#कुली
कोई सर झुका कर ख��़ा है ।
कोई आस लगा कर खड़ा है ।
कोई दरवाजे पर नजर गढ़ा कर खड़ा है ।
कोई इस पापी पेट के लिए खड़ा है ।
कोई अपने बच्चों के सपनों के लिए खड़ा है ।
कोई चार पैसे कमाने के लिए खड़ा है ।
ये कुली है जनाब आपके कंधों का वौज उठाने के लिए खड़ा है । -Rahul jaykar arya-