Dhongi must be exposed as impotent for abandonment from his own parivaar n hence he has been attacking pariwarwad to solace himself. Poor chap. Excuse him....@amitmalviya please TC of your najayaj BAAP before he gets truly MAD (MADegree).....@INCIndia@abhisar_sharma
प्रधानमंत्री मोदी परिवारवाद पर बड़ा बबकते हैं.
वह आज बिहार में प्रथम चरण की 4 सीटों का प्रचार करेंगे. चारों सीटों पर विशुद्ध 𝟏𝟎𝟎% परिवारवादी उम्मीदवार हैं.
आशा है वह आज भी परिवारवाद का ज़िक्र ज़रूर करेंगे वरना लोग उन्हें ढोंगी कहेंगे
1. जमुई- अरुण भारती- पूर्व MLC ज्योति पासवान के सुपुत्र, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व॰ रामविलास पासवान के दामाद एवं LJP (R) के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष के जी���ा जी
2. औरंगाबाद- सुशील कुमार सिंह, पूर्व MP राम नरेश सिंह के बेटे
3. गया- जीतनराम माँझी- मंत्री �� MLC संतोष सुमन के पिता तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की MLA ज्योति देवी के समधी
4. नवादा- विवेक ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर के बेटे
इसके अलावा अभी तक बिहार में घोषित यह भी विशुद्ध परिवारवादी उम्मीदवार हैं 👇👇
5. पटना साहिब- रविशंकर प्रसाद, पूर्व मंत्री ठाकुर प्रसाद के बेटे
6. सासाराम- शिवेश राम- पूर्व केंद्रीय मंत्री मुन्नी लाल के बेटे
7. हाजीपुर- चिरा��� पासवान- पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व॰ रामविलास पासवान के बेटे
8. समस्तीपुर- शांभवी चौधरी- मंत्री अशोक चौधरी की बेटी और पूर्व मंत्री स्व॰ महावीर चौधरी की पौत्री
9. शिवहर- लवली आनंद- पूर्व MP आनंद मोहन की पत्नी तथा वर्तमान MLA चेतन आनंद की माँ
10. वाल्मीकिनगर- सुनील कुमार, पूर्व मंत्री वैद्यनाथ महतो के बेटे
11. प. चंपारण- संजय जायसवाल, पूर्व MP मदन जायसवाल के बेटे
12. मधुबनी-- अशोक यादव, पूर्व MP हुकुमदेव यादव के बेटे
13. वैशाली- वीणा देवी, JDU MLC दिनेश सिंह की पत्नी
14. सीवान- विजय लक्ष्मी- पूर्व MLA रमेश कुशवाहा की पत्नी
प्रधानमंत्री मोदी परिवारवाद पर बड़ा बबकते हैं.
वह आज बिहार में प्रथम चरण की 4 सीटों का प्रचार करेंगे. चारों सीटों पर विशुद्ध 𝟏𝟎𝟎% परिवारवादी उम्मीदवार हैं.
आशा है वह आज भी परिवारवाद का ज़िक्र ज़रूर करेंगे वरना लोग उन्हें ढोंगी कहेंगे
1. जमुई- अरुण भारती- पूर्व MLC ज्योति पासवान के सुपुत्र, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व॰ रामविलास पासवान के दामाद एवं LJP (R) के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष के जीजा जी
2. औरंगाबाद- सुशील कुमार सिंह, पूर्व MP राम नरेश सिंह के बेटे
3. गया- जीतनराम माँझी- मंत्री व MLC संतोष सुमन के पिता तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की MLA ज्योति देवी के समधी
4. नवादा- विवेक ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर के बेटे
इसके अलावा अभी तक बिहार में घोषित यह भी विशुद्ध परिवारवादी उम्मीदवार हैं 👇👇
5. पट���ा साहिब- रविशंकर प्रसाद, पूर्व मंत्री ��ाकुर प्रसाद के बेटे
6. सासाराम- शिवेश राम- पूर्व केंद्रीय मंत्री मुन्नी लाल के बेटे
7. हाजीपुर- चिराग पासवान- पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व॰ रामविलास पासवान के बेटे
8. समस्तीपुर- शांभवी चौधरी- मंत्री अशोक चौधरी की बेटी और पूर्व मंत्री स्व॰ महावीर चौधरी की पौत्री
9. शिवहर- लवली आनंद- पूर्व MP आनंद मोहन की पत्नी तथा वर्तमान MLA चेतन आनंद की माँ
10. वाल्मीकिनगर- सुनील कुमार, पूर्व मंत्री वैद्यनाथ महतो ��े बेटे
11. प. चंपारण- संजय जायसवाल, पूर्व MP मदन जायसवाल के बेटे
12. मधुबनी-- अशोक यादव, पूर्व MP हुकुमदेव यादव के बेटे
13. वैशाली- वीणा देवी, JDU MLC दिनेश सिंह की पत्नी
14. सीवान- विजय लक्ष्मी- पूर्व MLA रमेश कुशवाहा की पत्नी
#KARNATAKA
Tejasvi Surya got caught doing sneaky stuff and making college students march for him in South Bangalore.
Jain College students in VV Puram, Bangalore, say they're being forced to go to Tejasvi Surya's rally for his nomination. If they don't go, they won't get attendance marked.
They are being told to wear T-shirts with Tejasvi Surya's name and chant slogans supporting him during the nomination rally.
Dictatorship at its peak….
#KARNATAKA
Tejasvi Surya got caught doing sneaky stuff and making college students march for him in South Bangalore.
Jain College students in VV Puram, Bangalore, say they're being forced to go to Tejasvi Surya's rally for his nomination. If they don't go, they won't get attendance marked.
They are being told to wear T-shirts with Tejasvi Surya's name and chant slogans supporting him during the nomination rally.
Dictatorship at its peak….
To Curb Corruption:
Manmohan Singh bought Right to Information Act,
While Narendra Modi bought Anonymous Electoral Bond Scheme.
But as per Rishi Bagree, Manmohan Singh was Corrupt but Modi Ji is Honest PM.
To Curb Corruption:
Manmohan Singh bought Right to Information Act,
While Narendra Modi bought Anonymous Electoral Bond Scheme.
But as per Rishi Bagree, Manmohan Singh was Corrupt but Modi Ji is Honest PM.
Mr. EAM #DrSJaishankar - If changing names of cities do not have any significance why were the names of these cities & places changed in India.
- Gurugram
- Pryagraj
- Atal Nagar
- Narmadapuram
- Chhatrapati Sambhajinagar
- Dharashiv
- Ayodhya
- Deen Dayal Upadhyay Railway Station
- Rani Kamlapati Railway Station
- Kartavyapath
- Arun Jaitley Stadium
- Narendra Modi Stadium
- Kavayitri Bahinabai Chaudhari North Maharashtra University
- Raja Shankar Shah University
- Prof. Rajendra Singh (Rajju Bhaiya) University
- Maa Birasini Dham
- Makhan Nagar
....etc etc
It costs anywhere between 4-5 Crore for changing a name of the city.
Doesn't it qualify under gross wastage & corruption, going by your very logic when China have renamed more than 30 Indian Villages and towns??
#ChinaRenaming #JaiShankar #ChineseNames #ArunachalPradesh #JaiShankarLogic #RenamingCities
Not a single tweet the entire day from PM Modi condoling the deaths from the earthquake this morning in Taiwan.
Why is Modi so personally afraid of China that he can’t even express the nation’s condolences on a massive tragedy that has struck Taiwan?
Not a single tweet the entire day from PM Modi condoling the deaths from the earthquake this morning in Taiwan.
Why is Modi so personally afraid of China that he can’t even express the nation’s condolences on a massive tragedy that has struck Taiwan?
लखनऊ एयरपोर्ट पर एक साथ 30 गोल्ड स्मगलर्स के भागने के मामले में कस्टम विभाग ने कड़ी कार्रवाई के बजाय सिर्फ एयरपोर्ट पर तैनात स्टाफ को बदल दिया है। किसी के खिलाफ विजिलेंस, सीबीआई जांच के लिए नही लिखा गया और न किसी को निलंबित किया गया। खाड़ी देशों से लखनऊ आने वाली उड़ानें गोल्ड स्मगलिंग के लिए जन्नत बन गई है। यहां दूसरे प्रांतों के यात्री के भेष में स्मगलर्स लैंड करते है और विदेशी सिगरेट की आड़ में सोना निकलवा देते हैं। कहने को बरामदगी सिगरेट की हुई लेकिन करोड़ों का सोना पार हो गया। मंगलवार को भी यही हुआ। 30 सोना तस्कर एयरपोर्ट पर रोके गौर लेकिन कुछ वक्त बाद सब वहां से फरार हो गए या निकाल दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक 14 विदेशी उड़ानें रोजाना लखनऊ उतरती हैं और मिलीभगत के जरिए सिंडिकेट बड़े कारनामे को अंजाम दे रहा है। गोल्ड स्मगलिंग इस समय बड़ा धंधा बना हुआ है लेकिन इस बार पूरी फ्लाइट ���ें 30 सोना स्मगर्ल्स के एक साथ आए और पार भी हो गए तो हल्ला मच गया। सूत्रों के मुताबिक कस्टम कमिश्नर लखनऊ और एडिशनल कमिश्नर इंचार्ज लखनऊ एयरपोर्ट पर अब तक जवाबदेही तय नहीं हुई जबकि छोटे कर्मचारियों को बदली कर दी गई।
#Lucknow @cbic_india @FinMinIndia @cusprevlucknow @CBIHeadquarters
लखनऊ एयरपोर्ट पर ए��� साथ 30 गोल्ड स्मगलर्स के भागने के मामले में कस्टम विभाग ने कड़ी कार्रवाई के बजाय सिर्फ एयरपोर्ट पर तैनात स्टाफ को बदल दिया है। किसी के खिलाफ विजिलेंस, सीबीआई जांच के लिए नही लिखा गया और न किसी को निलंबित किया गया। खाड़ी देशों से लखनऊ आने वाली उड़ानें गोल्ड स्मगलिंग के लिए जन्नत बन गई है। यहां दूसरे प्रांतों के यात्री के भेष में स्मगलर्स लैंड करते है और विदेशी सिगरेट की आड़ में सोना निकलवा दे���े हैं। कहने को बरामदगी सिगरेट की हुई लेकिन करोड़ों का सोना पार हो गया। मंगलवार को भी यही हुआ। 30 सोना तस्कर एयरपोर्ट पर रोके गौर लेकिन कुछ वक्त बाद सब वहां से फरार हो गए या निकाल दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक 14 विदेशी उड़ानें रोजाना लखनऊ उतरती हैं और मिलीभगत के जरिए सिंडिकेट बड़े कारनामे को अंजाम दे रहा है। गोल्ड स्मगलिंग इस समय बड़ा धंधा बना हुआ है लेकिन इस बार पूरी फ्लाइट में 30 सोना स्मगर्ल्��� के एक साथ आए और पार भी हो गए तो हल्ला मच गया। सूत्रों के मुताबिक कस्टम कमिश्नर लखनऊ और एडिशनल कमिश्नर इंचार्ज लखनऊ एयरपोर्ट पर अब तक जवाबदेही तय नहीं हुई जबकि छोटे कर्मचारियों को बदली कर दी गई।
#Lucknow @cbic_india @FinMinIndia @cusprevlucknow @CBIHeadquarters
@Jairam_Ramesh Sirji, if allowed please file a suitable case against this man in my name if possible+ther are many instances, referring to them Mr. Modi also should be cornered in the court of law. My services are always available. We must crush the bloody chor from the country.
डॉ मनमोहन सिंह - शुक्रिया सर
🔸डॉ मनमोहन सिंह आज़ाद हिन्दुस्तान के वह प्रधानमंत्री हुए जिनको अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा ने अपना गुरु बताया
🔸वह प्रधानमंत्री जिन्होंने भारत को सबसे मुश्किल आर्थिक संकट के दौर से एक नहीं दो दो बार उबारा
🔸वह प्रधानमंत्री जिसके कार्यकाल में ना सिर्फ़ देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ�� हुई, उद्योग बढ़े, नौकरियों का सृजन हुआ बल्कि जिसने क़रीब 27 करोड़ लोगों को ग़रीबी से उबारा
🔸वह प्रधानमंत्री जिसने इस देश को सोनिया गांधी जी के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा, मनरेगा, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार देकर, किसानों को कर्ज़ से राहत देकर देश में अधिकार की क्रांति का आरंभ किया
🔹मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत में पंजाब प्रांत के गह गाँव में हुआ था. अपने जीवन के पहले 12 साल डा. सिंह ने उस गाँव में गुज़ारे जहाँ पार्ट बिजली तक नहीं थी,अपनी ��ढ़ाई लिखाई मिट्टी के तेल वाले लालटेन में की, मीलों दूर स्कूल पढ़ने जाते थे
🔹लेकिन इन्हीं मुश्किलों से लड़ कर अपनी मज़बूत इच्छाशक्ति और बुद्धि के बल पर वह पढ़े - उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी से MA किया जिसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज में पढ़ाई की और उसके बाद ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट भी किया. वह पढ़ाई में हमेशा अव्वल नंबर पर रहे और विदेश में भी स्कालरशिप जीत कर पूरी की.
🔹अपनी माँ को कम उम्र में खोने का दुख, देश के विभाजन का दंश, छोटे से गाँव से प्रधानमंत्री तक का सफ़र तय करने वाले मनमोहन सिंह जी ने किसी सार्वजनिक सभा में अपनी कठिनाइयों का रोना नहीं रोया
🔹बल्कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता, गरिमा और बुद्धि की मिसाल बन कर हिंदुस्तान के ही नहीं विश्व की राजनीति और वैश्विक अर्थ��्यवस्थाओं पर अपनी अमिट छाप छोड़ी — राष्ट्र समूहों की मीटिंग में उन्हें सुनने के लिए राष्ट्राध्यक्ष बेताब रहते थे. अपनी किताब A Promised Land में राष्ट्रपति ओबामा लिखते हैं “डा मनमोहन सिंह बुद्धिमान, राजनीतिक और वैचारिक रूप से ईमानदार व्यक्ति हैं. प्रधानमंत्री बनने से पहले ही उन्होंने भारत के लिए असाधारण काम किए हैं, मैं उन्हें भारत के आर्थिक कायाकल्प के चीफ आर्किटेक्ट के रूप में ��ेखता हूँ”.
🔹डा सिंह राजनीति में होने के अलावा एक शिक्षक भी रहे, उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, दिल्ली स्कूल आफ इकोनामिक्स और दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाने का भी काम किया है. अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद जब डा. सिंह UN में काम कर रहे थे, तब उन्हें दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में पढ़ाने का अवसर मिला, जिसके लिए 1969 में वो देश वापस आये
🔹वह विदेश व्यापार विभाग में सलाहकार थे, जहां पर ललित नारायण मिश्र से कुछ असहमति होनहार पर डाक्टर साहेब वापस पढ़ाने जाना चाहते थे, लेकिन इसकी भनक मात्र पड़ने पर इंदिरा जी ने उन्हें वित्त मंत्रालय में प्रमुख आर्थिक सलाहकार नियुक्त कर दिया
🔹मनमोहन सिंह 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे, और 1985 से 1987 तक योजना आयोग के प्रमुख भी रहे.
🔹1991 में जब नरसिम्हा राव अपना कैबिनेट बना रहे थे तब उन्होंने मनमोहन सिंह जी को वित्त मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी. यह वो नाज़ुक दौर था जब देश की अर्थव्यवस्था पर संकट के गहरे बादल मंडरा रहे थे, विदेशी मुद्रा में कमी के चलते देश को सोना गिरवी रखना पड़ा था. ऐसे में डा साहेब की अद्भुत सूझबूझ और आर्थिक विषयों की समझ के कारण ही स्थिरता आई. उन्होंने भारत को ग्लोबलाइज़ेशन का हिस्सा बनाया, विश्व के बड़े बड़े उद्योग भारत आने लगे, मध्यमवर्ग का जन्म हुआ, नौकरी और रोज़गार के साथ आय में वृद्धि हुई, हिंदुस्तान विश्व के लिये एक बड़ा मार्केट बना, वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ा और उसका नतीजा यह रहा कि ग़रीबी पर शिकंजा कसा गया
🔹2004 में जब इंडिया शाइनिंग के जुमले को ध्वस्त करके कांग्रेस की सरकार बनी और सोनिया जी ने प्रधानमंत्री पद का त्याग किया, तब उन्होंने इस अहम ज़िम्मेदारी के लिए डाक्टर साहेब को चुना. एक प्रधानमंत्री रहते हुए जनता की हिस्सेदारी और सरकार की लोगों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित की. 2004-2014 अधिकारों के स्��र्णिम अवसर का दशक था
🔹विरोधियों ने भले डाक्टर साहेब के सामने मर्यादा की सीमा बार बार लांघी, लेकिन उन्होंने कभी भी गरिमा का त्याग नहीं किया. वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले यह कहा कि डाक्टर साहेब रेनकोट पहन कर नहाते हैं, पर उन्होंने अपनी भाषा कभी नहीं विषाक्त की.
🔹यह उनकी दूरदर्शिता ही थी कि उन्होंने नोटबंदी को ‘organised loot और legalised plunder’ कह कर इसके दुष्परिणाम पर चेतावनी दी थी.
🔹अपने कार्यकाल में 17 प्रेस व��र्ता करने वाले डाक्टर साहेब ने जनवरी 2014 में बिलकुल ठीक कहा था - History will be kinder to him.
🔹आज वर्तमान सरकार की विफलताएँ, पूँजीपतियों के लिए बनी नीतियाँ, व्यापक दृष्टिकोण की कमी, आनन फ़ानन में लिये निर्णय जिनकी क़ीमत आज और आने वाली पीढ़ियाँ तक चुकायेंगे - ऐसे में डाक्टर साहेब का धीर गंभीर व्यक्तित्व, सौम्यता, दूरदर्शिता, मुद्दों की समझ और उनके अंदर ल��कतंत्र के लिए सम्मान - उन्हें और विलक्षित बना देता है.
🔹निजी तौर पर आर्थिक और वित्तीय जगत से संबंधित होने के नाते मैं हमेशा से डाक्टर साहेब की ज़बरदस्त प्रशंसक रही हूँ. अप्रैल 2020 में कोरोना काल के दौरान डाक्टर साहेब की अध्यक्षता में बने एक कंसल्टेटिव ग्रुप का सदस्य होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी. पहली मीटिंग में सबका स्वागत करने के बाद उनका मेरा नाम लेकर प्रोत्साहित करना सार्वजनिक जीवन ���ें एक बहुत बड़ी सीख है. आप कितने भी बड़े क्यों ना हों अपने युवा साथियों को दो अच्छे शब्द कहने से आप और बड़े हो जाते हैं - और उनको मिली ऊर्जा का अन्दाज़ भी नहीं लगाया जा सकता.
🔹नीली पगड़ी, मीठी मुस्कान, संयमित भाषा और अपार ज्ञान लिए डाक्टर मनमोहन सिंह 33 वर्ष बाद राज्य सभा से विदा हुए. इस देश की उन्नति, आपकी कर्तव्यपरायणता, मुश्किल वक़्त में कमान सँभालने के लिए और स��से ज़्यादा राजनीति और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बनाये रखने के लिए - शुक्रिया सर.
अब बस भी क���जिए,
@narendramodi जी!
इतना परिश्रम ही पर्याप्त है! आपकी इतनी-सी मेहनत में ही बर्बादी का कितना बड़ा बयान दर्ज हो गया! #गरीबी बढ़ गई, #बेरोजगारी बढ़ गई, #महंगाई भी तो कितनी बढ़ गई!
• लोकतंत्र ही कमजोर हो गया!
• संविधान पर सवाल उठ गया!!
आपसे प्रार्थना है कि अब आप थक ही जाइए! थोड़ा विश्राम भी कीजिए! और आराम के इन पलों में आत्म-चिंतन भी जरूर कीजिए!
यदि ईमानदारी से सोचेंगे, तो देर नहीं करेंगे!
अपना झोला उठाकर, तुरंत च�� ही देंगे!
@BJP4MP | @BJP4India
अब बस भी कीजिए,
@narendramodi जी!
इतना परिश्रम ही पर्याप्त है! आपकी इतनी-सी मेहनत में ही बर्बादी का कितना बड़ा बयान दर्ज हो गया! #गरीबी बढ़ गई, #बेरोजगारी बढ़ गई, #महंगाई भी तो कितनी बढ़ गई!
• लोकतंत्र ही कमजोर हो गया!
• संविधान पर सवाल उठ गया!!
आपसे प्रार्थना है कि अब आप थक ही जाइए! थोड़ा विश्राम भी कीजिए! और आराम के इन पलों में आत्म-चिंतन भी जरूर कीजिए!
यदि ईमानदारी से सोचेंगे, तो देर नहीं करेंगे!
अपना झोला उठाकर, तुरंत चल ही देंगे!
@BJP4MP | @BJP4India
Bada darru toh mounendra hai. Sirf party workers ke saamne gurrata hai. Dikhane ke liye ke usme dam hai. China ka dur dur tak naam lene ki himmat nahi...