राजस्थान सरकार का अनोखा नियम स्कूल की स्थिति अब कोई बता नहीं सकता बच्चे और टीचरों क्या?बिना कपड़ों के पढ़ाई करते हैं स्कूलो की हालत खराब भवन झंझर स्थिति में है कहीं जगहों पर बाहर बैठ के पढ़ाई करते हैं पानी और शौचालय की हालत खराब कहीं जगह पर यह मिलते भी नहीं संसाधनो की कमी है
@aajtak राजस्थान सरकार का अनोखा नियम स्कूल की स्थिति अब कोई बता नहीं सकता बच्चे और टीचरों क्या?बिना कपड़ों के पढ़ाई करते हैं स्कूलो की हालत खराब भवन झंझर स्थिति में है कहीं जगहों पर बाहर बैठ के पढ़ाई करते हैं पानी और शौचालय की हालत खराब कहीं जगह पर यह मिलते भी नहीं संसाधनो की कमी
@GenZ_of_India_ राजस्थान सरकार का अनोखा नियम स्कूल की स्थिति अब कोई बता नहीं सकता बच्चे और टीचरों क्या?बिना कपड़ों के पढ़ाई करते हैं स्कूलो की हालत खराब भवन झंझर स्थिति में है कहीं जगहों पर बाहर बैठ के पढ़ाई करते हैं पानी और शौचालय की हालत खराब कहीं जगह पर यह मिलते भी नहीं संसाधनो की कमी है
साहस और शौर्य के प्रतीक आज़ादी के महापर्व #स्वतंत्रता_दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आज का दिन उन अमर बलिदानियों को वंदन और नमन करने का दिन है, जिन्होंने अपनी अटूट आस्था, अदम्य साहस और सर्वस्व बलिदान से देश को आज़ादी दिलाई।
जय हिंद जय भारत।l
#IndependenceDay
AICC के राष्ट्रीय सचिव, पूर्व राज्यमंत्री (राज.सरकार) ,पूर्व विधायक ,मेवाड़ के नेता @dgurjarofficial जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ ।
@MlaGopichand विधायक जी से आग्रह है कि यदि घाटारानी रोड पर उपयुक्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, तो उस विकल्प पर भी विचार किया जाए।
अस्पताल ऐसी जगह बने, जो जनता के लिए सुविधाजनक और भविष्य के लिए सुरक्षित हो। जनहित सर्वोपरि।
1 जहाजपुर के नएअस्पताल का स्थान जनहित में पुनर्विचार योग्य है
बांध के पास अस्पताल बनने से भविष्य में कचरा प्रबंधनजल-स्रोत की सुरक्षा यातायात पार्किंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं वर्तमान अस्पताल से 3–4 किमी दूर होने से बुजुर्गों और ग्रामीण मरीजों को भी परेशानी होगी@MlaGopichand
@ajeetbharti नीतियों की समीक्षा की मांग लोकतांत्रिक है, लेकिन आरक्षण को "कैंसर" या "कोढ़" कहना उन करोड़ों लोगों का अपमान है जिन्होंने ऐतिहासिक भेदभाव झेला है। यदि किसी वर्ग के भीतर लाभ का असमान वितरण है,
@GC_Revolution आँकड़ों की आधी सच्चाई फैलाकर समाज को बाँटना आसान है। अगर किसी को लगता है कि SC/ST आरक्षण में असमानता है, तो समाधान का रास्ता संविधान, आयोग और डेटा आधारित समीक्षा है—न कि पूरे समुदाय को निशाना बनाना। क्रीमी लेयर और उप-वर्गीकरण पर बहस हो सकती है, लेकिन नफ़रत फैलाना उसका समाधान नहीं
@AshokMeghwal_ मीणा समुदाय ने भी इतिहास में दमन और सामाजिक भेदभाव झेला है, खासकर ब्रिटिश शासन के दौरान। ST दर्जा किसी एक कारण से नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन सहित कई मानदंडों के आधार पर दिया गया है।
@AshokMeghwal_ ST SC उम्मीदवार कम नंबर से पास नहीं होते बल्कि अपनी श्रेणी की मेरिट में प्रतिस्पर्धा करके चयनित होते हैं अगर कोई ST अभ्यर्थी सामान्य मेरिट से अधिक अंक लाता है, तो वह सामान्य श्रेणी में भी चयनित हो सकता है। इसलिए आधी-अधूरी जानकारी फैलाने के बजाय भर्ती नियमों को समझिए। #Reservation
@AshokMeghwal_ ब्रिटिश शासन के दौरान कुछ मीणा समूहों को Criminal Tribes Act के तहत "अपराधी जनजाति" घोषित किया गया था। इससे कई निर्दोष लोगों को भी निगरानी, आवाजाही पर प्रतिबंध और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। यह कानून बाद में स्वतंत्र भारत में समाप्त कर दिया गया।
@panipatasha@AshokMeghwal_ ST का दर्जा केवल अत्याचार के आधार पर नहीं दिया जाता। इसमें ऐतिहासिक वंचना, भौगोलिक अलगाव, सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन और अन्य मानदंड भी देखे जाते हैं।
@curiousindian28 भाई ये आर्थिक रूप से कमज़ोर और पेसे से मजदूर आदमी कानून और केस से डरता है यह इस देश मैं अभी भी हो रहा है इसलिए अभी भी देश मै आरक्षण होना मजबूरी है जब तक जनता शिक्षित नहीं होगी अपने अधिकारों नहीं जानेगी तब तक ऐसा ही होगा
भैया एक बार गांव में जाना और अलग अलग गांवों में और ST/SC वाले भाइयों से पूछना उनका हाल पता चल जाएगा गांव में उनको आज भी नीचे बिठाया जाता है और नीच जाती वाली बोल कर बराबर नहीं बैठने दिया जाता पानी भी अलग से पिलाते है
इस स्वघोषित शिक्षक को ऐसा क्यों लगता है कि जो जातिवाद इसके गांव में है वैसा जातिवाद पूरे देश में पाया जाता है?
@abhinaymaths, अगर आपके गांव में इस तरह का जातिवाद है, तो उन सभी परिवारों को सजा दिलवाओ जो तथाकथित पिछड़ी जातियों को साथ इस तरह का व्यवहार करते हैं। पूरे देश के बच्चों का भविष्य क्यों बर्बाद करना चाहते हो?
और जैसा आप बता रहे हो, ऐसा मैंने अपने गांव में तो कभी नहीं देखा।
@arakshan_hatao1 ST SC उम्मीदवार कम नंबर से पास नहीं होते बल्कि अपनी श्रेणी की मेरिट में प्रतिस्पर्धा करके चयनित होते हैं अगर कोई ST अभ्यर्थी सामान्य मेरिट से अधिक अंक लाता है, तो वह सामान्य श्रेणी में भी चयनित हो सकता है। इसलिए आधी-अधूरी जानकारी फैलाने के बजाय भर्ती नियमों को समझिए। #Reservation
@neha_laldas ST SC उम्मीदवार कम नंबर से पास नहीं होते बल्कि अपनी श्रेणी की मेरिट में प्रतिस्पर्धा करके चयनित होते हैं अगर कोई ST अभ्यर्थी सामान्य मेरिट से अधिक अंक लाता है, तो वह सामान्य श्रेणी में भी चयनित हो सकता है। इसलिए आधी-अधूरी जानकारी फैलाने के बजाय भर्ती नियमों को समझिए। #Reservation
@NijiSachiv ST SC उम्मीदवार कम नंबर से पास नहीं होते बल्कि अपनी श्रेणी की मेरिट में प्रतिस्पर्धा करके चयनित होते हैं अगर कोई ST अभ्यर्थी सामान्य मेरिट से अधिक अंक लाता है, तो वह सामान्य श्रेणी में भी चयनित हो सकता है। इसलिए आधी-अधूरी जानकारी फैलाने के बजाय भर्ती नियमों को समझिए। #Reservation