ये झारखंड के गरीब छात्र अपने लिए वाटरप्रूफ टेंट का पैसा भी नहीं जुटा पा रहे हैं…न्याय क्या ख़ाक लेंगे!!
करते रहो ऐसे भीगा आंदोलन ,
कोई नहीं सुनेगा तुम्हारी !!
झारखंड में चल रहे प्रदर्शन में बच्चों के भोजन आदि हेतु मैं @khurpenchh की टीम को एक लाख रुपए की सहयोग राशि अपने दर्शकों की ओर से भेज रहा हूँ। यदि आंदोलन और चलेगा, तो मेरी ओर से सहयोग और भी जाएगा।
#jharkhandprotests
जयपुर वासियों और करनी सेना के महिपाल सिंह समेत हर व्यक्ति को आभार जिन्होंने यूजीसी को भुलाया नहीं और सतत इसके लिए पदयात्रा आदि के माध्यम से लोगों को जोड़ते रहे।
टेंट की अनुमति नहीं, बारिश में भीगते रहे छात्र
छात्रों का आरोप है कि उनके लिए लगाए गए टेंट पर JKLM ने कब्ज़ा कर लिया। बारिश के बावजूद प्रशासन ने उन्हें अलग तंबू लगाने की अनुमति नहीं दी, जबकि निगरानी के लिए कैमरे लगवा दिए गए। इसको लेकर छात्रों ने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं।
रांची में लगातार बारिश हो रही है, लेकिन छात्र आंदोलन में डटे पड़े हैं।
हेमंत सोरेन सरकार छात्रों को टेंट भी नहीं लगाने दे रही है। सही मायने में यही तो लोकतंत्र है।
हेमंत सोरेन तुमको इस्तीफा देना पड़ेगा।
1952 में 600-700 जातियाँ दलित थी, बाबा साहेब के संविधान ने 600 और जोड़ दिया, यानी 5000 वर्ष के मनुवादी, ब्राह्मणवादी व्यवस्था ने 600 अछूत जातियाँ दी, 70 साल के बाबा साहेब संविधान ने 600 और जोड़ा। तार्किक रूप से सुधीजन ये बताएँ कि आरक्षण से जातियों का उत्थान हो रहा है या पतन?
SC के 135-145 IAS ऑफ़िसर्स हैं, 50-62000 क्लास 1 ऑफ़िसर्स, डेढ़ से पौने दो लाख क्लास 2 ऑफ़िसर्स हैं इस देश में। अंबेडकर को उनके शिक्षक ने और तत्कालीन महाराज सयाजीराव गायकवाड ने उन्हें विदेश भेजा, फिर छत्रपति शाहूजी महाराज ने उनकी लंदन की पढ़ाई पूर्ण करवाई।
अब प्रश्न यह है कि ऊपर के IAS, क्लास 1 और 2 के लगभग 2 लाख अफ़सरों में से कितनों ने अपनी ही जाति समूह के बच्चों को स्पॉन्सर किया है?
मीना समाज 1000% अधिक ओवर रिप्रिजेंटेड है, जाटव का भी प्रतिनिधित्व SC वर्ग में अधिक है, यादव, कुर्मी, जाट, गुर्जर को OBC में देख लीजिए! तो प्रश्न यह है कि असली आदिवासी, भील कहाँ हैं ST में?
मुसहर, माँझी, वाल्मीकि, सुदर्शन, बहेलिया, बंतार, डोम, हलालखोर, तुरी, पासी, भंगी और मदारगी के बच्चे स्कूल भी पहुँच पा रहे हैं? OBC की लगभग 1,000 जातियों की सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी शून्य या नगण्य है, जैसे कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, राजभर, पाल, बघेल, बढ़ई, कुम्हार, लोहार, तेली, चौरसिया, नाई (सैलानी) और नोनिया!
फिर कहा जाता है कि आर्थिक आधार पर रिजर्वेशन नहीं होना चाहिए, क्योंकि जो दो-चार जातियाँ सारा आरक्षण खा रही हैं, उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक है, पर उन्होंने स्वयं को इन जाति समूहों में राजनैतिक रूप से ब्लैकमेलिंग करके घुसा रखा है, इसलिए वो कभी भी अपनी ही जाति समूहों में आरक्षण नीचे तक नहीं जाने देंगे।
इसीलिए, Reservation पर ReThink, Rationalise, Reform और अंततः Remove करने के लिए हमें चर्चा करनी चाहिए।
एक व्यक्ति ने 10 बोतल पानी की खरीदीं उसे 14₹ की जगह 20₹ की मिलीं, उसने शिकायत की RPF से एक सज्जन आए?
अब सुनिए...
यात्री - 14₹ की जगह 20₹ की बोतल लीं क्या रेलवे मुझे पानी पिलाएगा 60₹ कौन देगा?
RPF - तो आप यात्रा मत करो?
है न गज़ब का तर्क! मतलब आप शिकायत कर रहे हो तो आपको ही रास्ता बता दिया जाएगा?
5 दिन के बाद पूरे देश का मीडिया धीरे धीरे हिम्मत जुटा कर आन्दोलन कवर कर रहा,
लोगों ने खाना भेजना चालू किया, अब तक बच्चे तिरपाल और रूखा सूखा खाकर काम चला रहे थे
संसद में प्रभु श्रीराम का अपमान करने पर किसी ने पप्पू यादव पर जूता तो फेंका, लेकिन अफ़सोस कि निशाना चूक गया।
सच कहूँ तो यह घटना अत्यंत निंदनीय और हृदय विदारक है! अरे... मैं जूता फेंकने की नहीं, बल्कि उस फेंकने वाले के खराब निशाने की घोर निंदा कर रहा हूँ।
झारखंड पीजीटी भर्ती परीक्षा में 300 में से 299.175 नंबर लाने वाले एक उम्मीदवार का फिर भी सिलेक्शन नहीं हुआ।
झारखंड सरकार ये बताए कि अगर 299.175 नंबर काफी नहीं हैं, तो सिलेक्शन के लिए क्या करना होगा?
झारखंड में प्रदर्शन कर रही छात्रा ने राहुल गांधी से पूछा सवाल
जब आप विपक्ष में रहते हुए छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंच सकते थे, तो अब झारखंड क्यों नहीं आ रहे, जहां आपकी गठबंधन सरकार सत्ता में है?
छात्रा के इस सवाल ने सत्ता और विपक्ष में नेताओं के बदलते रुख पर नई बहस छेड़ दी है।
पालतू मीडिया साइलेंट 🤐
CJP साइलेंट 🤐
विपक्ष साइलेंट 🤐
झारखंड के हजारों छात्र
JPSC-JSSC पेपर लीक और गड़बड़ियों के खिलाफ सड़कों पर हैं।
कोई कवरेज नहीं, कोई शोर नहीं।
वजह - क्योंकि राज्य में INDI गठबंधन की सरकार है?
आज @tehseenp को हाउस अरेस्ट किया गया। क्यों? क्योंकि शांतिपूर्ण तरीके से, सारी अनुमतियों के साथ, संविधान के वृत्त में, मौलिक अधिकारों के साथ प्रदर्शन करने वालों से सरकार को भय लगता है?
हाउस अरेस्ट के प्रोविजन्स क्या हैं? क्या इसका कोई लीगल प्रावधान है? @DelhiPolice क्या चाहती है? अब लोग प्रदर्शन के अधिकार के लिए भी कोर्ट से अनुमति लें?
यूजीसी पर दो बार अनुमति दे कर रोका गया। इथेनॉल पर तीन बार तहसीन पूनावाला को रोका गया। क्यों? क्योंकि हमारे हाथ में पेट्रोल बम नहीं है? क्योंकि हम केवल बात कहना चाहते हैं?
@PMOIndia इस अंधेरे में न रहे कि जनता इसे मोदी जी की रीलबाजी से भूल जाएगी। इस पूरे वर्ष का लेखा-जोखा हम उचित समय पर निकालेंगे। तुम्हें भी पता है कि ठाकुर-ब्राह्मण की स्थिति, स्थानीय भ्रष्टाचार, जनता के विषयों के फुनसी का बवासीर तुम बना चुके हो।
ऐसी हर एक मूर्खता, तुम्हारे लिए कर्ण की भाँति मुख्य युद्ध में चक्का धँसने और मंत्र भूलने जैसे श्राप साबित होंगे। कोई रील, कोई चाटुकारों की पोस्ट काम नहीं आएगी। हम सड़कों पर अभी नहीं उतरेंगे, पर जब जीना हराम कर दोगे, तब देख लेंगे।
"टेक्निकल दिक्कत से नहीं हटा PM मोदी का वीडियो
फेसबुक से जानबूझकर हटाया गया था वीडियो
जिसकी मंज़ूरी भारत में Meta के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने दी थी"
क्या आपका उसका नाम पता है..?
मीडिया ने राहुल जी से जब सवाल पूछा कि,
जो पुलिस वाले घायल हुए हैं उनके परिवार वालों.....
राहुल जी - बीजेपी से हो क्या?
और कुछ लोग कहते हैं कि एक दिन पीएम बनेंगे।
आदरणीय @kharge जी,
मनु स्मृति के बारे में आपने झूठ बोला है।
मनु स्मृति पर एक बार मीडिया के सामने सार्वजनिक चर्चा नितांत आवश्यक है।
समय और स्थान आप तय करिए और मनु स्मृति विरोधियों को भी बुला लीजिए।
@RahulGandhi@narendramodi@priyankagandhi@AmitShah