आज राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर युवाओं की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर NSUI साथियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला दहन कर विरोध दर्ज करवाया।National Students' Union of India (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) Rahul Gandhi
आज नई दिल्ली में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष बड़े भाई विनोद जाखड़ जी से मुलाकात कर उन्हें नई ज़िम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुझे आशा ही नहीं मुझे पूर्ण विश्वास है आपके नेतृत्व में एनएसयूआई नए आयामों को स्थापित करेगी !
Rahul Gandhi
Priyanka Gandhi Vadra
रूस से तेल अंबानी ही खरीद रहा था, वहां से तेल को खरीद बंद होते ही वेनेजुएला से तेल खरीदने का लाइसेंस मिल गया। देश की विदेश नीति अब कुछ उद्योगपतियों के लिए सौदा बन चुकी हैं। भारत की विदेश नीति अंबानी और अडानी के फायदे के लिए काम कर रही हैं।
@MEAIndia@narendramodi
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता:
फरवरी 2026 में घोषित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर मैंने गहराई से अध्ययन किया है – व्हाइट हाउस की आधिकारिक फैक्टशीट, भारतीय मीडिया (द हिंदू, टाइम्स ऑफ इंडिया, रॉयटर्स), किसान संगठनों के बयान और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं के आधार पर। सरकार इसे “ऐतिहासिक जीत” बता रही है, लेकिन तथ्यों को देखें तो यह हमारी आर्थिक संप्रभुता, कृषि और लोकतंत्र के लिए गहरा झटका है।
2019 से पहले अमेरिका की GSP स्कीम के तहत हजारों भारतीय उत्पादों (टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, केमिकल्स, फार्मा आदि) पर शून्य टैरिफ था। भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में मुफ्त प्रवेश मिलता था – एक्सपोर्ट बढ़ते थे, नौकरियाँ बढ़ती थीं, अर्थव्यवस्था मजबूत होती थी।
ट्रंप ने 2019 में GSP छीन लिया, फिर 2025-26 में रूसी तेल खरीद को लेकर 25-50% तक टैरिफ लगा दिए।
अब इस “इंटरिम डील” में अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18% कर दिया है।
सवाल यह है कि पहले 0% था, अब 18% पर हम इसे “जीत” मना रहे हैं?
यह राहत नहीं, बल्कि भारी बोझ है।
बदले में हमने क्या दिया?
- अमेरिकी कृषि उत्पादों (DDGS, रेड सोरघम, सोयाबीन ऑयल, नट्स, फ्रूट्स, पल्सेस आदि) पर टैरिफ जीरो या न्यूनतम।
- रूसी तेल आयात कम करने/बंद करने का संकेत।
- ऊर्जा, तकनीक और इंडस्ट्रियल गुड्स में बड़ी खरीदारी का वादा।
मतलब, हम अपना बाजार अमेरिकी कॉर्पोरेट्स के लिए खोल रहे हैं, और बदले में हमें कुछ भी वापस नहीं मिल रहा हैं।
सबसे बड़ा नुकसान: कृषि और किसान
यह समझौता भारतीय कृषि के लिए विनाशकारी है। अमेरिका भारी सब्सिडी वाले सस्ते उत्पाद भेजेगा – मक्का, ज्वार, सोयाबीन की कीमतें गिरेंगी। पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के लाखों किसानों की आय तबाह हो जाएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने इसे “अमेरिकी साम्राज्यवाद के सामने घुटने टेकना” कहा है।
वहीं किसान यूनियंस राष्ट्रव्यापी विरोध की तैयारी कर रही हैं। यह 2020-21 के आंदोलन की याद दिलाता है – क्या हम फिर वही गलती दोहरा रहे हैं?
#लोकतंत्र और संप्रभुता पर सवाल
यदि हम वैचारिक दृष्टि से देखें तो यह नवउदारवादी वैश्वीकरण का चरम है – जहाँ राष्ट्रीय हितों को कॉर्पोरेट लाभ के सामने कुर्बान किया जाता है।
क्या हमारी नीतियाँ अब वाशिंगटन से तय होंगी?
ट्रंप की टैरिफ धमकियों के सामने इतनी जल्दबाजी क्यों?
संसद में कोई चर्चा नहीं, हितधारकों से कोई परामर्श नहीं। यह “मजबूत नेतृत्व” है या विदेशी दबाव में आत्मसमर्पण?
- मोदी जी, पहले GSP में 0% टैरिफ था, अब 18% पर संतोष क्यों?
अमेरिका से इतना भय क्यों कि हमारे किसानों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है?
- आत्मनिर्भर भारत का नारा कहाँ गया? क्यों हम अपनी कृषि को अमेरिकी सब्सिडी वाली बाढ़ के लिए खोल रहे हैं?
- रूसी तेल सस्ता और सुरक्षित था – अब महंगा अमेरिकी तेल लेकर मुद्रास्फीति क्यों बढ़ाई जाएगी?
- क्या यह समझौता लंबे समय में भारत को अमेरिका का जूनियर पार्टनर नहीं बना देगा?
यह विकास किसके लिए – कॉर्पोरेट्स के लिए या आम भारतीयों के लिए?
जय हिंद, जय किसान! ✊
#IndiaUSTradeDeal #किसानविरोध #आत्मनिर्भरभारत #GSPvs18Percent #ModiGovtQuestions
(स्रोत: व्हाइट हाउस फैक्टशीट, रॉयटर्स, द हिंदू, SKM बयान, किसान यूनियन घोषणाएँ)
गणतंत्र दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। आइए, हम सभी संविधान का पालन करते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ें तथा देश की अखंडता और एकता को सुदृढ़ बनाए रखने का संकल्प लें।
#गणतंत्रदिवस#RepublicDay2026
“Right, as the world goes, is only in question between equals in power, while the strong do what they can and the weak suffer what they must.”
-: Thucydides, in History of the Peloponnesian War (Book V, Melian Dialogue)
#Geopolitics#Greenland
From Legal Entitlement to Government Charity: The End of MGNREGA
#MGNREGA was not a favour—it was a constitutional commitment that recognised the right to work and upheld the dignity of rural labour.
आज एनएसयुआई प्रदेश उपाध्यक्ष भाई महेश चौधरी के नए प्रतिष्ठान महादेव मोबाइल के भव्य शुभारंभ में शिरकत किया ।
नए प्रतिष्ठान के लिए भाई महेश चौधरी को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं ।
महादेव का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे।