वायलिन बजाने वाले बजा रहे है
फोकस्ड
फ्लो में
कंट्रोल में
फिर एक नन्हीं परी आती है...चुपचाप और कॉन्फिडेंट
वह पियानो बजाना चाहती है
कोई ऑडिशन नहीं
कोई क्रेडेंशियल नहीं
कोई परमिशन स्लिप नहीं
और...
इसके बाद जो होता है वह...
अनएक्सपेक्टेड होता है,
हारमनी
प्रेजेंस
मैजिक
आरक्षण खुद एक बीमारी है। मगर हमारे यहां एक तबका हैं जो इसे "जातिवाद" नामक बीमारी का इलाज मानता है, जबकि यह इस बीमारी को और लंबा खींचने का काम कर रहा है।
बीमारी में मजा आने लगता है तो ऐसे में बीमारी से प्यार हो जाता है। बीमारी गौरव के साथ भोगी जाती है। जिसे आरक्षण की बीमारी लग जाती है, उसे खुजाने में मज़ा आने लगता है। फिर वह कभी नहीं चाहता कि यह खुजली खत्म हो जाए।
#बरेली भीम आर्मी नेता कहां है अब इसके ऊपर कारवाई कब करवाओगे
मैं तैयार हूं तुम्हारे साथ इस पर कार्रवाई करवाने को, 😀 जब इसके ऊपर कार्रवाई करवाने जाओ तो मुझे भी एक बार सूचित करना मैं भी चलूंगा
नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित नया भारत ऐसा है...🤔
जहाँ...👇
1. -40 वाला डॉक्टर बनेगा...
2. 500 में से 11 अंक लाने वाला शिक्षक...
3. 800 अंकों में से केवल 1 नम्बर लाने वाले को डॉक्टरी में मास्टर डिग्री दिया जाएगा।
सामान्य वर्ग को समाप्त करने की योजना पर काम कर रही मोदी सरकार भारत को विश्वगुरु ऐसे ही बना देगी...?
#UGC_RollBack #EndReservation #ReservationNotARight #Bharat #India
Reservations hatao andolan RHA getting support from General category. Its now 75 years of reservations how much can you discriminate against general category.
पागलखाने के डॉक्टर ने मरीजों की परीक्षा लेने के लिए कुछ सवाल पूछे।
पहले से पूछा - “बताओ, चश्मा कहाँ लगाया जाता है?”
उसने तुरंत अपने सिर पर हाथ रख दिया।
दूसरे से वही सवाल पूछा - उसने अपनी कोहनी पर हाथ रख दिया।
तीसरे से पूछा - तो उसने आँखों और कानों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा, “यहाँ लगाया जाता है।”
डॉक्टर हैरान होकर बोला, - “तुम्हें कैसे पता कि चश्मा आँखों पर लगाया जाता है?”
उसने फ़ौरन अपने पेट पर हाथ रखकर कहा -
“ये सब इसी दिमाग़ का कमाल है!”
तस्वीर का पोस्ट से कोई लेना देना नहीं है ! ✋
कानपुर के लोहिया चौराहे पर एक बुजुर्ग स्कूटी से अपनी बेटी की दवा लेकर जा रहे थे। ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया। गाड़ी No एंट्री में भी नहीं थी, फिर भी लगभग डेढ़ घंटे तक खड़ा रखा।
जबरन 2000 से 5000 रुपये तक की वसूली की कोशिश की। धमकी दी कि गाड़ी सीज कर देंगे। बुजुर्ग गिरगड़ाते रहे – कहाँ से लाऊँ इतना पैसा.? आखिरकार 2000 रुपये में बात बनी।
ये कैसी ट्रैफिक पुलिस है जो बुजुर्ग बाप को भी नहीं छोड़ती.?
वहां पर मौजूद एक व्यक्ति ने विडियो बना कर सारी पोल खोल दी पुलिस की।
काॅकरोच मच्छरो से मोदी ङ़र गया और एक का इस्तीफा भी ले लिया उन्होंने, हम तो राजपूत है पूरा केबिनेट ले ङूबेगें.....
सवर्ण समाज गुलाम नही एक आग है जो एक बार जल गई तो सबको नष्ट करके ही रहती है
जब ब्राह्मण , राजपूत अंग्रेजो से लड़ रहे थे ..!
तब कुछ लोग अंग्रेजो के लेबर मंत्री थे ..!
पेशवा नाना साहब की पुत्री जो 9-11 वर्ष की थी ..!!
अंग्रेजो ने छोटी सी बेटी को जिंदा जला दिया था ..!
फिर भी कुछ कहते हैं ब्राह्मणों ने किया ही क्या है देश के लिए..!!
#ब्राह्मण#सवर्ण
एक फटी धोती और फटी कमीज पहने एक व्यक्ति अपनी 15-16 साल की बेटी के साथ एक बड़े होटल में पहुंचा।
उन दोंनो को कुर्सी पर बैठा देख एक वेटर ने उनके सामने दो गिलास साफ ठंडे पानी के रख दिए और पूछा- आपके लिए क्या लाना है?
उस व्यक्ति ने कहा- "मैंने मेरी बेटी को वादा किया था कि यदि तुम कक्षा दस में जिले में प्रथम आओगी तो मैं तुम्हे शहर के सबसे बड़े होटल में एक डोसा खिलाऊंगा।🤗
इसने वादा पूरा कर दिया। कृपया इसके लिए एक डोसा ले आओ।"वेटर ने पूछा- "आपके लिए क्या लाना है?" उसने कहा-"मेरे पास एक ही डोसे का पैसा है।"पूरी बात सुनकर वेटर मालिक के पास गया और पूरी कहानी बता कर कहा-"मैं इन दोनो को भर पेट नास्ता कराना चाहता हूँ।अभी मेरे पास पैसे नहीं है,इसलिए इनके बिल की रकम आप मेरी सैलेरी से काट लेना।"मालिक ने कहा- "आज हम होटल की तरफ से इस होनहार बेटी की सफलता की पार्टी देंगे।"
होटलवालों ने एक टेबल को अच्छी तरह से सजाया और बहुत ही शानदार ढंग से सभी उपस्थित ग्राहको के साथ उस गरीब बच्ची की सफलता का जश्न मनाया।मालिक ने उन्हे एक बड़े थैले में तीन डोसे और पूरे मोहल्ले में बांटने के लिए मिठाई उपहार स्वरूप पैक करके दे दी। इतना सम्मान पाकर आंखों में खुशी के आंसू लिए वे अपने घर चले गए।
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