@INCIndia राहुल गांधी ने ट्रंप के 50% टैरिफ को ‘आर्थिक ब्लैकमेल’ बताया! 😂 वाह राहुल जी, मोदी जी को कमजोरी न दिखाने की सलाह दे रहे हो? पहले अपनी ‘कांग्रेस की कमजोरी’ पर तो टैरिफ लगा लो, जो हर चुनाव में 50% से ज्यादा वोट गंवा देती है! #RahulGandhi#TrumpTariff#Politics
@RahulGandhi राहुल गांधी ने ट्रंप के 50% टैरिफ को ‘आर्थिक ब्लैकमेल’ बताया! 😂 वाह राहुल जी, मोदी जी को कमजोरी न दिखाने की सलाह दे रहे हो? पहले अपनी ‘कांग्रेस की कमजोरी’ पर तो टैरिफ लगा लो, जो हर चुनाव में 50% से ज्यादा वोट गंवा देती है! #RahulGandhi#TrumpTariff#Politics
@FanPriyankaGV प्रधानमंत्री का पद राजनीति, जिम्मेदारी और देश की गरिमा का सबसे बड़ा प्रतीक है। कोई भी सरकार या नेता आए- जाए, लेकिन इस पद की इज्जत करना हर भारतीय का कर्तव्य है। आलोचना हो, पर पद और गरिमा की सीमा हमेशा बनी रहनी चाहिए।
विपक्ष ‘नो SIR’ चिल्ला रहा है, लेकिन ये तो मतदाता सूची को क्लीन करने का तरीका है! कांग्रेस क्यों डर रही? शायद फेक वोटर्स से? सरकार की पारदर्शिता सही है! #FairElections#StopOppositionDrama”
@TheIncNews “246 मौतें दुखद हैं, लेकिन दिखावे के इस्तीफों से नहीं, एक्शन से फर्क पड़ता है।
मोदी सरकार जवाबदेही से भागती नहीं — Congress के टाइम रोज़ हादसे होते थे, तब चुप क्यों थे?”
#PlaneCrash#ModiWorks#StopPoliticalDrama
पहाड़ों को चीर के निकली है ताक़त — ये है #AnjiBridge!
मोदी है तो मुमकिन है कोई जुमला नहीं, अब #JammuKashmir में इतिहास बन रहा है।
पहला केबल-स्टे रेल ब्रिज, दुश्मनों के मुँह पर तमाचा और देशवासियों के लिए फक्र!
जो कहता था ‘कुछ नहीं बदला’, वो अब फोटो खींच रहा है!” 📸🇮🇳
@nehafolksinger नेहा जी, प्रसाद में घोटाला हो गया तो भगवान को भी इस्तीफ़ा दे देना चाहिए क्या? कृपया सरकार को हर बार नाच-नाच कर कोसना बंद करें, मुद्दे पर बात करें।
@TheIncNews “फोटो में मुस्कानें हैं, पीछे विरासत की बातें… मगर असल में कहानी है नेहरू से लेकर राहुल तक की ‘रॉयल पॉलिटिक्स’ की! #FramedLoot#DynastyDiaries”
@nehafolksinger अरे बहनजी,
घूंघट-सिंदूर पे कविता ठेलने से
ना अस्पताल बनते, ना बेड मिलते
कभी FIR लिखवाई है किसी पीड़िता के लिए?
ट्वीटर क्रांति छोड़ो, ज़मीन पर उतर के कुछ कर के दिखाओ,
वरना जनता अब समझदार है
‘बोलै बड़-बड़, करै ठायं-ठायं’ वाला माल नहीं बिकता!
@nehafolksinger हर मुद्दे को मंच और हर पीड़ा को प्रोग्राम बना देना आदत बन गई है। सवाल उठाने से पहले आईना देखिए — ‘शब्दों’ के अलावा देश के लिए ‘कर्म’ क्या किया?