जो आज BSF जवान के लौटने पर पाकिस्तान के “शांति संदेश” पर मोहित हैं उन्हें सौरभ कालिया की चीखों की गूंज ज़रूर सुननी चाहिए।
“क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो,
उसको क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत, सरल हो।”
देश के अमर सेनानी महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उन्होंने जिस साहस और शौर्य का परिचय दिया था, वह आज भी हमारे वीर-वीरांगनाओं के लिए पथ-प्रदर्शक बना है। मां भारती को समर्पित उनका पराक्रमी जीवन देशवासिय���ं को सदैव प्रेरित करता रहेगा।