NSUI पूरे देश में NEET के छात्रों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी, क्योंकि ये बेहद गंभीर मुद्दा है, जो देश का भविष्य तय करेगा।
NTA परीक्षा करवाने में फेल है, इसलिए हम मांग करते हैं कि इसे पूरी तरह से बैन किया जाए और किसी सरकारी संस्था द्वारा परीक्षा करवाई जाए।
वहीं, इस पूरे मामले के लिए एक JPC का गठन किया जाए और पेपर लीक से जुड़े दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
: NSUI अध्यक्ष @VinodJakharIN जी
📍 दिल्ली
₹2 करोड़ का 30वीं मंज़िल पर घर खरीदो।
₹25 लाख टैक्स दो।
लेकिन आग लग जाए तो सरकार के पास इतनी ऊंचाई तक पहुंचने वाली सही फायर फाइटिंग गाड़ियां तक नहीं।
टैक्स वसूली हाई-राइज़, सिस्टम ग्राउंड फ्लोर पर। 🚨
निकोबार प्रोजेक्ट में 50 लाख से 1 करोड़ तक पेड़ काटे जा रहे हैं और जनजीवन पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट के लिए फॉरेस्ट एक्ट का पालन नहीं हुआ है, लोगों की अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे में ये प्रोजेक्ट यहां के आदिवासी समुदाय के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
निकोबार प्रोजेक्ट का फायदा यहां के स्थानीय लोगों को नहीं, सिर्फ बड़े उद्योगपतियों को होने वाला है।
बेहद चौंकाने वाली बात है कि यहां 7 ऑफशोर माइनिंग के कॉन्ट्रैक्ट पहले ही दिए जा चुके हैं, जिसकी जानकारी किसी को नहीं थी।
मोदी सरकार का ये प्रोजेक्ट इस क्षेत्र के लिए बहुत खतरनाक है। सरकार को इसका ब्लू प्रिंट सभी के साथ साझा करना चाहिए।
: आदिवासी कांग्रेस के चेयरमैन @VikrantBhuria जी
स्वाति मालीवाल आज आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो गईं।
अब इंतज़ार है उस दिन का…
जब यूपी में बृजभूषण सिंह के लिए प्रचार करेंगी,
और हरियाणा में महिला पहलवानों के खिलाफ भाषण देंगी।
राजनीति में सिद्धांत नहीं, सिर्फ सुविधा चलती है। 🔥
गरीब था, आदिवासी था इसलिए अपनी मृत बहन के कंकाल को बैंक लेकर जाना पड़ा, ताकि वह खुद को उसका वारिस बताते हुए उसके खाते से पैसे निकाल सके। वरना विजय माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी ने कभी बैंक का मुंह नहीं देखा और हजारों करोड़ रुपए लेकर देश से फरार हो गए क्योंकि मोदी जी उनके दोस्त थे।
"आदिवासी विरासत के खिलाफ यह सबसे बड़ा घोटाला"
◆ निकोबार द्वीप पहुंचने पर राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कहा
@RahulGandhi | Great Nicobar Island | Great Nicobar Project
यह वीडियो देख कर शून्य हूँ
ओडिशा के जीतू मुंडा के कंधे पर उनकी बहन का कंकाल है. बहन की मृत्यु हो गई
बैंक से 19,300 रुपए निकालने थे
बैंक वालों ने इतने चक्कर लगवाए, इतने काग़ज़ मांगे कि थक हार कर यह कदम उठाया
इन्हीं बैंकों से धन्ना सेठों के 16 लाख करोड़ माफ होते हैं, लेकिन यही बैंक एक गरीब को इस तरह मजबूर कर देते हैं
घटना स्तब्ध करने वाली ज़रूर है, लेकिन इस देश के गरीब की असहाय होने की और इंसानियत के मार जाने का प्रमाण है
ये बहुत तकलीफदेह तस्वीर है
ये घटना दिखाती है, सिस्टम आज भी, आम लोगों के लिए कितना क्रूर हो सकता है
आम लोग, गरीब लोग, कितनी पीड़ा सहते हैं उसकी हम और आप शायद सही-सही कल्पना भी नहीं कर सकते
सरकार में ऊंची कुर्सी पर बैठे लोगों को अभी बहुत काम करने की जरूरत है, लेकिन सबसे पहले उन्हें घटना की जिम्मेदारी लेनी होगी
इस बुजुर्ग शख्स से माफी मांगनी होगी
ओडिशा के इस व्यक्ति की बहन की मौत हो गई थी, लेकिन डेथ सर्टिफिकेट नहीं बन सका... बैंक ने बहन के खाते में जमा करीब 19 हजार रुपये देने से मना कर दिया...
आखिर में ये सबूत के तौर पर, बहन की डेड बॉडी, कब्र से निकालकर बैंक पहुंचे... क्योंकि इन्हें और कोई रास्ता समझ नहीं आया...
ये जीतू मुंडा हैं. इनके कंधे पर इनकी बहन कालरा मुंडा का कंकाल है.
दरअसल, जीतू की बहन कालरा की 2 महीने पहले मौत हो गई.
कालरा जीतू को बता गईं कि उनके बैंक खाते में 19,300 रुपए हैं, जिसे जीतू निकाल लें.
जीतू ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे. बैंक के कर्मचारियों न कहा- जिसका खाता है उसे लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस होने का प्रमाण दो.
सर्टिफिकेट बनवाना गरीब जीतू के लिए पहाड़ चढ़ने सा था, उन्होंने आसान रास्ता चुना.
जीतू ने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और कंधे पर कंकाल को लादकर बैंक पहुंच गए. इस दौरान जीतू 5 किलोमीटर ऐसे ही चलते रहे. रास्ते में जिसने भी ये देखा, वो स्तब्ध रह गया.
सोचिए.. अपने देश में ये है गरीबी का हाल, 19,300 रुपए के लिए लोग ऐसा खौफनाक कदम उठा रहे हैं.
फिर आएंगे न्यूज एंकर जो चिल्लाएंगे कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं... सॉरी, अब तो छठवीं अर्थव्यवस्था हो गए हैं.
ये है असल भारत
KATNI (M.P)📍
हमारे यहां ऐसा ही होता है...🫵
एक तरफ पति जिंदगी ओर मौत से लड़ रहा है दूसरी तरफ
पत्नी से एंबुलेंस साफ करवाई जा रही है इलाज बाद में होगा
सफाई पहले!!😳!!
क्या यही हमारा सरकारी सिस्टम है और इंसानियत है घायल का इलाज छोड़कर पत्नी से सफाई करवाना कौन सा नियम है