🇮🇳🚩हर एक कदम पे यहाँ ठोकरों का पहरा है,
बड़ी संभल के हमें आज पाँव धरना है।
फरेब-ए-दश्त में मंजिल का कोई पता तो नहीं,
चराग़ बुझ न जाए ये हौसला रखना है।
ठोकरें खाकर ही सम्भलते हैं यहाँ लोग,
मगर हर बार गिरना भी तो समझदारी नहीं।
नीतीश राणे ने आज दिल जीत लिया
सीता के पति का नाम लेकर हमारे धर्म का क्यों
अपनाम और NEET से इसका क्या संबंध है
अगर सीता के पति के बारे में बोल रहे तो फिर आयशा के पति के बारे में बोलने की हिम्मत करो
पूरे देश के हिंदुओं के दिल की बात बोली
महाराष्ट्र का शेर नीतीश राणे 🔥💪
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया
BC अब तो सारे के सारे जो भी
जंतर मंतर पे थे सब डॉक्टर बन
जाएंगे है न बेटा अब मत बोल ना
रह गया अब तो सारे डॉक्टर बनेगे
निहंग सिखों ने जंतर मंतर पर किया इंसाफ...👍
ये लड़की सोशल मीडिया कंटेंट क्रियेटर है, इसने दो दिन पहले वीडियो बनाया जिसमें दिल्ली पुलिस पर अभद्र व्यवहार का झूठा आरोप लगाया था...
अब इसकी पहचान कर निहंगों ने उसे जाने को बोला तो गिड़गिड़ा कर माफी मांग रही है।
ठीक 15 साल पहले…
सुबह का सूरज भी नहीं निकला था, लेकिन कानपुर और लखनऊ में एक इंजीनियरिंग परीक्षा का प्रश्नपत्र खुलेआम बिक रहा था — कीमत थी ₹6 लाख।
उस समय देश के शिक्षा मंत्री कपिल सिब्बल थे और सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी। AIEEE परीक्षा सीबीएसई ही कराती थी।
उधर देशभर में लाखों छात्र परीक्षा केंद्रों पर बैठ चुके थे। इधर उत्तर प्रदेश पुलिस ने पेपर लीक का खुलासा किया और इसकी जानकारी दिल्ली तक पहुंची। सवाल उठे, लेकिन किसी बड़े स्तर पर जवाबदेही तय नहीं हुई। नया प्रश्नपत्र भेजकर दोबारा परीक्षा करा दी गई और मामला ठंडा पड़ गया, जैसे कभी कुछ हुआ ही नहीं।
ऐसी घटनाओं ने समय के साथ पेपर लीक की समस्या को और गंभीर बना दिया।
आज तस्वीर अलग है। पेपर लीक के मामलों में गिरफ्तारियां होती हैं, सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई होती है, जांच तेज होती है, अधिकारियों पर जवाबदेही तय होती है और सरकार पर लगातार दबाव बना रहता है। सोशल मीडिया ने भी हर मामले को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है।
बस यही सबसे बड़ा फर्क है।
2011 में बहुत कम लोगों ने पूछा था कि जिम्मेदारी कौन लेगा, जांच कहां तक पहुंची और किस पर कार्रवाई हुई। आज जनता सवाल भी पूछती है और जवाब भी मांगती है।
लोकतंत्र में यही जागरूकता व्यवस्था को बेहतर बनाने की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार लगातार इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है।
पीके फिल्म को कॉपी करके यह दोगला सेकुलर सूअर हिंदू देवी देवताओं को अपमानित कर रहा था
हिंदू युवाओं ने इसकी रेल बना दी
हालांकि इसको 2-4 थप्पड़ भी पड़ने चाहिए थे
🔥 आगरा में होटल के बाहर महा ड्रामा!
14 साल की शादी... 2 साल से अलग...पति ने अपनी पत्नी को उसके दोस्त आरिफ के साथ होटल रूम से बाहर निकलते पकड़ लिया।
बुर्का पहनी पत्नी + धोखेबाज दोस्त...
कैमरे के सामने पति ने खूब फटकार लगाई, फिर दोनों में जोरदार मारपीट और खींचतान!
पति चिल्लाया - "इसने मेरी नाक कटवा दी... मेरे पीछे रंगरलियां मना रहे थे!"
पत्नी ने भी तमाचे जड़ दिए... भीड़ जमा हो गई।
क्या कहोगे इस पर? 😳
दिल्ली एनसीआर में एक और ख़ास ज़ेन ज़ी रहती है....
करीब से देखा है और वहीं रहता हूं इस लिए बता रहा हूँ
दिल्ली एनसीआर में बड़ी संख्या में प्रवासी आकर रहते हैं... ज्यादातर तो परिवार अपने गाँव छोड़ कर आते हैं पर कुछ ली लुगाइयों की दिल्ली रहने की सनक उन्हें यहाँ लाती है... दड़बे नुमा कमरों में ठूंस कर रहता एक कुनबा....
कुनबा जिसके बच्चे दिल्ली की हाईक्लास लाइफ देखते बड़े होते हैं...
वे उनके जैसा जीवन चाहते हैं... लेकिन जहाँ बाप की फैक्ट्री में खटते, पुट्टी घोलते जिंदगी घिस रही हो... ये लगज़री कहाँ मिलेगी...
तो बहुतेरी ज़ेन ज़ी सुन्दरी बदल जाती हैं फैक्स डॉल में....
दिल्ली के जो जमीन बेच, किराये पर घर चढ़ा अमीर हुए स्थानीय हैं न... उनके लोंड़ों की डॉल...
लाजपत नगर वाले कपड़े, गिफ्ट वाला फोन, डॉल तैयार....
हर ऐसे लोंडा 5-7 पाले मिल जायेगा...
खिलता पिलाता है... पैसे खर्चता है
घुमाता है.... और....बजाता है
यही औकात है ऐसी ज़ेन ज़ी वालियों की....!
और भाषा.... स्वाभाविक है जैसे काम में जुटी हैं वैसी ही तो बोलेंगी!
ये है आर्या सिंह ।
कानपुर के मध्यम-वर्गीय, रूढ़िवादी परिवार से आती हैं।
ये छोटे अश्लील कपड़े पहनकर कैमरे पर मोदी की माँ को गाली नहीं दे सकतीं, क्योंकि ऐसा सिर्फ़ दक्षिण दिल्ली की अमीर-ज़ादी लड़कियाँ या 'छपरी' ही कर सकती हैं।
लेकिन ये भी मशहूर होना चाहती हैं।
अपनी पीढ़ी के कई लोगों की तरह, इसे भी लगता है कि कड़ी मेहनत और भाग्य से बनने वाले लंबे करियर के मुकाबले 5 सेकंड की शौहरत ज़्यादा कीमती है।
इसका लालच बहुत ज़बरदस्त है।
इसलिए इसने अपनी मार्क शीट को AI के जरिये फ़ेक बनाया ।
असल में 167 नंबर पाने के बावजूद, उनकी नई मार्कशीट में 609 नंबर दिखाए गए ।
उनके पिता, जो एक पूर्व सैनिक हैं और टेक्नोलॉजी के बारे में ज़्यादा नहीं जानते, ज़ाहिर है अपनी बेटी का साथ देते हैं और विरोध-प्रदर्शन में पहुँच जाते हैं।
लाखों व्यूज़ और लाइक्स, और हज़ारों कमेंट्स में लोग कहते हैं—मज़बूत रहो आर्या, हम तुम्हारे साथ हैं।
सबसे ऊपर वाला कमेंट, हमेशा की तरह, एक मुस्लिम व्यक्ति का होता है जो दमनकारी हिंदू संस्कृति की बात करता है।
आर्या वह सबसे बड़ी चीज़ हासिल कर लेती हैं जो कोई इंसान पा सकता है, वो है इंस्टाग्राम पर शोहरत ।
मेडिकल प्रोफेशन को सेजल पवार जैसी एक और लड़की की कमी महसूस नहीं होगी।
✅ ये मोहित है, यूपी के एक डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर।
पढ़ाने की बजाय जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहा था और पीएम मोदी को गालियां बक रहा था
यूपी लौटते ही इन्हें टर्मिनेशन लेटर थमा दिया गया।
शाबाश! अगर सैलरी पढ़ाने के लिए मिलती है तो पढ़ाओ। राजनीतिक एक्टिविज्म सरकारी जिम्मेदारियों की कीमत पर नहीं हो सकता।
उम्मीद है DU और JNU के प्रोफेसर जो पढ़ाने के अलावा सब कुछ करते हैं, उनका भी ऐसा ही हाल हो।
दो लोगों ने ग़ज़ब की नौटंकी की है, एक राहुल गांधी और दूसरे अरविंद केजरीवाल..
राहुल गांधी, जिनके पास Z+ सुरक्षा है, दावा करते हैं कि एक पुलिसवाला उनके कान में आकर कुछ कहकर गया..🤪
लेकिन अरविंद केजरीवाल ने तो इससे भी बड़ा कमाल कर दिया। जहां पिज़्ज़ा और बर्गर की पार्टी चल रही है , उस भीड़ में उन्हें किसी के पास एक टिफिन दिख गया, जिसमें थोड़े से प्याज़ और चने थे। उनके मुताबिक वह व्यक्ति, वह टिफिन लेकर जंतर-मंतर पर संघर्ष करने आया था।
आख़िर ये लोग इस तरह की कॉमेडी क्यों करते हैं?
@Aamitabh2
"पेपर लीक रोका नहीं जा सकता"
वाले बयान पर प्रश्न करने पर
"दादी कि नाक" वाली पत्रकारों पर ही भड़क गई...😁
19 में 18 पेपर लीक पर दिए गए अपने ही बयान पर पत्रकार को गालियां बक रही है वाड्राईन...😆
CJP का व्हाट्सप्प ग्रुप चलाने वाले क्रन्तिकारी पुलिस द्वारा धरे गए हैं...
इनका लगतार प्रयत्न था हिंसा भड़काने वाले मैसेज प्रसारित करना.... झूंठा प्रचार
तीनों के नाम
असरफुल इस्लाम (21), मंजूर रहमान (23) & अब्दुल काशेम (23)
तीनों बांग्लादेश के घुसपैठिये...
असम पुलिस की कार्यवाही!
जंतर मंतर से सीसीटीवी कैमरा चुराकर स्कूटी पर घूम रहे ये तीन कॉक्रोच… खुलकर कैमरे के साथ पोज दे रहे हैं और मुस्कुरा रहे हैं!
रात के अंधेरे में जंतर मंतर से सरकारी संपत्ति चुराई, अब वीडियो बनाकर घुमा रहे हैं। बाइक नंबर भी साफ दिख रहा है – DL 8SD L5112।
@DelhiPolice@DCPNewDelhi तुरंत कार्रवाई कीजिए। ऐसे गुंडों को पकड़कर सबक सिखाओ!
जंतर मंतर डायरेक्ट...
नीट पेपर लीक धरना प्रदर्शन...अब बताओ यहां कौन सी झाड़ू काम करेगी कैसे सफाई की जाए..!
आजादी आजादी
इस आजादी स्थल के लिए कितना गर्व और अभिमान होना चाहिए..!
क्यूं गई थी बिटिया वहां...??
.. वहां जो महिलाये लड़कियां दिख रही वो,महिला के कैटेगरी से बाहर की हैं,वो अपनी इज्जत पचासों खूंटे पर टांग चुकी हैं...
वो तुम्हारी मदत नहीं करेंगी,बल्कि इन भेड़ियों के बीच फेंक देंगी...
रील बनाने के बहुत से जगह हैं, वहां जा कर बनाओ....
ये दाढ़ी टोपी वाले हैं उत्तरप्रदेश निवासी मुहम्मद जुनैद
मुसलमानों को पड़ी लकड़ी लेने का शौक है तो जनाब ने स्वयं से उठाकर उस लकड़ी को ले ली
शहादरा दिल्ली में एक छोटी सी मोबाइल की दुकान चलाने वाला जन्तर मंतर पर 8 से 10 हजार लोगों के चार टाइम खाने की व्यवस्था करते हैं जिसका खर्च रोज का लगभग 7-8 लाख रु आता हैं जो अब तक करोड़ो में पहुंच चुका है
जनाब इतने बड़े दिल वाले है तो प्रशासन की नजर तो पड़नी थी इन पर
अब उत्तरप्रदेश प्रशासन इनके घर पर जाती हैं जहां माली हालत मध्यम वर्गीय परिवार की है पुलिस ने इनके परिवार से जानना चाहा जिनके जवाब से सन्तुष्टि नही मिल
इनके पिता भाई को घर से ले गए हैं…केवल पूछताछ करना हैं बोलकर…
खबर तो ये भी है कि प्रशासन इनके की बहन के ससुराल मेरठ भी पहुंच गए फिलहाल सभी के पासपोर्ट जब्त किए जा चुके है
अब प्रशासन का प्रेम सन्देश आया है "की प्रिय जंतर मंतर छोड़कर घर लौट आओ" और हिसाब दो इतनी बड़ी फंडिंग कहाँ से आ रही हैं?
स्मरण रहे की ऑनलाइन फूड पैकेज 20 ता0 के बाद से आने शुरू हुए है उसके पहले महीनों से चल रहे इस प्रोस्टेट में भूखों के मसीहा मुहम्मद जुनैद ने ही पूरी जिम्मेदारी अपने कंधे पर सम्भाली थी
कुल मिलाकर जनाब ने जो पड़ी लकड़ी ली थी अब उस लकड़ी को निकालने की जिम्मेदारी उत्तरप्रदेश पुलिस के हाथों में है
अब वो ये जानने का प्रयास कर रही हैं कि जो अल्ला शाहीनबाग में अपने लोगो के लिए बिरयानी गिराता था वो आजकल काफिरो के लिए पिज्जा और बर्गर क्यों गिरायेगा? 😆