#UPSSSC को वेटिंग लिस्ट जारी करने संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजना चाहिए। वेटिंग लिस्ट समय की मांग है, बहुत अभ्यर्थी इस दर्द से गुजर रहे हैं। @myogiadityanath
फेल सिस्टम का एक और नमूना!
यूपी का जिला कन्नौज
अकबरपुर में 'रोता' एक स्कूल!
टीचर का कहना है कि 'परीक्षाएं छात्रों की शुरू होने वाली है।'...
छात्र पास होंगे या फेल परीक्षा के बाद पता चल जाएगा। लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में अगर परीक्षार्थियों का नुकसान होगा तो जिम्मेदार कौन?
बारिश में पानी भरना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन इस स्कूल में बारिश के बाद भी पानी भरा रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आरोप है कि स्कूल में भरे पानी की निकासी का कोई सिस्टम नहीं है। कर्मचारी कह रहे हैं कि सभी बड़े अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन इन छात्रों की परेशानियों पर किसी की नजर नहीं गई। गरीबों के बच्चों की उन्हें फिक्र नहीं हुई। कर्मचारी और टीचर के बयान को ध्यान से सुनिए
जब लोगों ने आवाज उठाई तो छात्रों को पढ़ने के लिए कहीं और भेज दिया गया। बच्चों को आप सुन सकते हैं। ऐसा नहीं है कि पूरा इलाका डूबा है। अगर पानी निकाला गया होता तो यह नौबत नहीं आती।
मुझे डर है कि इस वीडियो के वायरल होने पर कहीं टीचर और कर्मचारी पर एक्शन ना हो जाए। इसलिए आप लोग नजर बनाए रखिएगा।
मध्य प्रदेश की स्मार्ट सिटी इंदौर में 40 करोड़ रुपए में बनी सड़क फट गई।
इस सड़क को बने अभी साल भर ही हुआ था कि BJP का हवा-हवाई 'विकास' जनता के सामने बह गया।
देखिए- 'करप्शन का मुजस्समा' 👇
देश का Health System भ्रष्टाचार, Commissionखोरी और धांधलेबाजी की भेंट चढ़ चुका है।
और यह आज की बात नहीं है।
कई सालों से यही समस्या है, हर सरकार के सामने है, हर बड़े सरकारी Hospital के सामने है और देश के लगभग हर हिस्से में आम आदमी इसे भुगत रहा है।
#AIIMS जैसे बड़े सरकारी #Hospitals के बाहर मरीजों की कतारें कभी खत्म नहीं होतीं। महीनों तक Appointment का इंतजार, इलाज के लिए लंबी लाइन और कई बार एक Specialist को दिखाने के लिए भी मरीज को लगातार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
दूसरी तरफ Private Hospitals का खर्च इतना बढ़ चुका है कि एक बीमारी पूरे Middle Class परिवार की वर्षों की Saving खत्म कर देती है। Consultation, Test, Pathology, Medicine और Hospital Charges की एक लंबी Chain बनती जाती है और मरीज को समझ ही नहीं आता कि इलाज करा रहा है या अपनी पूरी जिंदगी की कमाई खत्म कर रहा है।
जो Test ₹500 में हो सकता है, वही अलग-अलग जांच और Charges जुड़ते-जुड़ते ₹5,000 कब हो जाता है, आम आदमी को पता तक नहीं चलता।
और सबसे बड़ा सवाल Commission का है।
Test की जरूरत है या नहीं?
किस Pathology में जाना है?
कौन-सी Medicine लिखी जाएगी?
कितने Tests होंगे?
इन फैसलों के पीछे अगर मरीज का हित नहीं बल्कि Commission काम करने लगे, तो फिर Health System Commissionखोरी और धांधलेबाजी की भेंट चढ़ चुका है।
सरकारी Hospital में कई जगह दवाई बाहर की Medical Shop से हीं खरीदनी पड़ती है। Test बाहर की Pathology से करवाना पड़ता है।
क्यों?
जिस मरीज के पास Private Hospital का खर्च उठाने की क्षमता नहीं है, उसे सरकारी Hospital में भी पूरा इलाज क्यों नहीं मिल सकता?
दूर-दराज से आए परिवार महीनों अस्पतालों के चक्कर लगाते रहते हैं। जानकारी के अभाव में एक जगह से दूसरी जगह भेजे जाते हैं। कई बार सही समय पर सही इलाज नहीं मिलता और तब तक बीमारी गंभीर हो जाती है।
यह किसी एक Hospital की कहानी नहीं है।
यह पूरे #Health System की कहानी है।
'यूपी बुलेटिन' में आज देखिए-
- लखनऊ में स्कूली बच्चों को आखिर क्यों उतरना पड़ा सड़कों पर?
- यूपी की नई यूथ पॉलिसी क्या है?
- संजय निषाद चुनाव से पहले अपनी ही सरकार के खिलाफ क्यों खड़े नजर आ रहे हैं?
- अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले ताने से RLD और सपा की पुरानी दोस्ती पर फिर क्यों उठने लगे सवाल?
Full Episode: https://t.co/CjsBZilhnz
@Siddhantmt@Pal_Sahab24
36000 करोड़ में बना गंगा एक्सप्रेसवे भी धंस गया,
-दो दिन सोशल मीडिया पे हल्ला होगा
-एक्सप्रेसवे पे रिपेयरिंग काम शुरू हो जाएगा
-हम दिखायेंगे की कहाँ कहाँ गड़बड़ी हुई
-वो दिखायेंगे की हमने किस किस पे कार्यवाही की
-फिर एक हफ़्ते बाद हम सब भूल जाएँगे
- वो फिर से यही रवैया अपना लेंगे
-हम फिर से सोशल मीडिया पे शोर मचा के शांत हो जायेंगे
सरकार मान रही है कि उसके स्कूलों की हालत ख़राब है। दिखाने लायक नहीं है। सरकार को अगर एक स्कूल पर भी भरोसा होता तो इसी आदेश में लिखती कि केवल दस स्कूलों में कोई भी आ सकता है, देख सकता है और वीडियो बना सकता है। वो काफी शानदार हैं। मतलब दस स्कूल भी नहीं है। पब्लिक स्कूल में मीडिया को जाने से कैसे रोक सकते हैं? सरकार को अब डर लगने लगा है। एंटी मुस्लिम टॉपिक छोड़ कर लोग स्कूल की बात करने लगे हैं। सरकार स्कूलों की बात नहीं चाहती है। दिमाग़ी रूप से सरकार बीमार हो गई है।
यूपी में बारिश के बीच फिर सड़क पर युवा - रिजल्ट कब आएगा?
जूनियर असिस्टेंट 5512 भर्ती के अभ्यर्थी बारिश के बीच UPSSSC दफ्तर से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास तक पहुँचे। सवाल वही है - आख़िर अपने हक़ के रिजल्ट के लिए युवाओं को बार-बार सड़क पर क्यों उतरना पड़ रहा है?
जब UPSSSC की पिछली JE भर्तियों में Department Skip का विकल्प दिया जा चुका है, तो JE 2024 में इसे लागू करने में क्या समस्या है?
यह विकल्प हजारों अभ्यर्थियों के हित में है और सीटों को खाली जाने से बचा सकता है।
#UPSSSC_JE_ALLOW_DEPARTMENT_SKIP@myogiadityanath@brajeshpathakup
बारिश के बीच भी छात्र #upsssc के दफ्तर पहुंच गए हैं. मांग है कि Junior Assistant 5512 का रिजल्ट जारी किया जाएl
ये पहली बार नहीं, इससे पहले भी कई बार छात्र आयोग के दफ्तर जा चुके हैंl
#UPSSSC_DECLARE_JA5512_RESULT