जितना मजा एक संस्कारी औरत को अपने पति के लूली चूसने में नहीं आता उससे कहीं ज्यादा मजा अपने जालिम मुसाला लिंग चूसने में आता है 🍓🍑
बिल्कुल जैसे एक कुत्ता हड्डी चूसता है बिल्कुल उसी तरह..चुस्ती हु
हम औरतों को फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या कहेंगे। हमे बस अपने हर छे•द🥵में लं•ड चाहिए। भले ही हाल बेहाल हो जाए🫢चाल बदल जाए। हमको मजा आता है जब मर्द हमारे पसी•ने से भीगे बदन💦को अपनी जीभ से र•गड़ कर चा•टते👅हैं और गोद में उठा करअपने लं•ड पर पटकते हैं
शादी के बाद दूसरे यानी गैर मर्दों से संबंध का एक मात्र कारण यह है, गैर मर्द अत्यधिक बेहरमी से पेलते हैं और ठुकाई जितनी जोरदार होती है उतना ही मजा आता हैं, ठुकाई के समय प्यार नहीं मर्दानगी दिखानी पड़ती है, जितना रगड़ कर ठोकोगे, उतना ही चरम सुख मिलता हैं।
Pati chahe kitna bhi pyar kare lekin ek aurat hone ka ehsash to ek paraya mard hi kara sakta hai. Paraya mard ek aurat ki andar ki r@ndi ko jagata hai. aurat bhi tab mard ke andar ki janwar ko jagane mai kasar nehi chhodti. phir hoti hai ghamasan chu#@i