महाराष्ट्र सरकार ने तय किया है केतन अग्रवाल हत्याकांड का केस फायर ब्रांड पब्लिक प्रोसिक्यूटर उज्ज्वल निकम लड़ेंगे.
केतन अग्रवाल का परिवार भी चाहता था सिया गोयल को मौत की सज़ा मिले. उज्जवल निकम से बड़ा सरकारी वकील कोई हो नही सकता.
1993 में जब मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुआ था तब आरोपियों के खिलाफ केस लड़ने के लिए कोई सरकारी वकील डर के मारे तैयार नही हो रहा था.
महाराष्ट्र सरकार ने तब जलगांव के जिले कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले मामूली वकील उज्ज्वल निकम पर भरोसा जताकर, मुंबई बुलाया गया. उज्जवल निकम को जेड प्लस सुरक्षा दी गयी.
सीरियल ब्लास्ट के बड़े बड़े आरोपियों के खिलाफ उज्जवल निकम ने केस लड़ा, ज्यादातर को मौत की सज़ा दिलाई. यहां तक संजय दत्त को भी आर्म्स एक्ट में 6 साल की कठोर सजा उज्जवल निकम के कारण मिली. आज भी उज्जवल निकम को 24×7 जेड सुरक्षा है.
अमेरिका और यूरोप वाले कितने मूर्ख हैं बेटियों को विज्ञान और गणित पढ़ाने में लगे हैं,
एक तरफ हमारे बिहार के मौलाना हैं छोटी छोटी बच्चियों को अभी से अच्छी तालीम दे रहे
कैसे है आप सब लोग, जब PMCH में मरीजों से मिलने पहुंचे स्वाथ्य मंत्री निशांत कुमार ..! अगर ऐसे ही लगे रहेंगे तो एक दिन ये सबकुछ बदलेगा ..! #Bihar#Nishantkumar
ई शिक्षाकोष ऐप पर जो आवासीय प्रमाण पत्र अपलोड करना है उसमें आप प्रमाण पत्र नया अपलोड करें या पुराना अपलोड करें लेकिन प्रमाण पत्र उसी पते का होना चाहिए जो पता आपने जॉइनिंग के समय दिया था।
आपके सर्विस बुक में भी आपका परमानेंट एड्रेस लिखा होता है और आपने परीक्षा फॉर्म अप्लाई करने वक्त भी अपना परमानेंट एड्रेस दिया होगा। इसलिए जो भी प्रमाण पत्र आप अपलोड कर रहे हैं वह ध्यान रहे कि उसका एड्रेस और जॉइनिंग के समय का परमानेंट एड्रेस सेम रहे।
*Bihar News : छात्र नेता दिलीप कुमार ने बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा में पेपर लीक और धांधली की जताई आशंका, परीक्षा रद्द कर की ईओयू से जांच की मांग* https://t.co/tdyd0c5T7Q
अगर क्रिकेट का कोई महान प्लेयर, IPL के 16 मैचों में, हर मैच में 48 रन (20 बॉल्स) बनाए तब भी वो वैभव के एवरेज से पीछे रह जाएगा। मतलब हर मैच में इतने फ़ास्ट और इतने ज़्यादा रन बनाने पर भी वैभव का रिकॉर्ड छू नहीं पाएगा। लोगों को मालूम ही नहीं है कि हमने क्या देखा है।
अमीर खान प्रोडक्शन ने 2010 में एक पिक्चर बनाई - पीपली लाइव - मीडिया की गिद्धगिरी पर बड़ा कटाक्ष था
उसका एक बड़ा फेमस गाना था👇
“सखी सईया तो खूब ही कमात है
महंगाई डायन खाये जात है”
मोहन सिंह जी की सरकार ने इसे बैन नहीं किया था. तमाम TV चैनल इसे खूब बजा बजा कर शो करते थे, सरकार से सवाल पूछते थे
कल प्रोडक्शन हाउस ने यह गाना सोशल मीडिया पर फिर पोस्ट कर दिया
लोग शेयर करके लगे. महंगाई ने नाक में दम किया हुआ है, लोगों को मानो एक आवाज़ मिल गई हो
लेकिन शाम तक मोदी सरकार ने सोशल मीडिया से ये गाना डिलीट करवा दिया
यह है इनकी सहनशीलता - महँगाई पर काबू करने के बजाय गाने को डिलीट करना प्राथमिकता है
बहरहाल, गाना तो पहले ही वायरल था, अब और ज्यादा हो रहा है
किसी ने ठीक ही कहा है - विनाश काले विपरीत बुद्धि
वैसे मेरे हिसाब से तो बेरोज़गारी और महँगाई की दोहरी मार के चलते गाना बदल गया है
“सखी सईया तो नईखे कमात है
महंगाई डायन खाये जात है”
हमने अपनी बात रखने के लिए ट्वीट किया था, जो वायरल हुआ, लेकिन लोगों ने हमें पाकिस्तानी बता दिया।
बड़े-बड़े एंकरों ने भी बिना वेरिफाई किए हमें पाकिस्तान का बता दिया।
इसके बाद हमें बहुत ट्रोल किया गया, जिसने हमें बहुत आहत किया।
- सिद्धांत श्रीवास्तव (वेदांत के भाई)