@svembu Economic advisors to the Modi government are suggesting that people should forgo higher education and instead become plumbers, electricians, or carpenters. This implies that, after twelve years of this government, the country has been reduced to such a sorry state.
@svembu Having a government in power does not mean that the administration can simply do whatever it pleases without being questioned on issues like education, healthcare, inflation, employment, and the economy.
Continue....
@svembu Democracy dictates that the public must voice its views and remind the government of its promises—emphasizing that the government was formed through the people's votes, not merely by the use of public funds.
मैने कभी किसी क्षत्रिय राजनीतिज्ञ को ब्राह्मणों के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते नहीं देखा लेकिन कई ब्राह्मणों को क्षत्रियों को गलत बोलते देख लिया है । यह garhwa झारखंड का विधायक सत्येंद्र तिवारी है। इनलोगों की यह भाषा क्षत्रियों का युवा वर्ग जो अब समाज पर ध्यान देने लगा है वो इग्नोर नहीं करेगा। इसका इलाज होना चाहिए और यही सब चलता रहा तो पूर्वाचल और Baghel खंड की तरह झारखंड मे भी क्षत्रिय ब्राह्मण संघर्ष शुरू हो जाएगा ।
चंपतवा का जो घर-दिखाई और लंगोट-धोती गिनाई हो रही है कि कितना आदर्श जीवन जीते हैं, उनसे एक ही वाक्य कहूँगा: इनके ‘मानसपुत्रों’ के घर और लंगोट-धोती भी गिनो कभी जा कर।
ये निंजा तकनीक हमने संघ-विहिप के कई नेताओं के साथ देख रखा है कि प्रचारक तो फटा कुरता पहनते हैं, पर दिल्ली-मुंबई-लखनऊ-चेन्नई हर स्थान पर इनके ‘मानसपुत्रों’ के भव्य भवन होते हैं जहाँ ये पाँच-सितारा लग्जरी पाते हैं।
चंपतवा ने भगवान राम के कपड़े तक सिलने का ठेका अपने निकटस्थ व्यक्ति को दिलवा रखा है। दिल्ली में कपड़े सिलते हैं, हर दिन अयोध्या भेजा जाता है। उन्हें कौन सिल रहा है, कैसे सिल रहा है, इसकी कोई चिंता नहीं।
जब कोई कार्य, जो परिसर में ही हो सकता है, उसके लिए दिल्ली के बॉलवुडिया डिजायनर को ठेका देने में यात्रा खर्चा समेत डिजायनर का ब्रांड वैल्यू का भी खर्चा मंदिर न्यास क्यों उठाती है?
ये तो वही बात हो गई कि कैब भाड़े पर लगा रखा है और साल भर में बिल इतना बना दिया कि दो कारें आ जाएँ।
पूरा ट्रस्ट अनियमितताओं का अड्डा बन चुका है। हर दिन जो समाचार आ रहे हैं, लगता है कि हम हिन्दुओं को छला जा रहा है। जो लोग योगी जी जयजयकार कर रहे हैं, वो बताएँगे कि पुलिस की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट वहाँ घास छील रही थी? उनको क्यों पता नहीं चल पाया?
चंपत राय जैसे लोग हिन्दू-द्रोही हैं। इसका अहंकार, नैतिकता का संपूर्ण अभाव और ड्राइवर तक को इतनी शक्ति दे देना बताता है कि यह व्यक्ति नीच और अधम है। इसको नग्न कर के, पूरी देह पर कालिख-चूना लगा कर, गधे पर बिठा कर, अयोध्या में घुमाना चाहिए।
इंडियन एक्सप्रेस का बड़ा खुलासा.
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार ने बीते पांच सालों में 253 एकड़ ज़मीन खरीदी है . ये ज़मीनें उज्जैन के उन इलाकों में खरीदी गई हैं , जहां मध्यप्रदेश सरकार Infrastructure Development का जबरदस्त काम कर रही है .
मुख्यमंत्री मोहन यादव, उनकी पत्नी सीमा यादव , बेटा वैभव यादव, बहू शालिनी यादव बड़े भाई नारायण यादव समेत पूरे कुनबे ने सस्ती जमीनें खरीदकर बहुत बड़ा लैंड बैंक बनाया है . सरकारी खजाने से इलाके के विकास की कई गुना कीमत वसूलने की तैयारी की गई है .
पढ़िए और सोचिये कि ये लोग कितने बड़े खिलाड़ी हैं .
ऐसे ही बड़े बड़े लोगों ने अयोध्या में ज़मीन खरीदी थी .
आज देखना है कि कौन चैनल इस खुलासे पर मोहन यादव को घेरता है ?
पूरे भारत में लगभग 08 करोड़ ब्राह्मण हैं इनमें 30 लाख के आसपास असली ब्राह्मण हैं बाकी के 07 करोड़ 70 लाख नकली ब्राह्मण हैं
यही 07 करोड़ 70 लाख नकली ब्राह्मणों को ब्राह्मण धर्म कर्म करना बिलकुल भी पसंद नहीं इसलिए क्योंकि ये असली ब्राह्मण ही नहीं
यही 07 करोड़ 70 लाख नकली ब्राह्मण बहुत ही तेजी से गलत दिशा की ओर लगातार अग्रसर होते ही जा रहे हैं
यही 07 करोड़ 70 लाख नकली ब्राह्मण अपने आपको को असली ब्राह्मण बता बताकर सनातन धर्म का खुलेआम मजाक बनाते हैं और भारतीय कानून को एवं अपने ब्राह्मण धर्म को कभी भी नहीं मानते
ये 07 करोड़ 70 लाख नकली ब्राह्मणों को क्षत्रियों के धर्म कर्म ओबीसी के धर्म कर्म वैश्यों के धर्म कर्म शूद्रों के धर्म कर्म ईसाइयों के धर्म कर्म मुसलमानों के धर्म कर्म बौद्धों के धर्म करते ही रहते हैं हर समय और जब इन्हें सरकार सुधारती है तो कहते हैं ब्राह्मणों को गुण्डागिर्दी नहीं करने दे रही है सरकार
सनातन धर्म का खुलेआम विरोध मुसलमान और ईसाई तो कर ही रहे हैं अब साथ में 07 करोड़ 70 लाख नकली ब्राह्मण भी सनातन धर्म का खुलेआम अपमान करने में जुटे हुए हैं
भरत तिवारी की तरह ही भोजपुर के नवादा बेन गांव में 25 अगस्त 2006 को डीएसपी SS ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस 3 भाइयों - राम सिंह, लक्ष्मण सिंह, भारत सिंह को पकड़ कर हत्या कर दी थी। चौथा भाई शत्रुघ्न सिंह किसी तरह बचने में कामयाब हो गया था। कहा गया था कि भरत को सोते समय बिस्तर से खींच कर पुलिस ने गोली मार दी थी।
पुलिस ने कहा था कि ये बड़े क्रिमिनल हैं, जबकि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं था। गाँव और आसपास के लोगों ने इसे पुलिस का झूठ बताया था।
उस समय की यह घटना मीडिया से भी गायब रही। हिंदुस्तान टाइम्स और रेडिफ ने इस मामले में एक या दो खबरें प्रकाशित की, जो आज दिखती हैं।
इस हत्याकांड में जगदीशपुर के तत्कालीन विधायक श्रीभगवान कुशवाहा का नाम आया था। कहा गया था कि श्रीभगवान ने इचरी नरसंहार के गवाहों में भय पैदा करने के लिए ये एनकाउंटर करवाया था, ताकि कोई मामले को न उठाए और न गवाही दे।
29 मार्च 1993 में हुए इचरी कांड में रैली से लौट रहे 5 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हथियारबंद लोगों ने कर दी थी। यह आरोप नक्सली संगठन IPF पर लगा था और श्रीभगवान उस समय IPF से विधायक थे। कहा जाता है कि उनके इशारे पर ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।
2006 के नवादा बेन कांड को लेकर भाजपा गठबंधन वाली नीतीश सरकार की खूब किरकिरी हुई थी। नीतीश सरकार को बने 9 महीने हुए थे। तब श्रीभगवान भी दूसरी बार जगदीशपुर से विधायक बने थे।
दिल्ली तक में इसके खिलाफ प्रदर्शन हुए। दबाव में नीतीश सरकार ने CID से जांच कराई, जिसमें पुलिस को क्लीनचिट दे दी गई। विरोध जारी रहा तो नीतीश ने इसकी जांच CBI को सौंप दी और CBI ने CID की जांच को सत्य मानकर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी।
तब के अखबारों में कहा गया कि भाजपा की गठबंधन वाली नीतीश सरकार ने श्रीभगवान को जी जान लगाकर बचाया था।
बाद में इचरी कांड में भी श्रीभगवान कुशवाहा बरी हो गये।
तीसरी बार जगदीशपुर से जीते श्रीभगवान कुशवाहा ने भरत तिवारी को कुख्यात अपराधी बताया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग उनको लेकर सवाल उठा रहे हैं। भरत तिवारी शूटआउट में जगदीशपुर के DSP का भी मीडिया में आने के बाद श्रीभगवान कुशवाहा पर सोशल मीडिया यूजर हमलावर हैं।
खैर, सम्राट चौधरी ने दबाव को देखते हुए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा मामले की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में क्या आएगा, ये समय की बात है।
लेकिन सामने आये कई वीडियो से पता चलता है कि भरत तिवारी का ऐसा युवा था जो समाज के लिए कुछ करना चाहता था। हालांकि, उसका तरीका गलत था। उसने वरिष्ठ अधिकारियों पर पिस्टल तानकर सिस्टम को चुनौती दे दी थी।
सिस्टम को चुनौती देने वाला कभी सफल नहीं होता। इसी सिस्टम का हिस्सा रहने वाले IAS-IPS भी इसी सिस्टम से कई बार पीड़ित हो जाते हैं।
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के लिए कुल 50 कर्मचारियों की मौजूदगी उस गुप्त कमरे में रहती थी जहां गिनती होती थी। ये कर्मचारी 3 तरह के हैं-
1. 24 कर्मचारी: नोट गिनकर उनके बंडल बनाते हैं। ये कर्मचारी प्राइवेट एजेंसी के जरिए ट्रस्ट ने रखे हैं।
2. 12 कर्मचारी: ये ट्रस्ट के हैं, जो इन 24 कर्मचारियों पर नजर रखते हैं। यानी 1 कर्मचारी के हिस्से में निगरानी के लिए 2 कर्मचारी थे।
3. 14 कर्मचारी : इनमें SBI के कर्मचारी और TCS की ऑडिट टीमों के सदस्य होते हैं।
अब ये सभी 50 कर्मचारी और इनको नियुक्त करने वाले जांच के दायरे में हैं। चोरी की रकम अब 200 करोड़ तक बताई जा रही।
@sdeo76 शक की सुई सही दिशा में जा रही हैं कांग्रेस केजेबी तो । आर एस एस सीआईए के साथ काम करती आ रही है? इसलिए आज अमेरिका भारत पर हाबी है। भारत को लगातार नुकसान पहुंचा रहा फिर भी मोदी सरकार उसकी वंदना करने में लगी।
शक की सुई सही दिशा में जा रही हैं कांग्रेस केजेबी तो । आर एस एस सीआईए के साथ काम करती आ रही है? इसलिए आज अमेरिका भारत पर हाबी है। भारत को लगातार नुकसान पहुंचा रहा फिर भी मोदी सरकार उसकी वंदना करने में लगी।
हैरानी की बात यह है कि जो RSS अपने कड़े अनुशासन, गोपनीयता और बाहरी लोगों (विशेषकर विदेशियों) के प्रति संशय के लिए जाना जाता था, उसने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के एजेंट जे.ए. कुरन के लिए अपने सारे दरवाजे खोल दिए। कुरन को न केवल शाखाओं में जाने की अनुमति मिली, बल्कि उसे संघ के आंतरिक दस्तावेजों, प्रस्तावों और प्रचारकों के व्यक्तिगत साक्षात्कारों तक वह अघोषित 'अक्सेस' (पहुँच) दी गई जो उस समय किसी भारतीय पत्रकार को भी उपलब्ध नहीं थी...पूरी स्टोरी का लिंक ...👇
https://t.co/eAvgNxsn33
#SandeepDeo #rss #RSS100Years #isdnewsroom #isdreport #isdnewsroom
यूपी RO/ARO पेपर लीक के मास्टरमाइंड 👇
1. राजीव नयन मिश्रा — (ब्राम्हण)
2. सुभाष प्रकाश मिश्रा — (ब्राम्हण)
3. विशाल दूबे — (ब्राम्हण)
4.अमरजीत शर्मा — (ब्राम्हण)
5. विवेक उपाध्याय — (ब्राम्हण)
6. संदीप पांडेय — (ब्राम्हण)
7. सुनील रघुवंशी — (रघुवंशी समुदाय)
Note- मध्यप्रदेश में रघुवंशी समाज एक अलग क्षत्रियों से भिन्न समाज है, रघुवंशी समाज का क्षत्रियों (रघुवंशी,चौहान,बैस,गहड़वाल, परिहार,शेखावत...व अन्य क्षत्रिय वंश) में रोटी-बेटी का संबंध नहीं होता |
यह है पेपर लीक के मास्टरमाइंड....
यह है इनकी #मैरिट 😐
"मेरा नाम ठाकुर मनीष कुमार जादौन है। मैं उमरा करा का निवासी हूं, थाना शिकोहाबाद, जनपद फ़िरोज़ाबाद का रहने वाला हूं। मामला यह है, आज से 4 साल पहले राजीव कुमार उर्फ बाले यादव, जो पहले सपा का नेता था, आज वो भाजपा सरकार में अपना पद प्रत्याशी है। उसने मेरी माँ को 4 साल से अगवा कर, 35 बीघा जमीन बिकवाने के बाद में पैसा हड़पने के बाद, मौत कर दी। उन्हें कहाँ रखा मुझे आज दिन तक पता नहीं चला। इसके साथ-साथ पुलिस प्रशासन पूरा मिला हुआ है। आज तक मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई है कहीं पर भी।
और उसके बाद में 17 बीघा खेत का भूपेंद्र यादव के साथ मिलकर के मेरी अगवा किया गया। मेरे पास सारे सबूत हैं। अगवा करने के बाद में, मेरा 17 बीघा मारपीट करके गौरव वर्मा रजिस्ट्रार, जो कि मैनपुरी में जेल में बंद है, वहीं जाकर के मेरे से रजिस्ट्री कराई गई है। और आज 11/04/2026 को एक बिट्टू नामक व्यक्ति, विपिन कुमार उर्फ बिट्टू यादव, जो बाले यादव के साथ का व्यक्ति है, उसपे भी कई दर्जनों मुकदमे हैं बाले यादव पर भी और बिट्टू यादव भी पुलिस मुठभेड़ और उसमें है। उसपे भी दर्जनों मुकदमे हैं। उसने मेरी पत्नी को इतना टॉर्चर किया, ब्लैकमेल किया कि आज मेरी पत्नी ने आत्महत्या कर ली, या उसने खुद मारा, मुझे ये मालूम नहीं पड़ा।"
(रिपोर्टर: कोई कार्रवाई नहीं हुई?
"नहीं, अभी तक थाना में वो मुकदमा दर्ज हो गया, अभी तक कोई अपराधी नहीं पकड़े गए हैं।"
(रिपोर्टर: क्या चाहते हैं?)
"मैं ये चाहता हूं कि श्रीमान जी से, योगी जी तक मेरी ये न्याय पहुंचे कि मुझे न्याय दिलाया जाए, नहीं तो मेरी इच्छानुसार मेरी मौत की इच्छा कर दी जाए। और नहीं तो मैं अबकी बार जाऊंगा योगी जी के पास दरबार में, मैं वहां 5 लीटर पेट्रोल डाल के अपनी और अपने बच्चे की आत्महत्या कर लूंगा। मेरे पास अब कुछ नहीं बचा है जिससे कि मैं अपना कुछ जीवन बिता सकूं, अपने बच्चे का जीवन काट सकूँ। इन लोगों दरिंदों ने मेरे साथ मिलकर ऐसा कर दिया है कि आज मुझे दर-दर की भीख मांगनी पड़ रही है। और यहां पर जबकि मैं कहीं सो भी नहीं पाता हूं अपने घर पर। कहीं अपने बच्चे को लेकर किसी घर पर सो रहा हूं, कहीं सो रहा हूं। आज मेरी कोई मदद भी करे कोई आदमी, तो इन दरिंदों की वजह से मेरी मदद नहीं हो पा रही है।"
(रिपोर्टर: क्यों? मतलब क्यों? ऐसा क्यों है? प्रभावशाली हैं ये लोग?)
"ये बहुत बलशाली व्यक्ति हैं। इन पर राजनीतिक शास्त्र भी है और पुलिस प्रशासन भी इनके साथ में है पूरा।"
(रिपोर्टर: तो यहां आज किससे मिलने आए हैं आप?)
"मैं एसएसपी साहब से मिलने आया था।"
He was in his room playing video games in Alpena Township, Michigan when he heard his 8-year-old sister scream outside. The first time, he figured she was just messing around with friends. The second scream made him look out the window.
Owen Burns is 13 years old. His dad Andrew had taken him to the range, practiced with him on his BB gun, and worked with him on his aim over the years. The slingshot was something they had picked up just to play with. Owen was not supposed to use it inside the house because he had a habit of breaking things with it. None of that crossed his mind on May 10th.
What he saw through the window was a 17-year-old boy who had come out of the woods and grabbed his sister, covering her mouth, pulling her toward the trees. Owen grabbed the slingshot, loaded a marble, and fired from the window. He hit the attacker in the head. Then he loaded a gravel rock and fired again. He hit him in the chest. His sister broke free and ran. The attacker fled into the neighborhood, where police later found him hiding at a nearby gas station, still carrying the injuries from the slingshot.
Michigan State Police said those exact wounds helped them identify and build the case against the suspect. The 17-year-old was charged with attempted kidnapping, attempted assault with intent to do great bodily harm, and assault and battery. Police said what Owen did was extraordinary and that he should be commended. His mom Margaret said she was just glad he picked it up when he did.
When a reporter asked Owen how he managed to hit the target twice under that kind of pressure, he kept it short. He said the guy was just a big target. Not like one Pepsi can.
What do you think made Owen act instead of freeze in a moment that most adults would not be ready for?
@sdeo76 राम माधव के बाद, हंस बोले ट्रम्प अमेरिका को मनाने गये है
संघ मोदी सीआईए के प्रोडक्ट लगते है?
इसलिए ट्रम्प लगातार भारत के खिलाफ बोल रहा है और यह उसको मनाने में लगे हैं
भारत की विदेश नीति का सबसे बुरा दौर चल रहा है। क्योंकि अमेरिका इन सभी के राज जानता है। यह भारत के लिए शुभ नहीं है
❗जाइए घर जाकर पोगो खेलिए
अगर आप 'परिसीमन बिल' को 'महिला आरक्षण बिल' समझ कर डकरा डकरा कर ,चिंघाड़ चिंघाड़ कर रो रहे हैं तो आंसू पोंछ लीजिए।
लोकसभा में जो चारों खाने चित्त गिरा है वो महिला बिल नहीं उसकी आड़ में लाया गया परिसीमन विधेयक था।
महिला आरक्षण बिल तो सन 2023 में सर्वसम्मति से पास हो चुका है। उस पर अमल का नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है।
दीदे फाड़ कर भारत सरकार का राजपत्र देख लीजिए।
हे बाल बुद्धि भगतजनो,
जाइए घर जाकर 'पोगो' खेलिए। 🙏
अपनी 'जघन्य' मूर्खता का सार्वजनिक प्रदर्शन करना अच्छी बात नहीं है।😏
हैलो, मैं चन्द्रशेखर बोल रहा हूँ.....✊
(जब महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर शिवसैनिकों के अ'त्याचार के बाद देश के प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर सिंह जी की शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे को दी गयी चेतावनी)
यह बात उस समय की है जब,
देश के प्रधानमंत्री श्रद्धेय चन्द्रशेखर जी थे!
प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर जी ने शिवसेना प्रमुख से कहा ~
बेकाबू शिव सैनिकों को काबू में करो ठाकरे !
यह मत भूलो मुंबई और महाराष्ट्र हिंदुस्तान का ही हिस्सा है!
वरना मैं बता दूंगा कि कानून का राज कैसे चलता है ...?
यह बातें हवा हवाई नहीं हैं,
सन 1991 की हैं, जब शिव सैनिक मुंबई में उत्तर भारतीयों के साथ जाति और भाषा के आधार पर सड़कों पर उतर कर हिंसा कर रहे थे,
तभी प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर जी ने बाला साहब ठाकरे को सलाह देते हुए कहा :-
मेरा नाम चन्द्रशेखर सिंह है!
मैं जो सड़क पर बोलता हूँ,
वह संसद में भी बोलता हूँ!
इसलिए आप थोड़ा गम्भीर हो जाओ और बेवजह इन उत्तर भारतीयों को अपनी राजनीतिक हिंसा का शिकार मत बनाओ!
आज शाम तक मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में यह राजनैतिक हिंसा पूरी तरह रुक जानी चाहिए!
और आप यह भी ध्यान रखियेगा कि देशवासियों की जान बचाने के लिए मुझे राज्य सरकार के किसी कंधे की आवश्यकता नहीं पड़ेगी!
बाला साहब ठाकरे को यह सख्त चेतावनी देते हुए चंद्रशेखर जी फोन क!ट देते हैं!
प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर जी की इसी कड़ी चेतावनी के बाद ठीक कुछ ही घंटों में मुम्बई और पूरे महाराष्ट्र के हालात सामान्य हो गए!
शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने शिव सैनिकों को आदेश दिया कि अब संयम बरतो, शांत हो जाओ।
ऐसी थी भारत के 9वें प्रधानमंत्री, नेताओं के नेता, युवा तुर्क श्रद्धेय श्री चंद्रशेखर जी की शख्सियत! 🇮🇳🙏🏻
तभी तो साहस और स्वाभिमान के पर्याय श्रद्धेय चन्द्रशेखर जी को प्रणाम 👏
#Chandrashekhar
@ajeetbharti 2024 के हल्का नाराजगी भरी झटके के बाद भी यह नहीं संभले और अंबेडकर से होते हुए, पेरियार और गालिबाज फुले को महा नायक बनाने लगे। जो वर्ग भाजपा को कभी वोट नहीं किया उसके लिए यह मर रहे और अपनों को लतिया रहे है जिसका दुष्परिणाम तो भुगतना होगा।
कांग्रेस सरकार बहुत बुरी थी , इतनी बुरी की रेलवे में 60 की उमर वालों को सीनियर सिटीज़न मानती थी और उनको टिकट पर सीधा 50% कि छूट देती थी ,
उसके बाद आई महामानव मोदी जी की भाजपा सरकार और उसने देशहित में बुज़ुर्गों को मिलने वाली छूट को मार्च 2020 में बंद कर दिया ,
और इन 6 सालों में लगभग 32 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों ने रेलवे से यात्रा करी
जिनसे सरकार ने उनकी सब्सिडी छीन कर 9000 करोड़ से ज़्यादा वसूल किए।
बेशर्मी सिर्फ़ यहाँ तक नहीं हैं , ये लोग टिकट के पीछे लिखने लगे की आपकी यात्रा का 43% बोझ सरकार व आम नागरिक उठाते हैं
जिसके ख़िलाफ़ वरिष्ठ नागरिकों के संगठन जैसे AISCCON आदि ने रेल मंत्रालय को चिट्ठी भी लिखी थी की हम भी टैक्स भरते हैं ,
और आपका यह ‘बोझ’ शब्द लिखना हम बुजुर्गों का अपमान है।
ये वही मोदी सरकार है जिसने पिछले 12 सालों में चंद उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ से ज़्यादा क़र्ज़ को NPA घोषित कर राइट ऑफ कर दिया।
किंतु देश के बुजुर्गों को छूट देने के लिए इनके पास पैसे नहीं हैं , वह उन्हें बोझ लगते हैं ,
कांग्रेस और भाजपा में यह सबसे बड़ा अंतर है , कांग्रेस पार्टी में भारतीय संस्कार हैं जो बुरज़ुर्गों का सम्मान करना जानती है
और भाजपा के लिए वह बोझ हैं।