@BhimArmyChief और ये भाई साहब मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हे
इन्होंने कभी भी दिवाली और होली की शुभकामनाएं नहीं दी
लेकिन ईद पर शुभकामनाएं के लिए ट्वीट जरूर हो जाता हे
3. जबकि जग-जाहिर तौर पर तिलक, तराजू आदि की बात बीएसपी ने कभी नहीं कही और ना ही बाबरी मस्जिद के स्थान पर कभी शौचालय बनाने की भी बात कही है। ये सब घृणित आरोप विरोधियों नेे केवल बीएसपी को नुकसान पहुँचाने ���े लिए इन्हें जबरन हमारी पार्टी से जोड़ दिया है, जो अति-निन्दनीय। 3/4
ये पहली बार नहीं है जब भाजपा के नेताओं ने बाबा साहेब का अपमान किया है। लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा संसद में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी का अपमान हमारा समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
मैंने और मेरे समाज ने सदियों से ऐसे जातीय अपमान को झेला है।
खुद बाबा साहेब को कांग्रेस और देश के पहले प्रधा���मंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू जी ने कई बार अपमानित किया और कई मौकों पर उनको नीचा दिखाने का काम किया। यही नहीं नेहरू जी ने तो सुनियोजित तरीके से बाबा साहेब को चुनाव हराने का भी काम किया।
लेकिन तब के कांग्रेसी नेताओं के हथकंडों से बाबा साहेब विचलित नहीं हुए और हमारे समाज को जो ताकत दी उसे एक राजनैतिक ताकत बना कर आदरणीय मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी और आदरणीय बहन कु. मायावती जी ने हमारे समाज को उसका हक दिलाने का काम किया।
मुझे याद है कि 2006 में कांग्रेस की सरकार में NCERT की किताब में एक बेहद अपमानजनक कार्टून छापा गया था जिसमें नेहरू कोड़ा लेकर बाबासाहेब पर हमल���वर हैं।बताइए कांग्रेस बच्चों को क्या पढाना चाहती थी।
सबको याद है 2012 में भी संसद में ऐसा ही हंगामा हुआ था, तब कांग्रेस की सरकार थी और आज भाजपा की सरकार है।
इसलिए ही मान्यवर साहब ने एक को सांपनाथ और दूसरे को नागनाथ कहा था, यही वजह है कि हमें इस देश को इन दो दलों की जागीर नहीं बनने देना है।
हमारे समाज को सम्मान सिर्फ और सिर्फ आदरणीय बहन कु. मायावती जी के नेतृत्व वाली बहुजन समाज ��ार्टी ही दिला सकती है।
जय भीम, जय भारत।
महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी देने की पहल के तहत् देश की संसद लोकसभा व राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला काफी लम्बी जद्दोजहद के बावजूद भी आगे नहीं बढ़ पाया है, यह अति-दुःखद, दुर्भाग्यपूर्ण व अति-चिन्तनीय भी है और इस सन्दर्भ में आज यू.पी. विधानसभा का विशेष सत्र बु���ाया गया है जिसका बी.एस.पी स्वागत करती है तथा महिला आरक्षण का समर्थन भी करती है।
देश में सामाजिक परिवर्तन के पितामह के रूप में प्रसिद्ध ’बहुजन समाज’ में अति-पिछड़े वर्ग में जन्मे महात्मा ज्योतिबा फुले को आज उनकी जयंती पर मेरे व बी.एस.पी. की ओर से भी शत्-शत् नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित।
ख़ासकर शिक्षा के माध्यम से स्त्री/नारी शक्ति के प्रणेता के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले व उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। महात्मा ज्योतिबा फुले के शब्दों में ’’विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी। नीति बिना गति गयी, गति बिना वित्त गया। वित्त बिना शुद्र हताश हेये, और गुलाम बनकर रह गये।’’ अर्थात यह सब कुछ शिक्षा के अभाव में हुआ और इसीलिये आगे चलकर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने इनसे प्रेरित होकर शिक्षा की तरफ विशेष ध्यान दिया।
साथ ही, उन्नीसवीं सदी के मध्य में दलितों व शोषितों की मुक्ति के लिये महात्मा ज्योतिबा फुले के ज़बरदस्त प्रयासों के कारण अकेले पुणे में ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र में सामाजिक परिवर्तन की नई अलख जगी और विशेषकर नारी मुक्ति व स���क्तिकरण का ऐतिहासिक कार्य शुरू हुआ, जिस संघर्षों के लिये उनकी जितनी भी सराहना व प्रशंसा की जाये वह कम है।
ऐसे अति-पिछड़े/ओबीसी समाज के महापुरुष की स्मृति व उनके सम्मान में मेरी बी.एस.पी. सरकार द्वारा अनेकों कार्य यहाँ यूपी में किये गये जिनमें अमरोहा को नया ज्योतिबा फुले नगर ज़िला बनाना शामिल है, किन्तु सपा सरकार ने इसे भी अपनी संकीर्ण राजनीति व जातिवादी द्वेष आदि के कारण इसका नाम भी बदल डाल��।
उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी की सरकार द्वारा कासगंज को कांशीराम नगर ज़िला बनाने के साथ-साथ कानपुर देहात को रमाबाई नगर, संभल को भीमनगर, शामली को प्रबुद्ध नगर व हापुड़ को भी पंचशील नगर के नाम से नया ज़िला बनाया था, जिसे सपा सरकार ने ज़िला तो बनाये रखा लेकिन इन सभी ज़िलों के नामों को बदल डाला, यह है इनके पीडीए का अति-दुखद चाल, चरित्र व चेहरा।
14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती जी एक विशाल ‘शक्ति प्रदर्शन’ करने जा रही हैं।
यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 𝐌𝐈𝐒𝐒𝐈𝐎𝐍 𝟐𝟎𝟐𝟕 के लिए बसपा के चुनावी अभियान का ��ोरदार शंखनाद माना जा रहा है।
बहुजन समाज की एकता और ताकत एक बार फिर पूरे देश को संदेश देने के लिए तैयार है।✊💙🔥
#Mayawati #AmbedkarJayanti2026 #BSP @Mayawati
आज मेरे लिए अत्यंत गर्व और जिम्मेदारी का क्षण है। मुझे राजस्थान का प्रदेश सचिव, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दायित्व सौंपने के लिए मैं परम आदरणीय बहन मायावती जी, माननीय आकाश आन��द जी, केंद्रीय कॉर्डिनेटर माननीय रणधीर बेनीवाल जी, राजस्थान प्रभारी माननीय इंजीनियर सी. पी. सिंह जी, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्री सुमरत जहाज़ी जी एवं सभी सम्मानित पदाधिकारियों और समर्��ित कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।
मैं विश्वास दिलाती हूँ कि पार्टी द्वारा मुझ पर जताए गए इस विश्वास पर मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ खरा उतरने का प्रयास करूँगी ।बहुजन समाज के हितों की रक्षा और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करती रहूँगी ।
आप सभी का स्नेह, सहयोग और मार्गदर्शन सदैव अपेक्षित रहेगा।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
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पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ ज़िला के अजराड़ा में मदरसा के मोहतमिम (प्रमुख) तथा मिल्ली कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस्लामी स्कालर हज़रत मौलाना अब्दुल्ला मुगै़सी साहब का इंतकाल हो जाने की ख़बर अति-दुखद। देश के उलेमाओं में अपना एक ��़ास मुकाम रखने वाले मौलाना मुग़ैसी की वफात से देश में मुस्लिम समाज के साथ-साथ दुनिया भर में उनके जानने वालों में ग़म का माहौल है। कुदरत उन सबको इस दुख को सहने की ताक़त दे।
Date- 31/3/2026
Uttar Pradesh State Review Meeting chaired by our respected party President and former Chief Minister of Uttar Pradesh Miss @Mayawati ji at BSP State Office in Lucknow.
@bspindia#जयभीम#जयभारत
1. काफी लम्बे इंतज़ार के बाद जेवर में नोएडा इण्टरनेशनल हवाई अड्डा के प्रथम चरण का कल उद्घाटन हुआ, जबकि इसकी रूपरेखा ही नहीं बल्कि इसके सभी ज़रूरी बुनियादी कार्य बी.एस.पी. की मेरी सरकार में ही शुरू हो ग���े थे।
2. इतना ही नहीं बल्कि उस समय केन्द्र में रही कांग्रेस पार्टी की सरकार अगर रोड़ा नहीं अटकाती तो विकास का यह कार्य, यमुना एक्सप्रेसवे आदि की तरह, काफी पहले मेरी सरकार में ही पूरा हो गया होता।
3. जहाँ तक सपा सरकार का सवाल है तो इनका ज़्यादातर समय उत्तर प्रदेश की ग़रीबी व पिछड़ेपन आदि को दूर करने हेतु विकास के ठोस कार्य करने के बजाय, ख़ासकर बी.एस.पी. सरकार द्वारा समाज के कमज़ोर तबक़ों के हित, कल��याण व उनके उत्थान हेतु लिये गये ऐतिहासिक फैसलों व किये गये महत्वपूर्ण कार्यों को निष्क्र��य बनाने के साथ-साथ बहुजन समाज में जन्में महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में निर्मित शिक्षण व मेडिकल संस्थानों व ज़िला आदि का नाम बदलने व उनके नाम पर बने स्थलों, स्मारकों, एवं पार्कों आदि की अनदेखी व उपेक्षा करने के नकारात्मक, जातिवादी व राजनीतिक द्वेष में ही ज़्यादातर समय लगी रही, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है।
4. अतः इन सबके मद्देनज़र यूपी की जनता से अपील है कि वे विरोधी पार्टि���ों की छलावापूर्ण राजनीति व बहकावे में ना आकर बी.एस.पी. के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त में विश्वास रखते हुये अपने व प्रदेश के विकास हेतु बी.एस.पी. के आयरन नेतृत्व पर ही भरोसा करें।
5. इसके साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की अलग से बेंच व उनके लिये अलग से प्रदेश बनाने का सपना ना जाने कब पूरा होगा?