आतंक से बनाया गया साम्राज्य आतंक समाप्त होते ही भरभराकर गिर जाता है
अन्यथा तो इसी देश में हारकर नेता बड़े भी बनते रहे है।
ममता से भी अधिक विरोध बंगाल में अभिषेक बनर्जी का है, कारण है- अहंकार।
परिवारवादी दल जरा ध्यान दे- सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।
कॉकरोच जनता पार्टी से छात्रों ने किया किनारा, कहा: "ये छात्रों का आंदोलन है किसी पार��टी से कोई मतलब नहीं"
सरकार के समर्थन में आए छात्र, बोले: "नेता नहीं, नीति का विरोध करते हैं, सरकार के विरोध में नहीं बल्कि सरकार के साथ खड़े हैं"
बस यही BJP की अटूट जीत का मंत्र है 🔥
कलिता मांझी (दलित) ने बंगाल में PM आवास योजना में मकान लेने से इसलिए मना किया क्यूंकि उनके पास मकान था...
आज उन्हें PM आवास योजना का राज्यमंत्री बना दिया गया...
क्या गज़ब पॉलिसी है.. लोगों से कनेक्ट होने की
पहचानिये TMC की इस गुंडी को 🚨
ये वही TMC नेता है जो हिंदू महिलाओं को
डराने के लिए वोटिंग से पहले उन्हें विधवाओं
वाली सफ़ेद साड़ी भेज रही थी...
आज हवा का रुख बदला और लोगों ने इसे
इसके घर पंहुचकर इसकी औकात बताई और
इसे सफ़ेद साड़ी ओढ़ाई...
बंगाल में गज़ब खेला होबे 🔥
This is Arpit Sharma. I strongly disagree with some of his publicly expressed views, including those related to Umar Khalid. Personally, I believe that anyone who supports terrorists or justifies terrorism is promoting a dangerous mindset. People should examine public statements carefully and decide for themselves instead of blindly following anyone in the name of student activism.
दलाल महोदय यह भी बता दो कि नेहरू के प्रधानमंत्री रहते भारत के 16 राज्यों में 248 भीषण दंगे हुए जिसमें सबसे भीषण दंगा मालदा का दंगा था
और इन कल दो दंगों में एक लाख के आसपास लोगों की मौत हुई थी
और जब नेहरू प्रधानमंत्री थे तब लगभग पूरे भारत में कांग्रेस ही सत्ता में थी
फिर नेहरू के समय सम���ज में नफरत कौन घोलता था भाई
नेहरू जी महान है-
1955 में Hindu Code Bill लाकर हिंदुओं के पर्सनल अफेयर्स को सरकारी नियंत���रण में ला दिया।
परंतु मु/स्लिमों के पर्सनल लॉ पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं हुई।
जो नीव उन्होंने रखी उसके भारत में मंदिर और हिंदू धार्मिक संस्थान जो हिंदुओं के पैसे से चलते है उन पर सरकारी नियन्त्र रहा।
और जो मदरसे मजहबी स्थल सरकारी सब्सिडी से चलते है वो मु/स्लिमों के हाथो में रहे।
आज वो सिस्टम बदल रहा है।
पर नेहरू जी महान है।
विक्टिम बनना चाहते थे कॉकरोच लेकिन दिल्ली पुलिस ने मौका नहीं दिया
धरने की परमिशन, सुरक्षा के पूरे इंतजाम, पानी के टैंकरों से लेकर खाने-पीने तक... कॉकरोचों को दी गई पूरी सुविधाएं
दिल्ली पुलिस ने कैसे तिलचट्टों का विक्टिम ��ार्ड वाला प्लान फेल किया, बता रहे हैं @Anurragmishra
For decades, Pakistan sold propaganda to the world while silencing the voices of the people of POJK. Those days are ending. A new movement is rising against oppression, demanding dignity, rights, and freedom from Islamabad's failed policies. Operation Sindoor has shattered Pakistan's carefully crafted narrative and exposed its declining credibility on the global stage. When truth rises, propaganda falls.
#POJK #OperationSindoor #PakistanExposed
खुद को जनता का सेवक बताने वाले इन सफेदपोश ठगों को लगता था कि दिल्ली के लोग हमेशा इनके झूठे वादों के झांसे में आते रहेंगे लेकिन आज जनता ने साफ कर दिया कि अब इन नौटंकीबाजों की दाल गलने वाली नहीं है और इन्हें हर गली में ऐसे ही खदे��़ा जाएगा।
बहुत बढ़िया निर्णय @JM_Scindia जी! किसी भी प्राइवेट संस्था के पास राष्ट्रीय सुरक्षा की चाभी नहीं होनी ���ाहिए। इलॉन मस्क के पचास कार्य अच्छे हैं, पर सत्य यह है कि कई देशों के रेजीम चेंज ऑपरेशन में स्टारलिंक का बहुत बड़ा हाथ रहा है। ये केवल अमेरिका के हितों को देखते है।