जिन News Channels ने CJP के 1M होते ही उसे लगातार coverage दी थी, उनसे अब एक सीधा और जायज़ सवाल है—
आज Reservation Hatao Andolan 4M के करीब पहुंच चुका है, फिर इस आंदोलन और इससे जुड़े जनसमर्थन पर आपकी coverage कहाँ है?
#reservationhataomovement
अभिनव पांडे जी, क्या यही आपकी पत्रकारिता है?
CJP के 1M होते ही ऐसे चिपक गए थे कि एक महीने तक सिर्फ वहीं की पोस्ट आ रही थी। आपकी पूरी @TheNewspinch तो जैसे पेड प्रमोशन कर रही थी।
और आज Reservation Hatao Andolan के 4 मिलियन होने वाले हैं—उस पर आपकी चुप्पी क्यों?
@Abhinavpinch
नए आंदोलन का आगाज़ हो चुका है…
कल तक हमारे आधिकारिक अकाउंट पर 54 हज़ार फ़ॉलोअर्स थे, और आज हम 1 मिलियन फ़ॉलोअर्स के बेहद करीब हैं।
#Reservation_hatao_andolan
हम तो आँधियों में भी चराग़ों को जलाते रहे,
लोग महफ़िल में रहे, हम घर बचाते रहे।
वार जितने भी हुए, सीने पे खाते ही गए,
मुस्कुराकर हर दफ़ा इल्ज़ाम उठाते रहे।
🙏🙏🙏🙏
"नहीं नगरी में न्याय,रोही आछी राजिया --!"
जिस व्यक्तित्व को मतदाताओं ने अपार समर्थन देकर विजयी बनाया, संगठन एवं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राजस्थान की वर्तमान सरकार का मुखिया रूप में स्वीकार किया विशेष दायित्व के साथ जो गरीमामयी पद से सुशोभित वर्तमान में "सम्माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान" है उस व्यक्तित्व के लिए इस कदर की ब्यान बाजी क्या शोभनीय है। प्रतिक्रिया मर्यादित भाषा में भी की जा सकती है न तो फिर यह अमर्यादित वाग्विलास क्यों --?
क्या राजस्थान सरकार इस पर कोई संज्ञान लेगी --?
दूसरी तरफ हमारे यहां एक संविदा कर्मी जो कि मात्र 15000/ मासिक वेतन लेने वाले ने एक दिन किसी व्हाट्सएप समुह में एक विनोद रूपी पोस्ट कर दी कि " एक शंख को लेकर जो किसी प्रसंग वश मुख्यमंत्री जी ने शायद प्रधानमंत्री जी को भेंट किया होगा और वह न्युज अथवा चित्र देखकर उक्त संविदा कार्मिक ने एक हास्यास्यात्मक टिपण्णी कर दी कि वह बात ठेट शिक्षामंत्री जी तक पहुंची और तत्काल उस कार्मिक के लिए शासन सचिव कार्यालय से निलंबन का आदेश हुआ जो कि अब निलंबित है।
संविदा कार्मिक ने अपनी और से प्रयास किये माफी मांगी, अनुनय-विनय किया मगर परिणाम शून्य --?
जवाब एक ही था कि माननीय मुख्यमंत्री जी व प्रधानमंत्री जी के लिए अशोभनीय टिप्पणी अक्षम्य है अतः सदैव निलंबन ही रहेगा । खैर --!
अब पुनः उसी बात पर आते हैं कि एक अल्पज्ञ का अपराध यदि इस कदर दंडनीय है तो इन नेताजी ने भी कोई बिरूद बखान तो नहीं किये है। कोई संज्ञान लिया जाएगा क्या --?
मेरा यह प्रश्न हैं --?
या फिर "समर्थ को नहीं दोष गुसांई"
मेरा किसी से कोई द्वेष नहीं है पर प्रश्न तो भ्रम उत्पन्न कर रहा है यदि कोई समाधान करें तो।
सियावर रामचंद्र की जय----
राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का जलवा,
उत्तर हो या दक्षिण पुर्व हो चाहे पश्चिम....?
दशो दिशाओं में भाटी के शुभचिंतक हमेशा अपने नेता के लिए पलक पांवड़े बिछाकर घंटों तक बेसब्री इंतजार करते रहते हैं यह हैं जनता का प्यार
अद्भुत आदित्य, अविस्मरणीय जनसमर्थन!
आज बांसवाड़ा की धरती पर जननायक रविन्द्र सिंह भाटी के प्रति उमड़ा जनसैलाब यह स्पष्ट संदेश दे गया कि जनता का विश्वास और स्नेह किसी भी राजनीतिक शक्ति से बड़ा होता है। जिस प्रकार हजारों लोगों ने अपने प्रिय नेता के स्वागत में सहभागिता निभाई, वह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभावनाओं का विराट प्रदर्शन था।
धन, वैभव और सत्ता तो समय के साथ प्राप्त हो जाते हैं, किंतु जनता का निस्वार्थ प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास विरले ही नेताओं को मिलता है। रविन्द्र सिंह भाटी ने अपने संघर्ष, सरलता और जनसेवा के माध्यम से जो स्थान लोगों के हृदय में बनाया है, उसका प्रमाण आज बांसवाड़ा में देखने को मिला।
यह अभूतपूर्व जनसमर्थन आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित करेगा। निस्संदेह, जनता के इस अपार प्रेम ने पक्ष और विपक्ष दोनों की बेचैनी बढ़ा दी है। यह केवल भीड़ नहीं, बल्कि परिवर्तन, विश्वास और नेतृत्व के प्रति जनता की अटूट आस्था का प्रतीक है।