AY मतलब टोंटीचोर
- बाप को भरे मंच पर अपमानित करने वाला
- बाप समान चाचा को पार्टी से निकालने वाला
- पुलिस कर्मियों को भरे काँच से गरियाने वाला
- पत्रकारों को जाति पूछकर अपमानित करने वाला
- माफिया के तलवे चाटने वाला
- अपराधियों के कुत्तों से हैंडशेक करने वाला
- रामभक्तों पर गोली चलवाने वाला
भाषण का स्तर तो तुम्हारा पूरी दुनिया ने देखा है। जो अपने बाप का ना हुआ वो किसी और का क्या होगा।
आखिर क्यों?
बताया जाता है कि ऑस्ट्रेलिया में कथित पढ़ाई के दौरान एक बड़े नेता का लड़का नशे का आदि हो गया। किसी तरह उसको वहाँ से इंडिया ले आया गया।
मनोविज्ञान कहता है कि बचपन और किशोरावस्था के अनुभव व्यक्ति की भाषा, व्यवहार और व्यक्तित्व पर गहरी छाप छोड़ते हैं। वही संस्कार आगे चलकर सार्वजनिक जीवन में भी झलकते हैं।
AY के “टोंटीचोर” होने की वजह शायद यही है।
जिन्हें AY का इतिहास नहीं पता, उनके लिए यह दबाई गई जानकारी है:
- ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद बाप को अपने बेटे के बारे में चिंता हुई
- बाप ने अपनी फ़ैमिली प्रॉपर्टी, समाजवादी पार्टी, में बेटे को महत्वपूर्ण पद दिया
- बाद में बाप के नाम पर यूपी चुनाव 2012 में जीतने के बाद बेटा मुख्यमंत्री बन गया
- जल्दी ही बाप को एहसास हुआ कि बेटा इस लायक नहीं है
- बाप के मंसूबों को भांपकर बेटे ने पार्टी से बाप और चाचा को निकाल कर पार्टी पर क़ब्ज़ा कर लिया
- बाप और चाचा अफ़सोस करते रह गए
- अपने अंत समय में बाप अपनी इस गलती का प्रायश्चित करना चाहते थे
- लेकिन नशेड़ी बेटे ने अपने बाप को प्रायश्चित करने का भी मौक़ा नहीं दिया
स्पष्ट किया जाए कि सपा में अध्यक्ष चुनने के लिए क्या कोई औपचारिक चुनाव प्रक्रिया हुई थी? नशे का आदी व्यक्ति क्या योग्य था? यदि नहीं, तो क्या इसे ‘पक्षपाती परिवारवाद’ नहीं कहा जाना चाहिए?
और अंत में- पद और परिधान रिश्तों और समय की मदद से मिल सकते हैं, पर भाषा और व्यवहार नहीं।
#टोंटीचोर_अखिलेश
Over 80 lakh beneficiaries have been dropped from the Mukhya Mantri Laadki Bahin Yojana following a massive document and eKYC cleanup, CM Devendra Fadnavis has revealed.
The biggest surprise? 14,000 men were found to be pocketing the cash.
The breakdown of those dropped:
14,000 men successfully enrolled in the scheme.
5 lakh government employees.
10 lakh income tax payees.
4–5 lakh households owning a vehicle.
Discrepancy cleanup: 25 lakh KYC documents have already been corrected.
Sigh
Watch this person's horrific experience from May 2021, while he narrates how his parents residing in Kakdwip (South 24 Parganas) were burnt alive. He was denied performing his parents last rights which he later got permission from High Court. 🥲🥲
Dear @SuvenduWB da,people of Bengal wants to know the amount of money Kapil Sibal ,Abhishek Manu Singhvi received from previous govt in last few years ,defending them in all controversial matters...
कितने दिल्ली वाले कुतुब मीनार जो मंदिर ध्वस्त करके बनाई है वहाँ किस किस ने यह लेख पढ़ा है
ये पुरातत्व विभाग की ऑफिशली शिलापट है जो दिल्ली में क़ुतुब मीनार परिसर में खुले आम दशको से लगी है, लेकिन अधिकतर लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता क्या लिखा है हम तो वहां बस पिकनिक मनाने जाते हैं
A college drop out is Punjab’s CM from AAP
He messed up Punjab to ruining levels
A 10th pass was AAP’s education minister for Delhi
He went on to do liquor scams
AAP is nothing but a Fraud of the Century
Established by a combo of Anti Indians abroad with ISI support
Dismantle it to oblivion
Clear need of the hour
Crush it to Ashes
बनारस में राजेंद्र प्रसाद सिंह अपने बेटे के लिए दवा लेने जा रहे थे। महानगर बस से सुंदरपुर के लिए बैठे। सीट के लिए एक यात्री से विवाद हो गया। मामला सुंदरपुर चौकी पहुंचा। दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह ने यात्री की जेब से 100 रुपए चुराने का आरोप लगाकर राजेंद्र को जेल में डाल दिया। जेल में पुलिस ने राजेंद्र को इतना प्रताड़ित किया कि उनकी मौत हो गई। मामले जी जांच दरोगा राधेश्याम को सौंपी गई। राधेश्याम ने कहा कि राजेंद्र ने अपने शॉल को फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। अगले दिन बीएचयू में पोस्टमार्टम हुआ। मंडलीय अस्पताल के डॉक्टर केके जैन ने पोस्टमार्टम किया और अपनी रिपोर्ट में बताया कि मौत फंदे की वजह से हुई है। पुलिस ने परिजनों को बिना बताये अंतिम संस्कार कर दिया।
राजेंद्र की पत्नी ने मानवाधिकार आयोग से इसकी शिकायत की। मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। तत्कालीन दरोग नरेंद्र प्रताप सिंह को 10 साल और राधेश्याम सिंह को 6 महीने की सजा हुई है। जानेमाने बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर केके जैन को 5 साल की सजा और 40 रुपए का जुर्माना लगाया है। मामला 29 साल पुराना 1997 की है। अब जाकर फैसला आया है। सोचिए हमारा सिस्टम कितना भ्रष्ट और घुना हुआ है।
*याद रखना*
*पांडव जिस दिन*
*महाभारत के लिये*
*कुरुक्षेत्र में उतरे थे*
*उनकी सारी समस्याये*
*18 दिनो में खतम हो गई थी*
*क्या हम 120 करोड़ हिंदू*
*अपने देश धर्म परिवार के लिये*
*मुसलमानो को भारत से नही खदेड़ सकते*
“No one hates Modi & BJP more than me, but Rahul Gandhi can’t handle an energy crisis or a war like PM Modi”
"He has no qualification to be PM except that his father, grandmother & great-grandfather were PMs"
Hardcore leftist Ramachandra Guha brutally exposing Rahul Gandhi.. 😂
Stop NAMAZ on Mumbai Roads
I wrote letter to Mumbai Police/Municipal Commissioners
मुंबईच्या रस्त्यावरील "नमाज" बंद करा
मुंबई महापालिका आणि पोलिस आयुक्त यांना पत्र
I'm very proud to live in India but I am ashamed of those selfish people who have no morals, who run after money only and defend terrorists, maoists & anti-India gangs and criminals!
@Jairam_Ramesh Ja be Chaprasi. Focus on cleaning Dynast's Toilets. Find 'fishy' things in the commode, not here. Also know that the Education Ministry is located at Kartavya Bhawan 2. Fire Incident took place at School of Planning and Architecture. I hope you know the difference between two.
तो आखिर भवानीपुर में CID के दफ्तर नहीं पहुंचा अभिषेक बनर्जी। यही तो पूरा खेल था। इसी पेशी से तो बचना था। वरना खुद सोचिए इधर CID का समन मिला। उधर अभिषेक बनर्जी जिसने सड़क पर कभी एक कदम नहीं रखा, वो अचानक बाइक पर बैठकर एक गली में पहुँच जाता है और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के हाथों पिट जाता है। सोची समझी स्क्रिप्ट थी जिसके तहत सारा काम किया गया और अंजाम आपके सामने है🤣🤣
Kailash Kher’s performance of the Shiv Tandav was a pure goosebumps moment. It felt like, forget the IPL, just let this continue.🚩🧡🙌
The best moment from last night’s IPL final.🔱