@skipper_says@Rj52wala @voiceofhumans01 That's a very good suggestion appreciated & should be implemented but here they are only making them learn the basic thing
Reading of quran shareef only
For higher studies they have to go to recognise madrasa only
@JaikyYadav16 आलोचना करना गलत नही,लेकिन आप कौनसे शब्द इस्तेमाल करते हो यह जरूरी है,जैसे इंग्लिश मैं कहते है"HEALTHY CRITICISM" . हो सकता हैबापकी बात उनको सकारात्मक लगती हो
@bhogleharsha To beat SA in SA by a asian team is incredible & that to a formidable SA team.. Bangladesh did exceptinally well but this pak team is the weakest ever, anyone can beat them..
@voiceofhumans01 मै खास कर टीचर और मोहतरमा की तारीफ करना चाहूंगा, जिनोहने बड़े समझदरी से मसले को हैंडल किया और उम्मीद करता हु जहा का भी यह वीडियो है,लोगो ने मिलकर समझकर मसले का हल निकाला होगा और मख्तब शुरू होगा ...
@Rj52wala @voiceofhumans01 इस्लाम एक ऐसा धर्म है ,जहा हर इंसान को नमाज पढ़ना और अगर नमाज पढ़ना है तो सीखना भी होगा कैसे पड़ना, क्युकी मां बाप के पास वक्त नहीं होता, तो पड़ने किसी के वहा भेज देते है, जिससे पढ़ाने वाले को भी कुछ पैसे मिल जाते है, किसी भी चीज का विरोध करने से पहले उसको समझना जरूरी है ।।।
@Rj52wala @voiceofhumans01 रामावतार भाई कुरान शरीफ की पढ़ाई जो हम और आम बच्चे सीखते है,वो सिर्फ कुरान शरीफ पड़ना होता है, समझ न नही, सही तरीके से पड़ना, इसके लिए बच्चे अपने घर मैं या किसी के वहा सब मोहल्ले के बच्चे मिलकर पड़ने जाते है और यह सब ज्यादातर छोटे बच्चे होते है, इसको आप प्री स्कूल (मख्तब) के सकते