मुझे दारा सिंह जी को अनुमति के बाद भी मिलने नहीं दिया जा रहा हैं। इस लिए मैं केंदूझर जिला जेल के बाहर धरने पर बैठा हूँ। मेरे साथ कई स्थानीय नागरिक भी हैं। #JusticeForDaraSingh मैं उड़ीसा सरकार से न्याय की माँग करता हूँ। #ChavhankeInOdisha
जब दारा सिंह जी जेल में थे, तब उनके समर्थन में धरने पर बैठने वाले आज मुख्यमंत्री हैं। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे दारा सिंह जी को न्याय नहीं दिला पाए। सत्ता में आते ही भूमिका बदल गई, यही है किस्सा कुर्सी का।
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो ���ेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
I believe @JPNadda ji should be running to the family with ₹1 cr cheque! Every day, 36 students commit suicide in this country over such failures to get admission, pressure, poor system, exams etc. but no one talks about them.
THANK YOU PM MODI @narendramodi .
You are the MURDERER.
You murdered this child.
A 17-year-old boy scored 95.7%.
He wanted one seat at IIEST.
Your system denied him.
He jumped from the 22nd floor.
You only care about SC/ST vote banks.
Free coaching, free fees, –40 marks admission for them.
General category students pay 10× more, score 100%, still get nothing.
Merit is dead under you.
This boy is dead because of your policies. His blood is on your hands.
12वीं मे��� 95%अंक लेकिन कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला इसलिए बेटे ने आत्महत्या कर लिया
वोटजीवी नोटजीवी सत्ताजीवी नेता जाति भाषा मजहब का जहर घोलकर देश को बर्बाद कर रहे हैं
धन-धर्म, घर-परिवार, खेत-खलिहान, मकान-दुकान, उद्योग-व्यापार बचाना है तो दल गुलामी छोड़कर सत्य बोलिए और सत्य लिखिए
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश निवासी एक 30 वर्षीय युवक की मृत्यु के बाद उसका मृत शरीर परिजनों को नहीं सौंपा जा रहा है।
परिजन 23 लाख रुपया भर चुके हैं अभी 18 लाख रुपया और मांगा जा रहा है।
अस्पताल इतना ढीठ है कि ना तो प्रशासन की बात मान रहा है और ना सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर और ना NHRC की गाइडलाइन को फॉलो कर रहा है।
अब इस अस्पताल का इलाज करने मैं स्वयं जा रहा हूँ।
@cmohry