कोयला घोटाले को लेकर कितनी खबरें चलाई गई थीं. ��ब मोदी ने मनमोहन सिंह पर तमाम आरोप लगाए थे.
अब पता चल रहा है, ऐसा कोई मामला ही नहीं था. सब कुछ झूठ था, Propaganda था.
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घाय�� कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
BIG BREAKING
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों.
- नेता विपक्ष राहुल गांधी
दिल्ली, शुक्रवार, दोपहर करीब 12 बजे
मुंडका Industrial Area में एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों क�� दर्दनाक मौत हो गई.
शुरूआती जांच में पता चला कि एक मजदूर चांद, 42, सेप्टिक टैंक में उतरा था. जहरीली गैस की चपेट में आने के बाद वो बेहोश होने लगा तो अरुण, 38, उसे बचाने के लिए नीचे उतरा लेकिन जहरीली गैस ने उसे भी संभलने का मौका नहीं दिया. इसके बाद संदीप, 32, ने दोनों को बचाने के चक्कर में दम तोड़ दिया.
चाँद की ढाई साल की ��ेटी और आठ महीने का मासूम है. संदीप की एक 12 साल की बेटी है. अरुण के तीन छोटे-छोटे बेटे हैं... सब के सिर से पिता का साया छीन लिया गया.
तीनों बिना दस्ताने, gumboot, फुल बॉडी PPE kit, हेलमेट, harness और गैस डिटेक्टर के टैंक में उतरे. वहां ऑक्सीजन level की जांच भी नहीं हुई. कानून के मुताबिक बिना सुरक्षा इंतजाम के सीवर या सेप्टिक टैंक में उतरने पर रोक है. #SupremeCourt ने इस पर कई बार साफ़ निर्देश दिए हैं.
केंद्र सरकार ने भी माना कि 2017 से मार्च 2026 तक देश में 622 मजदूरों और दिल्ली 62 मजदूर ऐसे हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं.
मैं पिछले पच्चीस साल से लगातार इस मुद्दे बोलता और लिखता रहा हूँ. कई रिपोर्टस भी कीं. भारत में सिर पर या हाथ से मैला उठाने को रोकने के लिए 2013 से देश में #ManualScavenging है. कानून बना तो उम्मीद जगी कि अब ये प्रथा ख़त्म होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
दो साल पहले इस विभाग के केंद्रीय मंत्री से इंटरव्यू किया और उनसे इस बारे में कई सवाल पूछे. मैन्युअल स्केवेंजिंग को मशीनीकृत करने पर बात की उनको देश और विदेश में इस्तेमाल की जानेवाली मशीनों के बारे में बातचीत के बाद बताया. लिखित नोट भी दिया, पर हुआ कुछ नहीं.
इस पर जोर से आवाज़ उठनी चाह���ए. ये प्रथा ख़त्म होनी चाहिए.
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
As my leader and my mentor -
I thank you for the many life lessons you have taught - some explicitly, some by simply being yourself.
A man whose resilience is complimented by his kindness, whose empathy is augmented by his fearlessness.
Someone who fights, speaks, and resists - regardless of the consequences.
Someone who has taught me - that ruthless pursuit of power means nothing without a burning desire to empower and enable the weak.
May your spirit remain unstoppable and the love around you keep growing.
Happy Birthday, Boss @RahulGandhi
मध्य प्रदेश की NEET छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने 20 मई को नागपुर में फंसी लगाकर जान दे दी। अब उसका सुसाइड नोट सामने आया है।
आकांक्षा ने लिखा – "मम्मी, पापा आपका मुझ पर भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लिखकर डॉक्टर बन जाएगी। पर दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले NEET के पेपर में मेरे अच्छे मार्क्स आ रहे थे, पर दोबारा पेपर अच्छा जाए, इसकी क्या गारंटी है। सॉरी मम्मी पापा। ��ैंने सब बर्बाद कर दिया आप दोनों का"
“हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।”
कल दोपहर के खाने पर एक ऑटो चालक भाई ने यह कहा। एक वाक्य में देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी आ गई।
आमदनी का मीटर बंद। महंगाई का ब्रेक फेल। और सुनने वाली सरकार बहरी।
CNG से LPG तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर, सीधा वार है।
महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं - “public transport इस्त���माल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है - कल की रोटी कहाँ से आएगी?
कुछ गोदी गिद्ध और अंधभक्त कह रहे हैं पेट्रोल डीजल के 8 रुपए महंगा होने में कौन सी बड़ी बात है?
यह गरीब की परेशानी नहीं समझते
इनके लिए पेट्रोल पम्प पर, गैस और बाक़ी चीज़ों के लिए अलग से QR कोड लगवा कर ज़्यादा वसूली की जाये
यह बाकियों का भी बोझ उठायें, थोड़ी और मोदी भक्ति करें
NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए।
Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW.