इरफ़ाना इक़बाल की केरला स्टोरी नहीं पढ़ोगे! केरला का एक जिला है कासरगोड। कासरगोड में नारायणन रहा करते थे। नारायणन 64 साल के थे और कभी RSS के कार्यकर्ता रहे थे। उन्हें कैंसर हो गया था। जिसके बाद नारायणन को उनके परिवार से कोई सहारा नहीं मिला, और उन्हें अकेला छोड़ दिया गया। जब स्थान���य लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में पाया, तो इरफ़ाना और उनका परिवार नारायणन की मदद के लिए आगे आया। इरफाना 'शेख ज़ायद ओल्ड एज होम' चलाती हैं। और जिला पंचायत सदस्य भी हैं।
नारायणन की हालत इतनी गंभीर थी कि उनकी लंबी देखभाल नहीं की जा सकती थी, फिर भी इरफाना ने उनकी तीमारदारी जारी रखी, उन्हें कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, डॉक्टर्स द्वारा तमाम कोशिशों के बावजूद नारायणन ज़िंदगी की जं�� हार गए। इसके बाद इरफ़ाना ने कासरगोड में उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया। यह केरला की रियल स्टोरी है, यह स्टोरी नफ़रती गैंग के मुँह पर तमाचा है।
आख़िरकार हौसले की जीत हुई! सलाम है बहन कुलसुम बानो को। 🫡
जब सिर्फ़ बुर्क़े और दुपट्टे की वजह से NEET परीक्षा केंद्र पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तब उन्होंने चुपचाप लौटने के बजाय अपने अधिकार और सम्मान के लिए आवाज़ उठाई। न डरीं, न झुकीं, न पीछे हटीं।
पूरी जांच और नियमों के पालन के बाद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमत��� मिली। यह उन लोगों के लिए भी जवाब है जो हर बार मुस्लिम पहचान को शक की नज़र से देखते हैं।
कुलसुम बानो की जीत सिर्फ़ एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि अपने हक़, अपनी पहचान और अपने आत्मसम्मान के लिए डटकर खड़े होने की जीत है।
सलाम है इस हौसले को। 🫡🔥
RT रुकने नहीं चहिये इससे दूसरी बेटी को himmat milegi
मुसलमानों, तुम ही बताओ—तुम्हें ही बीजेपी को क्यों रोकना है? कौन-सा ठेका ले रखा है तुमने? बीजेपी को रोकने के लिए इतना जज़्बाती क्यों हो जाते हो?
ज़रा यह भी बताओ, पिछले 15 सालों से कोशिश कर रहे हो न, रोक लिया क्या?
हाँ, यह सच है कि हम पर ज़ुल���म हद से ज़्यादा है, लेकिन हमारे रोकने से बीजेपी नहीं रुकी। आने दो बीजेपी को। देखते हैं, देश का भला चाहने वाले बाकी लोग इन्हें रोकने के लिए आगे आते हैं या नहीं।
नहीं आते तो भी कोई बात नहीं। अब्दुल की चूड़ी तो टाइट है, लेकिन अब्दुल के चक्कर में इनका भी दिवाला निकल रहा है।
शाबाश •• अब्दुल शाबाश
कलमा पढ़ेंगे और शहीद हो जाएंगे _ 🫡
पत्रकार _ आपके लिए देश पहले है या आपका धर्म
लड़का _ मेरे लिए दोनों बारबरा जै��े मेरी दो आंख
पत्रकार _ कभी देश और धर्म में किसी एक को चुनना
पड़े तो किसे चुनेंगे
लड़का _ ऐसा अभी तक तो नहीं आया है इंशाअल्लाह आगे भी नहीं आएगा
पत्रकार _ कभी आ गई ऐसी सिचुएशन तो
लड़का _ तो फिर कलमा पढ़ेंगे ( ला इलाहा इल्लल्लाहु मुहम्मदुर्रसूलुल्लाहि )
और हो जाएंगे शहीद। ❣️
The Hajj 2026 from India witnessed one of the worst management. From faulty watches, unhygienic stay to theft from passenger’s bag, this is only getting worse. Scenes from Lucknow airport today. Who will answer to these mismanagements?
पाकिस्तान ने बाबरी मस्जिद घटना, उसके बाद हुए सांप्रदायिक दंगों और कश्मीर में सेना की कार्यवाहियों को आधार बनाकर 1994 में यूनाइटेड नेशंस में भारत के ख़िलाफ़ मानवाधिकार हनन का मामला उठाया।
मुद्दे पर वोटिंग होनी थी और ये भारत के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था।
तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहा राव ने तब एक ऐसा कदम उठाया जो कोई छोटे दिल वाला प्रधानमंत्री नहीं कर सकता था।
उन्होंने पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर विपक्ष के नेता अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में यू एन में भारत के प्रतिनिधि हामिद अंसारी, फ़ारूक़ अब्दुल्ला, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद एम पी ई अहमद और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद को भेजा। यह भारत के समग्र सेकुलर चरित्र का प्रदर्शन ठा जिसका असर गहरा पड़ा।
इस पहल से घबराईं पाकिस्तान की तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो खुद जिनेवा पहुँच। उन्हें उम्मीद थी कि मुस्लिम देशों का साथ मिलेगा। लेकिन ईरान ने भारत का पक्ष चुना और उसके प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान की पोजीशन का खुला विर��ध किया।
हालत यह हुई कि बहस शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही पाकिस्तान को अपना रेजोल्यूशन वापस लेने पर विवश होना पड़ा। भारत को एक शानदार कूटनीतिक जीत मिली।
जब पाकिस्तान की पूर्व मंत्री अतिया इनायतुल्लाह ने खुद को कश्मीरी मुसलमानों का प्रतिनिधि बताया तो फ़ारूक़ ने सियालकोट में जन्मीं, दिल्ली में पली बढ़ीं और बोस्टन में पढ़ीं अतिया को कश्मीरी बोलने की चुनौती दी और जब एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कश्मीर का सवाल उठाया तो फारूक ने उन्हें कश्मीर की चिंता न करने और श्रीनगर आकर दुनिया के सबसे खूबसूरत गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेलने का आमंत्रण दिया।
सोचिए उन्हीं हामिद साहब और फ़ारूक़ साहब की देशभक्ति पर सवाल उठाया जाता है आज!
जब भारत एक होकर दुनिया के सामने गया है तो जीता है, जो भारत को कमज़ोर करना चाहते हैं वही हिन्दू-मुस्लिम बँटवारा करते हैं, अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी क्षुद्र पार्टी राजनीति करते हैं।
सुबह 8 बजे से पहले, भारत मे 20 करोड़ मुसलमानो ने शांतिपूर्वक ईद उल अजहा मनाई!
किसी को परेशान नही किया गया!
किसी महिला के साथ छेड़छाड़ नही हुई!
किसी धार्मिक स्थल को ढका नही गया!
किसी को भी नारे लगाते हुए पीटा नही गया!
किसी ने भी किसी पूजा स्थल के सामने डांस नही किया!
आज मैंने अपने इलाके के ईदगाह पर ये गौर किया
���ी ईदगाह के गेट के सामने जो "मांगने वालों की लाइन" लगी थी
उसमें 70% लोग हिंदू समुदाय के लोग थे,
उनकी साफ Identity भी Visible थी,
महिलाएं साडी़ में थी और उनके बच्चे बनियान और पैंट में
लेकिन किसी मुस्लिम को कोई एतराज़ नहीं था,
क्योंकि मुस्लिम समुदाय में BJP, RSS की divisive ideology मौजूद नहीं है
क्या ये मात्र एक ईदगाह का संयोग है
या पूरे उत्तर प्रदेश के हर ईदगाह में यही नजारा रहता है?
मेरे हिसाब से Eidgaah सेक्युलर भारत का सबसे बड़ा चेहरा है
मीरा रोड, मुंबई में ईद-उल-अज़हा के लिए रखी गई बकरियों के विरोध में हिंदुत्व संगठन के लोग सोसाइटी के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने लगे।
लेकिन अगर मुस्लिम उसी सोसाइटी के बाहर नमाज़ पढ़ते, तो उसे “कानून व्यवस्था का मुद्दा” और “अपराध” बता दिया जाता।
यही है आज के भारत का दोहरा मापदंड।
हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता
भाई हसन सिद्दीकी को मधु किश्वर का एक ट्वीट शेयर करने पर गिरफ्तार कर लिया गया जबकि जिसने ट्वीट की मधु किश्वर वो आजाद है।
#releasehasansiddiqui
झुमरी तिलैया(कोडरमा) निवासी राकेश कुमार शर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर बेहद आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली पोस्ट की है
ऐसी सामग्री से समाज मे तनाव फैल सकता है
कृपया संज्ञान लेकर उचित कानूनी कार्यवाही करे @spkoderma1@HemantSorenJMM@deepakbiruajmm@IrfanAnsariMLA
त्रिलोकपुरी, दिल्ली 16 वर्षीय किशोर अयान सैफी की चाकू मारकर कर हत्या कर दी गई,वीडियो में वह बार-बार गुहार लगा रहा है, "मुझे बचाओ भाई, मुझे बचाओ।
उत्तमनगर में नंगा नाच करने वाला शासन प्रशासन अब कहां मर गया?
हत्यारों के घर पर अभी तक बुल्डोजर क्यों नहीं चला?
उत्तर प्रदेश के Sultanpur में
एक Wedding Procession के दौरान बज रहे तेज़ DJ Music की वजह
से एक पोल्ट्री फार्म के 140 Chickens की मौत हो गई
फार्म के मालिक का कहना है कि
शोर इतना तेज़ था कि मुर्गियां Frightened हो गईं और Heart Attack/Shock की वजह से अपनी जान गंवा दी
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा Noise Pollution बेजुबान जानवरों के लिए कितना जानलेवा हो सकता है
हमें अपनी खुशियों में Animal Safety का भी ध्यान रखना चाहिए।
🚨 बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा 🚨
झारखंड के ICSE स्कूलों में पढ़ाई जा रही हिंदी किताब “Sahitya Sagar” में ऐसा कंटेंट सामने आया है जो इस्लाम के प्रति आपत्तिजनक और असंवेदनशील है। यह बच्चों के मन पर गलत असर डाल सकता है और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचा सकता है।
मैंने इस मामले में School Education & Literacy Department, Jharkhand को आधिकारिक शिकायत भेज दी है।
शिक्षा का उद्देश्य नफरत फैलाना नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और समझ बढ़ाना होना चाहिए।
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO@EduJharkhand @DC_EastSinghbhum @CISCEORG@PMOIndia@EduMinOfIndia
ये कोई बाबा है ��ह रहा हैं, ऐसे निकलो सड़क पर कम से कम एक मुसलमान बच्चे को घर वापस लेकर आओ, यही आपके जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।
हैरानी की बात ये है इनके बयान ना तो हेट स्पीच में आते हैं, ना ही इनके ऊपर धर्मांतरण का कानून लागू होता है, और ना ही ये किसी प्रकार का जिहाद कहलाता है।
यही हूबहू शब्द यदि कोई मुसलमान बोल दे तो अभी नेता से लेकर मीडिया तक सब रोना–धोना शुरू हो जाएगा..!