#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर Satguru Rampal Ji Maharaj भाई बाले वाली जन्म साखी के पृष्ठ 189 में लिखा है:
खालक आदम सिरजिया आलम बड़ा कबीर।
सजदे करे खुदाई नू आलम बड़ा कबीर।
कायम दायम कुदरती सिर पिरां दे पीर।
श्री नानक जी ने कहा है कि काजी रूकनदीन जिस खुदा ने आदम जी की उत्पत्ति १/२
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
सूक्ष्मवेद में कहा है कि
झांकी देख कबीर की नानक किती वाह।
वाह सिक्खां दे गल पड़ी कौन छुड़ावै ता।।
भावार्थ कबीर साहेब को सतलोक में सर्व सृष्टि कर्ता रूप में देखने के बाद उन्होंने "वाहेगुरु" शब्द निकला। वही जिंदा महात्मा के रूप में उनके गुरु थे।
धानक रूप कौन है?
अर्थात कबीर साहेब को सतलोक में सर्व सृष्टि के रचनहार के रूप में देखने के बाद श्री नानक जी के मुख से "वाहेगुरु" शब्द निकला। क्योंकि नानक जी को जिंदा महात्मा के रूप में कबीर साहेब ही मिले थे जो उनके गुरु थे।
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
Satguru Rampal Ji Maharaj
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
जन्म साखी के पृष्ठ 470-471 पर एक मुगल पठान ने पूछा कि आपका गुरू कौन है? श्री नानक जी ने उत्तर दिया कि जिन्दा पीर है। वह परमेश्वर ही गुरू रूप में आया था। उसका शिष्य सारा जहाँ है।🙌🏻🌎
Satguru Rampal Ji Maharaj
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
जन्म साखी के पृष्ठ 470-471 पर एक मुगल पठान ने पूछा कि आपका गुरू कौन है? श्री नानक जी ने उत्तर दिया कि जिन्दा पीर है। वह परमेश्वर ही गुरू रूप में आया था। उसका शिष्य सारा जहाँ है।🙌🏻🌎
Satguru Rampal Ji Maharaj
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
श्री नानक जी को जुलाहे (धाणक) के रूप में दर्शन देने वाले कोई और नहीं बल्कि सर्वशक्तिमान भगवान कबीर जी ही थे, जो जिंदा बाबा के रूप में नानक देव जी से मिले थे और उन्हें दीक्षा भी दी थी।
Satguru Rampal Ji Maharaj
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
गुरु ग्रंथ साहिब में राग 'सिरी' महला 1, पेज नं. 24, शब्द क्रम���ंक. 29 में यह प्रमाण है कि नानक जी को जुलाहे (धाणक) के रूप में दर्शन देने वाले सर्वशक्तिमान कोई ओर नहीं बल्कि भगवान कबीर जी ही थे (1/2)
Satguru Rampal Ji Maharajआलम बड़ा कबीर
भाई बाले वाली जन्म साखी के पृष्ठ 189 में नानक जी ने कहा है कि
खालक आदम सिरजिया आलम बड़ा कबीर।
काईम दाइम कुदरती सिर पीरा दे पीर।।
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
"नानक बुगोयद जन तुरा तेरे चाकरा पाखाक।"
गुरुनानक देव जी ने कबीर जी की कृपा का गुणगान करते हुए, उन्हें बेएब परवरदीगार कहा। आलम बड़ा कबीर!
Satguru Rampal Ji Maharaj
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सूक्ष्मवेद में कहा है कि
झांकी देख कबीर की नानक किती वाह।
वाह सिक्खां दे गल पड़ी कौन छुड़ावै ता।।
भावार्थ कबीर साहेब को सतलोक में सर्व सृष्टि कर्ता रूप में देखने के बाद उन्होंने "वाहेगुरु" शब्द निकला। वही जिंदा महात्मा के रूप में उनके गुरु थे।
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राग तिलंग महला 1‘‘ पंजाबी गुरु ग्रन्थ साहेब पृष्ठ नं. 721 पर श्री गुरु नानक जी ने स्पष्ट कहा हैं कि हे हक्का कबीर (सत् कबीर)! आप निर्विकार दयालु परमेश्वर हो। आप से मेरी एक अर्ज है कि मैं तो सत्यज्ञान वाली नजर रहित तथा आपके सत्यज्ञान के सामने
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
राग तिलंग महला 1‘‘ पंजाबी गुरु ग्रन्थ साहेब पृष्ठ नं. 721 पर श्री गुरु नानक जी ने स्पष्ट कहा हैं कि हे हक्का कबीर (सत् कबीर)! आप निर्विकार दयालु परमेश्वर हो। आप से मेरी एक अर्ज है कि मैं तो सत्यज्ञान वाली नजर रहित तथा आपके सत्यज्ञान के सामने तो 1/2
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भाई बाले वाली जन्म साखी के पृष्ठ 189 में नानक जी ने कहा है कि:-
खालक आदम सिरजिया आलम बड़ा कबीर।
काईम दाइम कुदरती सिर पीरा दे पीर।।
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
गुरु ग्रंथ साहिब में राग 'सिरी' महला 1, पेज नं. 24, शब्द क्रमांक. 29 में यह प्रमाण है कि नानक जी को जुलाहे (��ाणक) के रूप में दर्शन देने वाले सर्वशक्तिमान कोई ओर नहीं बल्कि भगवान कबीर जी ही थे (1/2)
#सजदेकरे_खुदाईनू_आलम_बड़ा_कबीर
श्री नानक जी को जुलाहे (धाणक) के रूप में दर्शन देने वाले कोई और नहीं बल्कि सर्वशक्तिमान भगवान कबीर जी ही थे, जो जिंदा बाबा के रूप में नानक देव जी से मिले थे और उन्हें दीक्षा भी दी थी।
Satguru Rampal Ji Maharaj
धानक रूप कौन है?
अर्थात कबीर साहेब को सतलोक में सर्व सृष्टि के रचनहार के रूप में देखने के बाद श्री नानक जी के मुख से "वाहेगुरु" शब्द निकला। क्योंकि नानक जी को जिंदा महात्मा के रूप में कबीर साहेब ही मिले थे जो उनके गुरु थे।
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जन्म साखी के पृष्ठ 470-471 पर एक मुगल पठान ने पूछा कि आपका गुरू कौन है? श्री नानक जी ने उत्तर दिया कि जिन्दा पीर है। वह परमेश्वर ही गुरू रूप में आया था। उसका शिष्य सारा जहाँ है।
Satguru Rampal Ji Maharaj
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क्या कहती है पवित्र भाई वाले वाली साखी कबीर साहब जी के बारे में गुरु नानक देव जी के मुख कमल से
Satguru Rampal Ji Maharaj
#शिव_से_भी_समर्थ_कौनहै
शिव जी जन्म और मृत्यु के चक्र में आते हैं क्योंकि शिव जी की आयु सीमित है। जबकि कबीर परमात्मा अमर हैं, उनकी कोई उम्र नहीं है।
अधिक जानकारी के लिए देखिए वीडियो "शिव की समर्थता - Part 1" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
Immortal God Kabir