35 लाख का हमारा इन्वेस्टमेंट था, तो फिर 36 लाख का घाटा कैसे हो गया? छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मीम को सच करके दिखा दिया
राशन की दुकानों पर इस्तेमाल होने वाली मशीन
E- POS की बाजार कीमत 25 000 रूपये है
14000 से अधिक दुकानों पर यदि इसे खरीदकर लगाया जाता तो कुछ लागत 35 करोड़ आती
लेकिन, नहीं, इन मशीनो को रेंट पर लाया गया दिखाया गया और अब तक 92 करोड़ का भुगतान हो चुका है और 48 करोड़ का और बाकी है.
5 सालों में जिनमे से दो साल भूपेश बघेल की भी सरकार रही है और 3 साल से बीजेपी सरकार है.
दैनिक भास्कर की इस रिपोर्ट ने सरकारी सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है.
ना खाऊंगा ना खाने दूंगा का नारा देने वाला क्या ये करप्शन नहीं रोक सकता??
निशब्द हूं.. 🤔
सरकार ने 12 साल में हाईवे नेटवर्क पर करीब ₹16 लाख करोड़ खर्च किए, 1 करोड़ पेड़ भी काटे... कार की स्पीड 13kmph बढ़ी
#Highways#Infrastructure#RoadTransport#Environment#India | By- @ajayprakashm
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बहुत से लोग राजनीति में मर्यादा, आदर्श और नजाने क्या-क्या ज्ञान दे रहे हैं.
2 महीने पहले जब 76 साल के मोदी, 56 साल के राहुल का मजाक उड़ा रहे थे, वो भी तब जब सदन की शुरुआत हो रही थी.
उस वक्त इन लोगों ने मर्यादा-आदर्श वाला ज्ञान कपड़े में लेपटकर तिजोरी में रख दिया था.
किसे नहीं पता कि विदेशों में जब मोदी जाते हैं तो ऐसे आयोजन स्थल को अवॉइड किया जाता है, जहां सीढ़ियां हों.
ये भी कि अब भाषणों में उनकी उम्र दिखने लगी है, वो फंबल करते हैं, चीजें भूल जाते हैं - लेकिन इसके बाद भी उनकी उम्र का मजाक कोई नहीं बनाता.
वो अलग बात है कि वो खुद Gen-Z बनने लगते हैं और उस चक्कर में ऐसा वीडियो बनाते हैं कि जनता मजाक उड़ाती है.
मर्यादा-आदर्श वाला ज्ञान अच्छा है, लेकिन ये तभी मुमकिन है जब सामने वाला भी इसका पालन करता हो.
एक आदमी नंगई करता रहे और आप मर्यादा, आदर्श निभाते रहें तो हो भया.
"सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है - हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?"
यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा।
गाँव से पढ़ने शहर आई। हॉस्टल है नहीं, तो PG में रहना पड़ता है। सिर्फ़ सुरक्षित रहने में लाखों ख़र्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता, और बेघर होने का डर - इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
कई लड़कियाँ इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ़ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है।
और आवास भत्ता? महंगाई के साथ बढ़ता नहीं, ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।
@narendramodi जी - उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?
“जिन अधिकारियों पर चुनाव आयोग के नियम लागू कराने की ज़िम्मेदारी है, उनमें 10 प्रतिशत भी PDA समाज के अधिकारी नहीं हैं।” — सपा प्रमुख @yadavakhilesh
ये आरोप नए नहीं हैं। सवाल यही है कि निष्पक्ष चुनाव कराने वाली व्यवस्था में भी क्या कुर्सियाँ जाति देखकर तय हो रही हैं?
PDA अब केवल वोट देने वाला समाज नहीं, अपनी हिस्सेदारी और अपने वोट - दोनों का हिसाब माँग रहा है। भाजपा की राजनीति का जवाब जनता अपने वोट से देगी - और जमकर देगी।
बिहार में टेंडर घोटाला : आंगनवाड़ी केंद्रों पर फूड सप्लाई के लिए ₹1400 करोड़ का टेंडर जारी... पसंदीदा फर्म के लिए 3 बार बदली शर्तें, छोटे उद्यमी रेस से बाहर
#Bihar#Anganwadi#Tender#FoodSupply
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BJP राज में टेंडर कैसे होता है - ये देखिए।
बिहार के बच्चों के पोषण के लिए आवंटित ₹1,432 करोड़ का टेंडर ‘BJP स्टाइल’ में जारी किया जा रहा है।
पहले ₹10 लाख की बैंक गारंटी बढ़ाकर ₹28.64 करोड़ कर दी गई। फिर ₹100 करोड़ के टर्नओवर की शर्त जोड़ दी गई। उसके बाद 15,000 मीट्रिक टन आपूर्ति के अनुभव की शर्त लगा दी गई।
बार-बार शर्तें बदलकर आखिर किसे बाहर किया जा रहा है और किसके लिए रास्ता बनाया जा रहा है?
सवाल है - यह टेंडर निकाला गया है या किसी चहेती कंपनी के नाप का सूट सिलवाया गया है?
इतने बड़े खेल पर न ED पूछेगी, न CBI, न विजिलेंस - क्योंकि सरकार BJP की है।
बिहार के बच्चों की थाली के ₹1,432 करोड़ पर आखिर किसकी नज़र है?
बड़ी खबर-
आरक्षण को लेकर योगी आदित्यनाथ बेहद पसोपेश में हैं।
वे अपने वेबसाइट पर लिखे अपने लेख में आरक्षण की समीक्षा की बात कह चुके हैं।
उनके लेख की पंक्तियां कुछ यूं शुरू होती हैं-
"किसी समाज अथवा जाति को अगर अकर्मण्य अथवा निकम्मा बनाना हो तो उसे बिना कर्म किए सुविधा प्रदान करते जाइए।
निश्चय ही एक समय के बाद अकर्मण्यता और निकम्मापन उस जाति अथवा समाज में सर्वत्र दिखाई देगा।"
ये लेख आज भी उनकी वेबसाइट https://t.co/XpFoGeauz8 के 'लेख' कॉलम के तहत पड़ा हुआ है, जिसका शीर्षक है- "आरक्षण की आग में सुलगता देश"
हम इस पर पहले ही टॉप सीक्रेट पर स्टोरी कर चुके हैं।
आज इसकी बात इसलिए क्योंकि अब यूपी के सहारनपुर, अंबेडकरनगर, जालौन और कन्नौज के मेडिकल कालेजों में आरक्षण का मुद्दा गर्मा गया है।
यहां आरक्षण की सीमा पर कैंची चल गई है।
योगी सरकार पर हाईकोर्ट में बेहद लचर पैरवी का आरोप लगा है।
उस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम चुनौती देने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ की दुविधा ये है कि वे एक जाति विशेष के सर्वमान्य नेता बन चुके हैं,
मगर उन्हें चुनाव जीतने और सत्ता में बने रहने के लिए दलित-पिछड़ों का भरपूर वोट चाहिए।
दुविधा बहुत बड़ी है,
कुछ महीनों बाद ही चुनाव की घड़ी है!!
भाजपा दफ्तर से मिली स्क्रिप्ट पर न्यूज प्रोग्राम चलाने वाली @chitraaum जी जब आप पूर्वाग्रह से मुक्त होकर पत्रकारिता करेंगी तभी आपको तस्वीर साफ साफ दिखेगी
उम्मीद है आपको तस्वीर दिखने लगी होगी
साल 2022 में MP में सिविल जज की वैकेंसी आई थी, इसमें ट्राइबल कैंडिडेट्स के लिए 121 पद थे।
लेकिन BJP सरकार ने एक भी पद पर आदिवासी युवा को नौकरी नहीं दी। क्या इन्हें एक भी युवक जज बनने के लायक नहीं दिखा?
दरअसल, BJP सरकार नहीं चाहती कि कोई भी आदिवासी सिविल जज बने, सिस्टम में आए।
: रायसेन जिले के सूरज ठाकुर जी ने 'छात्रों की गूंज' में नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi के सामने आदिवासी समाज के साथ की जा रही साजिशों पर अपनी बात रखी 👇
बड़ी ख़बर-
पूछो मत कितने गढ्ढे हैं?
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे पर बीबीसी की रिपोर्ट।
91 किलोमीटर से ऊपर का ये गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे 7000 करोड़ से ऊपर के भारी भरकम बजट में बना था,
और बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि गढ्ढों से पट गया है।
रिपोर्ट में तस्वीरें हैं।
गवाहियां हैं।
और एक आईना भी,
कि योगी आदित्यनाथ के दौर में करप्शन का दानव कितना उठा है?
क्या अविजित हो चला है?
बहुत से लोगों का दिल दुख रहा है कि प्रधानमंत्री पद पर बैठे हुए इंसान का मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है.
इन दुखी लोगों का कहना है - प्रधानमंत्री के पद का सम्मान होना चाहिए. उनका मजाक नहीं बनाना चाहिए.
अब ये दुखी लोग अपने आदर्श मोदी का वीडियो देख लें 👇
इस योगी सेना ने विक्रम सिंह को मुश्किल में डाल दिया है।
पिछले करीब 3 सालों से लखनऊ की सबसे हाईप्रोफाइल कोतवाली हजरतगंज में अंगद के पांव की तरह जमे हुए हैं कोतवाल विक्रम सिंह।
इस बीच योगी आदित्यनाथ की सरकार के घनघोर करप्शन/प्रचंड जातिवाद के मुद्दे पर रिपोर्टिंग करने वालों पर भर भरकर मुकदमे लिखे।
शायद इसी बात का ईनाम है कि उन्हें कोई हिला न सका!
मगर अब योगी सेना ने मुसीबत खड़ी कर दी है।
वो नेहा बोरा के खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा लिखवाने पर अड़ी है।
विक्रम सिंह करें तो क्या करें?
जब नेहा बोरा के खिलाफ मुकदमा लिखवाने में स्वयं 'ईश्वर' ही असमर्थ हैं, तो 'देवदूत' भला क्या कर लेंगे?
मैं पहली बार विक्रम सिंह को इस कदर असमर्थ पा रहा हूं।
ईश भक्ति के ईनाम को भी व्यर्थ पा रहा हूं?
सत्ता का अहंकार देख लीजिए। जनता ने सड़क क्या मांग ली, 'राजा जी' भड़क गए।
कहने लगे - मेरे सामने ऐसी भाषा का प्रयोग ना करना, मुझसे निवेदन करो।
जनता इनके अहंकार को जल्द ठिकाने लगाएगी।
देश में 1 लाख सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें से 55% स्कूल मध्य प्रदेश और यूपी के थे।
हालात ऐसे हैं कि 100 में से सिर्फ 14 बच्चों को हॉस्टल मिल सकता है, इन्फ्रास्ट्रक्चर ढह जाता है और स्टूडेंट खतरे में होता है।
ऐसा तभी होता है- जब सरकार एजुकेशन में कम पैसा डालती है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 इंदौर, मध्य प्रदेश
दिल्ली में 17 साल की लड़की का गैंगरेप करके उसकी लाश को खुले मैदान में फेंक दिया गया
यह बर्बरता और दरिंदगी देश की राजधानी में हुई - और अमित शाह की दिल्ली पुलिस सोती रही
किसी की कोई जवाबदेही नहीं है
मुख्यमंत्री दीप प्रज्वलन में व्यस्त हैं और गृह मंत्री लोकतंत्र का दमन करने में
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के अंदर बैकलॉग के डेढ़ लाख पद खाली पड़े हैं।
लेकिन हम जब भी ये मुद्दा उठाते हैं तो हमें टार्गेट किया जाता है, हम पर FIR कर दी जाती है।
: इंदौर में 'छात्रों की गूंज' मंच पर नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi से धार जिले के रवि जी ने छात्रों का दर्द साझा किया