शिल्प, वास्तुकला और तकनीकी कौशल के अधिष्ठाता देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा जी की पावन जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!
भगवान विश्वकर्मा जी से प्रार्थना है कि हमारे देश को निरंतर उन्नति, समृद्धि और नव-सृजन की राह पर अग्रसर रखें।
@anuragdhanda@ArvindKejriwal तुम्हारे जैसे झूठे और आपकी पूरी मंडली के चक्कर मे कोई नही पड़ेगा अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर मे देश के युवाओं का भविष्य खराब कर रहे हो
@aajtak@rajeev_dh यह माफ़ीबीर पार्टियों के गुलामो आलोक शर्मा जैसे घटिया आदमियों को डिवेट में मत बैठाया करो इनको अक्ल नाम की कोई चीज है ही नही की अपनो से बड़ो का सम्मान कैसे किया जाता है
नारी शक्ति अधिनियम बिल का आज पास न हो पाना देश का बड़ा ही दुर्भाग्य है सरकार को यह बात गांव गांव जाकर बतानी चाहिये और देश भर में विपक्षी पार्टियों का जबरदस्त विरोध अपनी महिलामोर्चा बिंग से करवाना चाहिये
@BJP4India
आदरणीय आपको भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 नवसंवत्सर की हार्दिक बधाई एवं अनेकानेक शुभकामनाएं नववर्ष आपके एवं परिवार लिए मंगलकारी, कल्याणकारी, शुभ हो।💐
🙏अपनी संस्कृति अपना गौरव🙏
🚩🚩जय श्री राम 🚩🚩
आप सभी को प्रकृति की सुंदरता और दिव्यता को समर्पित पावन पर्व बसंत पंचमी की अनेकानेक शुभकामनाएं। ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का आशीर्वाद हर किसी को प्राप्त हो। उनकी कृपा से सबका जीवन विद्या, विवेक और बुद्धि से सदैव आलोकित रहे, यही कामना है।
भारत के सनातन भगवा ध्वज का आज आरोहण श्री राम मंदिर के शिखर पर हुआ है। यह वही भगवा ध्वज है, जिसकी रक्षा के लिए सिख गुरुजनों और उनकी पीढ़ियों ने अपना बलिदान दिया है।
सिख पंथ के नौवें गुरु, 'हिन्द दी चादर' गुरु श्
गुरु श्री तेग बहादुर जी महाराज की पावन स्मृतियों को नमन।
भगवान सूर्यदेव को प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ आज महापर्व छठ का शुभ समापन हुआ। समस्त व्रतियों और श्रद्धालुओं सहित पावन पर्व का हिस्सा बने अपने सभी परिवारजनों का हृदय से अभिनंदन! छठी मइया की असीम कृपा से आप सभी का जीवन सदैव आलोकित रहे।
आप सभी को भाई दूज की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भाई-बहन के आपसी प्रेम और विश्वास का यह प्रतीक-पर्व हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए। इस रिश्ते की डोर को एक नई मजबूती मिले, यही कामना है।
@NayakRagini@Pawankhera सूर्य की तरफ़ मुँह करके थूकोगे तो खुद पर ही गिरेगा यह सत्य है संघ को बदनाम करना आप लोगो की बहुत पुरानी आदत है इससे कुछ नही होने बाला संघ एकदम खुली किताब है
मैं अपने आप को अत्यंत भाग्यशाली मानता हूँ कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक क्षण देखने का अवसर मिला। यह केवल एक संगठन की यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, संस्कार और स्वाभिमान का शताब्दी पर्व है। संघ ने समाज को एकता, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का अमूल्य संदेश दिया