May this Diwali be a reminder to light up the corners of our hearts where shadows linger. Just as we illuminate our homes, may we also ignite courage, compassion, and understanding within ourselves.
Inspection. Action. Results.
Delhi CM Rekha Gupta’s ground visit to Azadpur Terminal was followed by swift action, with drain cleaning and repair work accelerated within days.
Governance works best when inspections lead to implementation.
#Prahaar
शालीमार बाग में नया ड्रेनेज प्रोजेक्ट देखकर साफ हो जाता है कि वर्तमान सरकार सिर्फ बातें नहीं बल्कि काम करने में विश्वास रखती है।
सीएम रेखा गुप्ता जी की सरकार ने मानसून से पहले ही पूरे ड्रेनेज सिस्टम का कायाकल्प करने का अद्भुत काम किया है।
नए प्रीकास्ट कंक्रीट ब्लॉक्स का उपयोग समय बचाने वाला सबसे बेहतरीन आइडिया है। अब बारिश के दिनों में जलभराव की चिंता से लोगों को हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी।
Modi is pushing hard for a Clean India with real schemes and campaigns. CJP, on the other hand, leaves behind garbage at every public spot where they hold protests.
Different leaders, different priorities !!!
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।
पहले नोटिफिकेशन का इंतजार, फिर परीक्षा का एक लंबा अंतराल और आखिर में पेपर लीक; क्या युवाओं की किस्मत में सिर्फ यही संघर्ष लिखा है? आखिर हर बार परीक्षा से ठीक पहले या बाद में ही पूरी सुरक्षा व्यवस्था क्यों ध्वस्त हो जाती है, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, और इन लीक माफियाओं के असली आका कब सलाखों के पीछे भेजे जाएंगे? सिस्टम की इस बार-बार होने वाली नाकामी की सजा देश का ईमानदार युवा और उनका गरीब परिवार क्यों भुगते, और छात्रों के बर्बाद हुए सालों तथा उनके मानसिक तनाव का हिसाब आखिर कौन देगा? अब खोखले आश्वासनों और बातों से काम नहीं चलेगा, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए और इस पूरे मामले की समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाए जो एक मिसाल बने!
#Lekhpal_Exam_Investigation
उत्तर प्रदेश लेखपाल परीक्षा 44 जनपदों के 861 केंद्रों पर हुई परीक्षा में शामिल 3 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की सालों की मेहनत और उनके भविष्य का सवाल है! आज आप सब ने मिलकर जो #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK का मुहिम ट्विटर पर चलाया और नंबर वन पर ट्रेंड कराया है यह आपकी एकजुटता की ताकत को दिखाता है पर हमें अभी यही नहीं रुकना है हमें फिर से इसी जोश के साथ कल यानी 25 मई को सुबह 11 बजे #LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION इस हैशटैग के साथ हमें फिर से कल ट्विटर पर ट्वीट करना है और इसे नंबर वन ट्रेंड कराना है और बहरी हो चुकी सरकार और यूपी UPSSSC आयोग के कानो में अपनी आवाज को पहुंचाना है क्योंकि आयोग अभी भी पेपर लीक और धांधली को भ्रामक एवं असत्य मान रहा है इसलिए जब तक निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं होगी तब तक यह नहीं पता चलेगा कि इस पेपर लीक और धांधली मे कितने सेंटर और नकल माफिया शामिल है कल आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़कर सुबह 11:00 बजे इस #LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION के साथ ज्यादा से ज्यादा ट्विटर पर ट्वीट करें
#lekhpalexamleak #upsssclekhpal #paperleak
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
तमाम छात्रों और मीडिया चैनलों द्वारा लेखपाल भर्ती पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.... परंतु अभी तक आयोग और सरकार इस पर चुप्पी... साधे हुए हैं...!!
भर्ती की सुचिता और पारदर्शित पर अगर प्रश्न उठते हैं तो आयोग... और सरकार की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें.... साथ ही लगाए जा रहे आरोपों की जांच करें... अन्यथा मौजूदा सरकार और आयोगो ... के ऊपर से छात्रों का भरोसा लगातार डगमगा रहा है...!!
पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है! ✅
@myogiadityanath@myogioffice
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
PM is traveling abroad to secure investments and ensure energy security in this period of economic gloom due to various global wars. It is one thing to know that, as a contender of PM post over the last 16 years, you don't have the intellectual capacity to understand this. However, I am intrigued to see your irritation towards promoting a reputed Indian brand (Parle). Is it because you don't want Indian brands to be showcased on the global stage? Or are you disgruntled by your intelligence (or lack of it), which has kept you puzzled over why melody is chocolaty?
UPSI 2025 अभ्यर्थियों की मेहनत, पारदर्शिता और निष्पक्ष मूल्यांकन का होना चाहिए।
अभ्यर्थियों को स्कोरकार्ड के लिए विशेष ट्विटर कैंपेन 09 मई सुबह 11:00 बजे एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करे और अपनी मांग रखें।
#Score_Card_जारी_करो#Release_Score_Card
Rahul Gandhi and the INC are questioning development today, but where were these concerns earlier?
When the INC approved the Sethusamudram Shipping Canal Project, it involved cutting near Ram Setu and raised serious concerns about coral reefs and marine life, yet it was cleared at the time before being halted later.
Now, the same voices oppose the Great Nicobar Development Project over environmental concerns, despite its strategic importance for ports, trade routes, and security. The real question is simple: why is there selective outrage when it comes to national projects?