पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह जी के पार्थिव शरीर पर जिलाध्यक्ष श्री @SudhanshuS_BJP जी ने पार्टी ध्वज समर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
महाप्रभु पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। ॐ शांति!
पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह जी के निधन पर क्षेत्रीय अध्यक्ष काशी क्षेत्र श्री अशोक चौरसिया जी ने उनके आवास पहुँचकर शोक संतप्त परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की।
विनम्र श्रद्धांजलि!
ॐ शांति! 🙏
अमेठी में भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाने वाले पूर्व विधायक श्रद्धेय दादा तेजभान सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक एवं मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।
1977 में जनसंघ से अपनी राजनीतिक यात्रा प्रारंभ करने वाले दादा तेजभान जी ने 1980 में भाजपा की स्थापना के समय से लेकर जीवन के अंतिम क्षणों तक संगठन का ध्वज ऊँचा रखा। जीवनपर्यंत उन्होंने निडर होकर संगठन को मजबूत किया, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और एक अभिभावक के रूप में हमेशा अपना मार्गदर्शन और आशीर्वाद देते रहे।
वर्ष 2014 में जब पहली बार अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर मिला, तब दादा तेजभान जी हर कदम पर एक अभिभावक की तरह साथ खड़े रहे। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और संगठन के प्रति अटूट विश्वास उस चुनावी संघर्ष से लेकर अब तक मेरे लिए निरंतर संबल स्वरूप रहा। अमेठी की धरती पर उनके जैसा समर्पित कार्यकर्ता और आत्मीय मार्गदर्शक मिलना मेरा सौभाग्य रहा।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!🙏
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin के पार्टी मुख्यालय, लखनऊ पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
#NitinNabinInUP
जोश से भरा जनसैलाब, कार्यकर्ताओं का अपार उत्साह और संगठन के प्रति अटूट समर्पण
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin के लखनऊ आगमन की भव्य स्वागत यात्रा की झलकियां।
#NitinNabinInUP
प्रभु श्री राम एवं लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण के चरणरज से पावन हुई संस्कृति, संस्कार और सृजन की साधना स्थली उत्तर प्रदेश में @BJP4India के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
आपातकाल को एक साल के लिए बढ़ाए जाने की खबर सुनकर मां को ब्रेन हेमरेज हो गया, लेकिन जेल में बंद राजनाथ सिंह को अपनी मां के अंतिम समय में उनसे मिलने तक नहीं दिया गया। पैरोल की अनुमति नहीं मिली।
#SamvidhanHatyaDiwas पर सुनिए, रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh की जुबानी आपातकाल की वह क्रूरता, जिसे सुनकर आपका दिल भी भर आएगा।
25 जून, 1975 — जब लोकतंत्र को कांग्रेस ने कुचला!
25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का काला दिन था। इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध ठहराए जाने के बाद सत्ता बचाने के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया गया।
मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और हजारों लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में ठूंस दिया गया। असहमति को अपराध बना दिया गया और पूरे देश को भय व दमन के साए में धकेल दिया गया।
कांग्रेस और इंदिरा गांधी की तानाशाही सोच ने लोकतंत्र को बेड़ियों में जकड़ दिया। जबरन नसबंदी, राजनीतिक गिरफ्तारियां, नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन और बेगुनाहों की मौतें उस दौर की दर्दनाक सच्चाई थीं।
21 महीनों के संघर्ष के बाद 1977 में जनता ने जवाब दिया और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई।
11 जुलाई 2024 को भारत सरकार ने 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” घोषित किया, ताकि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लाखों सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जा सके।
देखिए, आपातकाल के उस दौर को याद करता ये वीडियो… #SamvidhanHatyaDiwas
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय 'आपातकाल' का विरोध करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की आस्था को संजोकर रखने वाले सभी सत्याग्रहियों के साहस, त्याग और समर्पण को शत-शत नमन।
#SamvidhanHatyaDiwas