कमलजीत सिंह, दलबहादुर सिंह, बिक्कू सिंह, रानू सिंह, बक्स सिंह,अदिति सिंह आदि लोगों ने मिलकर फावड़ा, सरिया, कुल्हाड़ी , डंडे से अनिल के परिवार पर जानलेवा हमला किया ।
कौन कहता है गुंडे मवाली प्रदेश छोड़े दिए , गुंडे मवाली अब सत्ता के संरक्षण में खुलेआम अपराध कर रहे है ।
अनिल को उनके अपने ही जमीन में घर नहीं बनाने दिया जा रहा है ।
📍~ अगुरी, थाना इन्हौना, अमेठी यूपी
@Uppolice@amethipolice@DmAmethi
हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के महुआ कोला गांव में तीन वर्ष पूर्व बहुजन समाज ने आपसी सहयोग से अपने खेत में बुद्ध विहार का निर्माण करवाया था और तभी से वहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने हेतु अनुमति के लिए प्रयासरत थे। हार-थक कर उन्होंने बुधवार (27 मई) को प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन भाजपा नेता द्वारा वहां अपने इष्ट की प्रतिमा रखकर बुद्ध विहार को मंदिर बताने का प्रयास करते हुए मामले को अलग रूप दे दिया गया।
मामले में पुलिस प्रशासन से बातचीत बहस में बदल गई और भाजपा नेता पक्ष के लोगों द्वारा आगजनी किए जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए बहुजन समाज के लोगों पर लाठीचार्ज किया। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं तक को नहीं छोड़ा गया तथा कम से कम 20-25 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
यह घटना बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर बहुजन समाज को अपने ही खेत में बने बुद्ध विहार में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति के लिए तीन साल तक क्यों रोका गया? आखिर तीन साल तक अनुमति रोककर रखने का आधार क्या था? क्या बहुजन समाज की धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकार आपकी व्यवस्था में दोयम दर्जे के हैं?
यदि प्रशासन समय पर निष्पक्ष फैसला लेता, तो न विवाद होता, न तनाव फैलता और न ही महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों पर लाठियां बरसतीं। तीन साल तक अनुमति लंबित रखना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि बहुजन समाज की आस्था की उपेक्षा का गंभीर उदाहरण है।
और यह पहली बार नहीं है जब हरदोई में बहुजन महापुरुषों और प्रतीकों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिली हो। लगभग एक वर्ष पूर्व जिला हरदोई के डीएम चौराहे से सौंदर्यीकरण के नाम पर हटाई गई राष्ट्रनायक, अखंड भारत के निर्माता एवं मानवता के प्रतीक चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक मौर्य जी की लाट एवं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह को आज तक पुनः स्थापित नहीं किया गया।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, निर्दोष लोगों को तत्काल रिहा किया जाए,घायलों का समुचित एवं निःशुल्क इलाज कराया जाए तथा तथा एकपक्षीय कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अन्यथा मैं शीघ्र वहां पहुंचकर, अपने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होऊंगा।
शिवम मौर्य और मुकेश मौर्य को हरदोई प्रशासन तत्काल करे ।
असली आरोपियों को पकड़ने के बजाय मौर्य समाज के सीधे साधे लोगों को परेशान किया जा रहा है ।
असली आरोपी बुद्ध विहार में बुद्ध की प्रतिमा स्थापित न कर देने वाले मनुवादी है जिन लोगों ने एक साजिश के तहत प्रशासन पर पथराव किया ।
#ReleaseShivamMaurya
भारत विश्वगुरु बुद्ध की धरती है , बुद्ध को मानने वाले अपने ही देश में अपने ही जमीन में अपने महापुरुषों की प्रतिमा नही स्थापित कर सकते ।
ये कैसा नियम है , हरदोई प्रशासन यदि संडीला में किसी भी व्यक्ति के साथ कार्यवाही की गई तो आंदोलन होने से कोई रोक नहीं पाएगा।
@hardoipolice
#ReleaseShivamMaurya
बीती रात हरदोई प्रशासन द्वारा पहले लाठीचार्ज किया गया उसके बाद शिवम मौर्य और अन्य कई लोगो को गिरफ्तार कर लिया गया है ।
ये बुद्ध की धरती है बावजूद हम अपने ही जमीन पर अपने आराध्य विश्वगुरु को मूर्ति स्थापित नही कर पा रहे है ।
हरदोई के संडीला विधानसभा क्षेत्र में एक निजी जमीन पर बने बुद्ध विहार में स्थापित तथागत बुद्ध की प्रतिमा को मनुवादी ताकतों के दबाव में हटाने के लिए sdm नारायणी भाटी और जिलाधिकारी अनुनय झा ने अपनी पूरी ताकत लगकर ग्रामवासियों पर खुलेआम अत्याचार कर मंदिर से विश्वगुरु तथागत बुद्ध की मूर्ति को हटा दिया ।
सूत्रों के अनुसार, रात के अंधेरे में पुलिस ने न सिर्फ ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि पथराव किया और माहौल को दहशत में बदल दिया। इतना ही नहीं, वहां आगजनी कर हालात को और भयावह बना दिया और फिर मौके से निकल गई।
यह सिर्फ एक मूर्ति हटाने का मामला नहीं, बल्कि लोगों के संवैधानिक अधिकारों, आस्था और सम्मान को कुचलने की साजिश है। अगर यही रवैया जारी रहा तो जनआक्रोश भड़कना तय है और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
#Hardoi #ReleaseShivamMaurya
महान क्रांतिकारी बाबू जगदेव कुशवाहा जी के ऊपर फिल्म बनाने वाले निर्देशक PREM KUMAR VIDHYARTHI जी को बहुत-बहुत बधाई
और फिल्म के सफल होने की ढेर सारी अग्रिम शुभकामनाएं
फतेहपुर की जिन अनाथ बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया, उनकी पैतृक संपत्ति पर अवधेश सिंह और राकेश सिंह जैसे गांव के दबंगों ने डाका डाल दिया।
हैरानी की बात देखिए.. जब बेटियां गुहार लगाने पुलिस के पास गईं, तो योगी जी की पुलिस ने दबंगों की चाटुकारिता करते हुए उल्टा पीड़ित बेटियों पर ही फर्जी केस दर्ज कर दिया। थाने और तहसील के चक्कर काट-काटकर जब बेटियां थक गईं, तो व्यवस्था से हताश होकर एक बहन को 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ना पड़ा।
क्या एक बेटी को अपना हक मांगने के लिए मौत के मुंह में जाना पड़ेगा?
मंचों से 'नारी शक्ति वंदन' का ढोंग करने वाली सरकार के राज में बेटियां महफूज नहीं हैं। यह पूरी व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है।
इसरों वैज्ञानिक प्रवीण मौर्य पर लगाए गए आरोप एक साजिश है!
यह बड़े शर्म की बात है!
जब आज समाज में कई उपमुख्यमंत्री एवं मुख्यमंत्री हो तब समाज में एक निर्दोष क़ो बेवजह फसाया जा रहा है!
और सभी मौन है!
" मौन तोड़िये, कुछ तो बोलिये!"
माननीय @NayabSainiBJP मुख्यमंत्री ( हरियाणा )
माननीय @samrat4bjp मुख्यमंत्री ( बिहार )
माननीय @OfficeOfKPM उपमुख्यमंत्री ( उत्तर प्रदेश )
#प्रवीण_मौर्य_क़ो_न्याय_दो
#प्रवीण_मौर्य_क़ो_न्याय_दो