पूरी क्रोनोलॉजी इस प्रकार है.
चंदूलाल खटमिटिया और गफूर मुरब्बावाला बढ़ती महंगाई, गिरता रुपया, NEET पेपर लीक और बीमार अर्थव्यवस्था से बहुत परेशान थे.
चंदूलाल खटमिटिया के इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन फॉलोवर्स हैं, वहीं गफूर मुरब्बावाला के 2.5 मिलियन फॉलोवर्स हैं. सोशल मीडिया पर दोनों सरकार की जमकर आलोचना कर रहे थे.
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म होता है. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए सोशल मीडिया पर बड़ा आंदोलन होता है.
अचानक कुछ दिन बाद अंजना ओम कश्यप की एंट्री होती है. ऑनलाइन शिक्षकों की जमकर आलोचना करती हैं. पूरे सोशल मीडिया पर अंजना ओम कश्यप बनाम शिक्षक हो जाता है
फिर खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला होता है. अब सोशल मीडिया पर M बनाम Y कर दिया गया.
अब चंदूलाल खटमिटिया रोशन यादव सर के समर्थन में लिख रहा है, वहीं गफूर मुरब्बावाला खान सर का पक्ष लेकर लिख रहा है.
सरकार के खिलाफ बोलने वाले शिक्षक अंजना ओम कश्यप को जवाब देने में उलझे हुए हैं. फिलहाल सरकार एकदम मस्त और स्वस्थ है. महंगाई से बेहाल तो चंदूलाल खटमिटिया और गफूर मुरब्बावाला हैं.
खान सर..!!
लाखों बच्चों को सिर्फ₹200 में पढ़ाया,
16 करोड़ की मशीन खरीद कर
मात्र 50 रुपए में इलाज करने वाले खान सर
आज़ इस सिस्टम और समाज के लिए मुजरिम बन गए?
अपने हर वीडियो में पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाने वाले खान सर
आज़ अपनों के लिए गद्दार बन गए..??
होली और रक्षाबंधन मनाने वाले गुरुजी
आज़ कुछ लोगों के लिए सिर्फ मुसलमान बन गए.??
जिन्हें कल तक लोग खान सर कहते थे
आज़ वो लोगों के लिए फैजल खान बन गए..??
सरेआम भारत माता के आगे सर झुकाने वाले सर
आज़ कुछ नफ़रती लोगों के लिए जिहादी बन गए.?
वाह रे सिस्टम वाह रे मीडिया.......
जब कोई पत्रकार किसी शिक्षक पर टिप्पणी करे तो उसे अभिव्यक्ति की आजादी कहा जाता है. लेकिन जब कोई नागरिक अपने शिक्षक के सम्मान में खड़ा हो जाए तो उन पर मुकदमा ?
यह मुकदमा नही, बल्कि धमकी है अगर मेरे खिलाफ बोला तो ठीक नही होगा. अगर दो शब्द लिखने पर कोई अदालत का दरवाजा खटखटाता है तो ये चिंताजनक है.
@SamKhasa_ ने कोई अपराध नही किया है. उन्होंने उन लोगों का पक्ष में आवाज उठाई जिनसे लाखों छात्र ज्ञान प्राप्त करते हैं. जिनके कारण लाखों छात्रों का भविष्य बनता है.
आवाज उठाने के कारण आज Sandeep Khasa पर मुकदमा हुआ है, कल किसी और पर होगा. लग रहा है मीडिया के कुछ ताकतवर लोग नही चाहते हैं आम आदमी अपने मन की बात लिखे बोले ?
लोकतंत्र की असली ताकत यह है कि एक आम आदमी भी बिना डर अपनी बात कह सके. अगर नागरिकों की आवाज को मुकदमों से दबाने की कोशिश होगी तो नुकसान एक व्यक्ति का नही पूरे लोकतांत्रिक व्यवस्था का होगा.
UP के युवा शिक्षक के लिए BIHAR में Khan Sir बनना आसान नही है.
Khan Sir के लिए पढ़ाई को दिहाती स्टाइल में आसान भाषा में समझाना शुरू किया, ग्रामीण इलाकों के गरीब छात्रों को पढ़ाई आसान लगने लगी.
Khan Sir ने Bihar और UP के छात्रों के मन से इंग्लिश का डर और Inferiority Complex से निकाला.
Khan Sir ने कोचिंग शिक्षा इतना सस्ता किया कि समाज के निचले पायदान पर पड़े छात्रों को भी शिक्षा का Access मिलने लगा. यहीं से Khan Sir शिक्षा माफिया के आंखों की किरकिरी बन गए.
Khan Sir को 107 करोड़ रुपए ऑफर किया गया. उन्होंने इंकार कर अपने कोचिंग ब्रैंड को बेचने से मना कर दिया.
Khan Sir के कारण अन्य कोचिंग संस्थानों को भी फीस घटानी पड़ी. Khan Sir के बिना Bihar की कल्पना कर के देखिए. अगर Khan Sir ने गलती की है तो उन्हें सजा न्यायपालिका देगी, ना कि सोशल मीडिया की पंचायत या गोदी मीडिया.
अंजना ओम कश्यप और इंडिया टुडे ग्रुप ने खान सर, अभिनव सर और बबिता त्यागी समेत 8 लोगों पर दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया है.
अंजना ओम कश्यप ने याचिका में उनके एक्स मेटा यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर प्रसारित सभी वीडियो को डिलीट करने की मांग की है.
इस मामले में 2,00,00,000 रुपए हर्जाना भी मांगा गया है.
यानी अंजना ओम कश्यप न्यूज़ रूम में जो मर्जी बोले, शिक्षकों का अपमान करें लेकिन अगर शिक्षक पलट कर जवाब दे तो उन पर मुकदमा करना, यह तो तानाशाही है.
ख़ान Sir का पूरा वीडियो देखिए तो आपको पूरी सच्चाई पता चलेगी।
इस लड़ाई को यादव-मुस्लिम मत बनाइये BJP दोनों की दुश्मन है।
सब लोग देखते रहिए सरकार जल्द से जल्द ED,CBI, इनकम टैक्स की रेड भी खान Sir पर करायेगी। सरकार ने तैयारी करनी शुरू कर दी होगी ।
गरीब बच्चों को शिक्षा देने वाले शिक्षकों को तो बख्श दो मोदी जी ।
बिजनेस के नजर से देखा जाए तो अलख पांडेय सर और दिव्यकिर्ती सर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.
छात्रों की संख्या के आधार पर देखा जाए तो खान सर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.
खान सर ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों में UPSC - 600, 900 और 1000 रुपए में करा रहे हैं.
खान सर कल तक अच्छे थे. कोचिंग सेंटर हमले में अचानक रोशन यादव सर का नाम लेने से खान सर खलनायक कैसे हो गए.
मेरा मानना है सोशल मीडिया पर खान सर बनाम रोशन यादव नही करना चाहिए. RW वाले तो मजा ले रहे हैं.
डॉ बाबा साहेब अंबेडकर ने अपनी पूरी जीवनी कभी नही लिखी, उन्होंने WAITING FOR VISA लिखी है,
वेटिंग फॉर वीजा को ही हम लोग बाबा साहेब की जीवनी मानते हैं. इस किताब को पढ़ेंगे तो गांधी को ट्रेन के डिब्बे से बाहर फेंकने वाली घटना मामूली लगेगी.
अभिजीत दीपके चाहता तो आज वेटिंग फॉर वीजा या Annihilation of Caste किताब को लहरा सकता था. लेकिन उसने ऐसा नही किया, कारण इन दोनों किताबों से सवर्ण इलीट को समस्या है.
मार्केट में डॉ बाबा साहेब अंबेडकर पर लिखी हज़ारों ऑटोबायोग्राफी आ चुकी है. 99% किताबों को गलत जानकारी दी गयी. कुछ में लिखा बाबा साहेब संघ की शाखा में जाते थे.
क्या आपने Waiting For Visa और Annihilation of Caste पढ़ी है. अगर नही पढ़ी है तो आप लोगों को झंडू बाम घोषित करता हूँ.
1990 में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कर OBC 27% आरक्षण दिया.
वीपी सिंह के कार्यकाल में डॉ बाबा साहेब अंबेडकर को भारतरत्न दिया गया.
वीपी सिंह की सरकार पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों की थी. यहां तक उन्होंने बहुजन समाज के लिए अपना प्रधानमंत्री पद दांव पर लगा दिया.
27% OBC आरक्षण लागू करने के कारण BJP ने उनकी सरकार गिरा दी. बाद में OBC SC ST जातियों ने VP SINGH को अपना नेता नही माना,
अब VP SINGH ठाकुर लगने लगे थे. OBC SC ST ने अपनी अपनी जातियों के नेताओं के नेतृत्व को स्वीकार किया. आज KHAN SIR के साथ वही वो रहा है. आज खान सर का धर्म खोजा जा रहा है. अपनी जाति के सर में मसीह खोजा जा रहा है.
बिहार में शिक्षा में क्रांति की शुरुआत आनंद कुमार सर ने की थी.
गणित विषय के महाज्ञानी आनंद कुमार ने देखा अमीर घरों ने बच्चे महंगी कोचिंग हासिल कर IIT में पहुंच रहे हैं.
बिहार में ऑफलाइन कोचिंग माफिया का वर्चस्व था जो IIT और UPSC के नाम पर लाखों रुपए छात्रों से लूट रहे थे.
आनंद कुमार सर ने 2002 में गरीब बच्चों के लिए सुपर-30 क्लास की शुरुआत की. 2018 तक 510 में से 422 छात्र IIT में पहुंचे.
KHAN SIR ने आनंद कुमार सर की तरह 200, 500, 1000 और 2000 रुपए में गरीब घरों के बच्चे को पढ़कर दरोगा और अफसर बनाने का काम किया है. इन दोनों के शिक्षकों के कारण बिहार के शिक्षा माफिया की कमर टूट गयी.
200 रुपए में गरीब बच्चों को पढ़ाकर पुलिस दरोगा और सरकारी अधिकारी बनाने वाले खान सर को अब फैजल खान बताकर फेक न्यूज़ फैलाकर बदनाम किया जा रहा है.
खान सर जब फेमस हुए थे तब मनुवादी मीडिया उन्हें अमित सिंह समझ लिया,
कोई चैनल उनको ब्राह्मण समझ कर अपने टीवी चैनल में बुलाकर इंटरव्यू किया. तब कहा गया शिक्षक की कोई जाति नही होती, शिक्षक केवल शिक्षक होता है.
जब मीडिया को पता चला खान सर मुसलमान हैं तो उन जैसों की आत्मा फट गयी जो समझ रहे थे खान सर सवर्ण हिन्दू हैं.
NEET पेपर लीक में जो पकड़े गए हैं उनका एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ? उनके घर को तोड़ा क्यों नहीं गया?
NTA का अफसर कहता है- पेपर लीक नहीं हुआ, कुछ सवाल बाहर आ गए.
ये अफसर अगर अस्पताल में होता तो कहता- मरीज मरा नहीं है, सांसें बंद हो गई हैं.
- खान सर
Khan Sir ने कहा दिल्ली के चाणक्यपुरी में एक प्राइवेट स्कूल को 8 एकड़ जमीन केवल एक रुपए में दी गयी.
Khan Sir ने बताया इस स्कूल की फीस इतनी महंगी है कि आम आदमी के बच्चे नही पढ़ पाते.
Khan Sir ने कहा, इसी स्कूल में एक बड़े पत्रकार के बच्चे पढ़ते हैं.
इस स्कूल ने दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में 8 एकड़ भूमि एक रुपए में हासिल कर 60% सीट A ग्रेड सरकारी अफसरों के बच्चे के लिए आरक्षित कर दिया.
मामला दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा है. बात शिक्षा माफिया पर नही हो रही है. कम दरों पर शिक्षा उपलब्ध कराने वाले शिक्षकों को टारगेट कर देश कर शिक्षा माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है.
ये Exampur के फाउंडर टीचर Vivek Sir है जो रो रहे हैं 😭
इनके कोचिंग को नगर निगम प्रयागराज द्वारा सील कर दिया गया है।
इनका गुनाह बस इतना है कि इन्होंने पेपर लीक के खिलाफ 29 मई को Allahabad में हुए आंदोलन में छात्रों का साथ दिया था।
इनके कोचिंग में 200 से ज्यादा स्टाफ काम करते है,कोचिंग सील होने के बाद सबकी रोजी रोटी खतरे में पड़ गई है।
क्या एक टीचर का प्रतियोगी छात्रों का साथ देना गुनाह है???
हम सभी लोग @kmrvivek14 सर के साथ मजबूती से खड़े है।
जिस पटना में 14 एकड़ के बंगले में मुख्यमंत्री जी मौज कर रहे हैं ,उसी पटना में खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग हो रही है।
गार्ड को गोली भी लगी है।
जिधर देखो बिहार में उधर ही कट्टा चल रहा है! कुछ दिखाई दे रहा है मुख्यमंत्री जी?
देश की सबसे बड़ी खबर होनी चाहिए. लेकिन OBC SC ST खुद बेखबर हैं.
हाई कोर्ट के 4 सिटींग चीफ जस्टिस और एक सीनियर एडवोकेट को कोलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में जज बना दिया.
1990 में जब OBC SC ST ने विधायिका और कार्यपालिका यानी पार्लियामेंट और सरकार पर आधिपत्य स्थापित बनाना शुरू किया,
1993 में सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कोलेजियम सिस्टम की स्थापना की, जिसमें जज ही जजों को चुनते हैं.
भारत में हर दूसरा नागरिक OBC है, हर तीसरा नागरिक SC-ST हैं. सुप्रीम कोर्ट में कितने जज OBC SC ST हैं. क्या डाइवर्सिटी की बात करना गुनाह है ?
गिनती में चौरानवे, पूर्ण हो गए, साल
पर चंचल मन की अभी, वही पुरानी चाल
परम आदरणीय गुरुजी श्री उदयप्रताप सिंह जी को जीवन के चौरानवें सार्थक वर्ष पूरे करने पर हार्दिक शुभकामनाएं। आपका आशीर्वाद अगले बीस वर्ष और हम पर यूं ही बना रहे, ऐसी कामना करते हैं।
• कांग्रेस के समय पेट्रोल महंगा हो तो “जनता पर बोझ”।
• बीजेपी के समय पेट्रोल महंगा हो तो “देशहित में योगदान”।
• कांग्रेस के समय डॉलर महंगा हो तो “अर्थव्यवस्था खतरे में”।
• बीजेपी के समय डॉलर महंगा हो तो “ग्लोबल फैक्टर”।
• कांग्रेस के समय बेरोजगारी हो तो “युवा बर्बाद”।
• बीजेपी के समय बेरोजगारी हो तो “स्टार्टअप करो, पकौड़े तलो, स्किल सीखो”।
• कांग्रेस के समय महंगाई हो तो सरकार फेल।
• बीजेपी के समय महंगाई हो तो “दुनिया में देखो क्या हाल है, भारत फिर भी बेहतर है।”
• मतलब तुलना भी सुविधा के हिसाब से, सवाल भी सुविधा के हिसाब से और राष्ट्रवाद भी सुविधा के हिसाब से।
• जब श्रेय लेना हो तो भारत विश्वगुरु है।
जब जवाब देना हो तो भारत पाकिस्तान से बेहतर है।
• यही बीजेपी और मीडिया हाउसों का असली दोगलापन है।
गाज़ियाबाद में किसान जाटव ने अपनी गाड़ी सड़क किनारे पार्क की थी, गाड़ी पर डॉ बाबा साहेब अंबेडकर का स्टिकर लगा हुआ था.
पुलिस इंस्पेक्टर ने बाबा साहेब की फोटो देखकर किसन जाटव की गाड़ी का चालान कर दिया,
किसन जाटव ने सवाल उठाया कि आसपास अन्य गाड़ियां भी खड़ी हैं उन गाड़ियों का चालान क्यों नही किया.
इंस्पेक्टर ने उल्टा जवाब दिया हमारी मर्जी जो करना है कर लो.
आज इंस्पेक्टर को डॉ बाबा साहेब अंबेडकर की फोटो पर फूल माला पहनाकर माफी मांगनी पड़ी.
डॉ बाबा आंबेडकर का सम्मान बरकरार रखने में जाटव समाज सबसे अग्रणी भूमिका में है. जाटव समाज ही सामाजिक न्याय के लिए फ्रंट लाइन पर खड़ा होकर लड़ने वाला योद्धा है.