ने पुतिन की चुप्पी पर छलांग लगाई?
क्या F-16 उड़ने से पहले गिरा दिए गए?
क्या चीन हमेशा से कॉकपिट में छिपा भूत था?
क्या ट्रंप ने भारत को मजबूर किया?
और मोदी अब भी चुप क्यों हैं?
और आख़िरी सवाल:
क्या सच में कोई युद्धविराम हुआ था...
जब कुछ भी हस्ताक्षरित नहीं था?
या यह एक मायाजाल है—
अमेरिकी अहम की टेप,
चीनी क्रोध की बारूद,
जो अभी फटने बाकी है?
मौन को देखिए।
यही वह जगह है—जहाँ सत्य साँस लेता है।
@TriShool_Achuk ये त्रिशूल तो पक्का राष्ट्रवादी है।पक्का। सेल्यूट करता हूं ।आत्मबल प्रदान करता है ऐसे लेख।
वरना यहां तो सब अपने ही अपनो को कोशते नही थकते।ठंडक मिलती है ऐसे विचारों से।
एक चीज बहुत अच्छी हो गयी!!
पहलगाम हुआ
कुछ मयायो चिल्लाने लगे... पानी बन्द करने से क्या होगा.. पाकिस्तान की हवा टाइट करो...
जब हवा टाइट होने लगी तो कहने लगे.. say no to war.. शांति चाहिए फलाना ढिकाना...
सीज फायर हुआ तो कहने लगे.. कहाँ गया 56 इंच का सीना.. इंदिरा होती तो ऐसा करती वैसा करती...
अब कल ये मुहं दिखाने लायक नही रहेंगे! 😂😂
लो जी अब तो हो गया खुलासा 🔥
कोई धक्का मुक्की नहीं आराम से दर्शन करो
ये है पाकिस्तान का हाल . स्क्रीनशॉट देखो . UK डिफेंस जर्नल ने पाकिस्तान की ऐसी की तैसी कर दी है
UK डिफेंस जर्नल ने साफ़ और सीधा सीधा कहा है की पाकिस्तान सरकार के official ट्विटर अकाउंट ने वीडियो गेम arma 3 की वीडियो डाल कर ये दावा किया था की ये असली रिस्पांस है भारत के आक्रमण का
अब तो हो गया खुलासा अब कुछ बोलना है 😂
इंदिरा गांधी बनना बाकई आसान नहीं है।
देखो कैसे 👇
∆ आसान थोड़ी है एक टांग दिल्ली, दूसरी टांग लाहौर तक फैलाकर खालिस्तान को जन्म देना।
∆ आसान थोड़ी है 1971 शिमला समझौते में भुट्टो के आगे टेबल पर हार जाना।
∆ आसान थोड़ी है POK और चिकन नेक की बात पर खामोश हो जाना।
∆ आसान थोड़ी है 93000 आतंकवादियों को खिला पिला मेहमान नवाजी कर वापस पाकिस्तान के हवाले कर देना।
∆ आसान थोड़ी है 5 करोड़ बांग्लादेशियों को सदा के लिए भारत में रख लेना।
∆ आसान थोड़ी है हजारों सिक्ख भाइयों की मौत पर आंख नाक कान बंद करके खालिस्तान की भावना प्रोवोक करना।
∆ आसान थोड़ी है जबरदस्ती हिंदुओं को पकड़कर नसबंदी करा देना। आसान थोड़ी है इमर्जेंसी घोषित करना।
लिखने के लिए तो बहुत कुछ है मगर इतना पढ़ेगा कौन... खैर बात तो सच है :
वाकई, आसान नहीं है इंदिरा गांधी बनना।