कोचिंग तोड़- ताड़ दिया, गार्ड को लहूलुहान कर दिया... '
Patna में Khan Sir के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग हुई
ज़िंदा हो तो RT ठोको, ख़ान सर का Support करो 🔥✊
अगर आप चाहते हैं कि आपकी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र राजस्थानी में ना आए तो
ग़ैर मारवाड़ के सभी साथी इस हैशटैग का इस्तेमाल करें!
#राजस्थानी_थोपना_बंद_करो
सभी भाई इस मुद्दे पर खुलकर आगे आए
जो भी भाई इस मुद्दे पर लिख रहे हैं उनकी पोस्ट पर रिट्वीट अवश्य करें
हमें किसी भी हाल में यह राजस्थानी भाषा नही चाहिए।
जो भाषा फिलहाल चल रही है वहीं स्वीकार होगी।
#नहीं_चाहिए_राजस्थानी_भाषा
मारवाड़ी बोली राजस्थानी भाषा नहीं है
दक्षिण, पुर्व, उत्तर राजस्थान के ऊपर पश्चिमी राजस्थान की बोली को थोपना गलत है।
जब यह राजस्थान की 70% जनसंख्या के समझ ही नहीं आती तो काफी की राजस्थानी भाषा है।
#नहीं_चाहिए_राजस्थानी_भाषा
👉25-30% लोगो की भाषा को राजस्थानी नाम देकर 70% राजस्थानी जनता पर थोपना मुरखता है और राजस्थानी लोग विभाजनकारी राजनीति को सफल नहीं होने देंगे !!
👎कुछ छुटमुट मारवाड़ी पत्रकार और कोचिंग माफिया का ये दुष प्रयोजन कभी सफल नहीं होगा !!
#नही_चाहिए_राजस्थानी_भाषा#भरतपुर_संभाग ⚔️⚔️🚩🚩
पूर्वी राजस्थान और ग़ैर मारवाड़ को इस भाषाई मुद्दे को हल्के में नहीं लेना चाहिए!
इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल की जानी चाहिए!
वरना आने वाले समय में हमें ख़ून के आँसू रोने पड़ेंगे!
#नहीं_चाहिए_राजस्थानी_भाषा
“मारवाड़ी बोली को ही राजस्थानी भाषा मानकर पूरे राजस्थान पर थोपना पूरी तरह गलत है।
पश्चिम राजस्थान को छोड़कर राज्य के कई क्षेत्रों में यह ना हमारी रोज़मर्रा की भाषा है और ना ही हमारे लिए उपयोगी।
किसी एक बोली को पूरे प्रदेश पर जबरन लागू नहीं किया जाना चाहिए।”
@dpklovee1
राजस्थान की राजभाषा हिंदी है और हिंदी रहेगी🙏✌
@BhajanlalBjp sir आप भी तो पूर्वी राजस्थान से आते हो क्यों हमारे ऊपर जबरदस्ती राजस्थानी भाषा थोपने की कोशिश की जा रही है
@arjunrammeghwal ji please
look in this matter
राजस्थान की पहचान उसकी विविधता है मेवाड़ी, हाड़ौती, शेखावटी, ढूंढाड़ी, ब्रज, मालवी, मेवाती, बागड़ी जैसी अनेक समृद्ध बोलियां सदियों से यहां की सांस्कृतिक आत्मा रही हैं।
केवल मारवाड़ी को “एकमात्र राजस्थानी” बताकर पूरे प्रदेश पर थोपने का प्रयास न्यायसंगत नही
#नहीं_चाहिए_राजस्थानी
राजस्थानी भाषा के नाम पर डिंगल शैली वाली मारवाड़ी पूरे राजस्थान पर थोपना अत्यन्त हास्यास्पद है ।
जब प्राचीन समय से राजस्थान में विभिन्न क्षेत्र में भिन्न भिन्न बोलियां रही है तो वर्तमान में किस आधार पर 15% जनसंख्या की भाषा 85% पर थोपना गलत है।
#नहीं_चाहिए_राजस्थानी
पश्चिम राजस्थान के 5 जिला की बोली को पूरे प्रदेश पर जबरन लागू नहीं किया जाना चाहिए।”
जब 5 कोश में ही बोली बदल जाती है तो ये मारवाड़ी पुरे राजस्थान की भाषा नहीं हो सकती...
राजस्थान का राज्य नृत्य घूमर कहां किया जाता है - मारवाड़ में।
राजस्थान का राज्य गीत केसरिया बालम कहां गाया जाता है - मारवाड़ में।
राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी कहां पाया जाता है- मारवाड़ में।
राजस्थान का राज्य पुष्प रोहिड़ा कहां पाया जाता है- मारवाड़ में।
राजस्थान का राज्य पशु चिंकारा कहां पाया जाता है - मारवाड़ में।
राजस्थान का राज्य पक्षी गोडावण कहां पाया जाता है - मारवाड़ में।
इतना सब कुछ होने के बाद भी हम चुप रहे हैं।
लेकिन अब ये जो राजस्थानी के नाम पर मारवाड़ी भाषा थोपने का जो प्रयास किया जा रहा है हम बिल्कुल भी चुप नहीं रहेंगे।
मारवाड़ पूरा राजस्थान नहीं है जो हम चुपचाप बैठे रहेंगे।
#नहीं_चाहिए_राजस्थानी_भाषा
@AmitYaddav@RajendraMeena50@hemlatajk@vannumeena0@Radhemahwa@1K_Nazar@Nevanshimeena
“मारवाड़ी बोली को ही राजस्थानी भाषा मानकर पूरे राजस्थान पर थोपना पूरी तरह गलत है।
पश्चिम राजस्थान को छोड़कर राज्य के कई क्षेत्रों में यह ना हमारी रोज़मर्रा की भाषा है और ना ही हमारे लिए उपयोगी।
किसी एक बोली को पूरे प्रदेश पर जबरन लागू नहीं किया जाना चाहिए।”
@dpklovee1#Raj