बुशरा सहारनपुर की मस्जिद की ईंट दिखा रही हैं जो 1909 की है... सिर्फ मस्जिद बुलडोजर नहीं की गई बल्कि कुरान और हदीस की किताबों के साथ बेहुरमती भी की गई है
कहते हैं न कि डूबते को तिनके का सहारा काफ़ी है।
अमित शाह भी अपनी डूबी इज़्ज़त बचाने के लिए वंदे मातरम् का सहारा ले रहे हैं।
इसीलिए जो अमित शाह पूरे मानसून सत्र के दौरान संसद में ‘चूँ’ तक नहीं बोले, आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।
कल तक सरदार पटेल से अपनी तुलना कर रहे थे, आज सरदार पटेल की निंदा करने चले हैं।
ये वंदे मातरम् का बचाव नहीं, अपने सिकुड़ते राजनीतिक करियर का बचाव कर रहे हैं।
इस वीडियो को तब तक शेयर करें जब तक यह पुलिस वाला सस्पेंड नहीं हो जाता।
कितने शर्म की बात है कि दिल्ली पुलिस में आज भी ऐसे रिश्वतखोर भर्ती है।
वसंत विहार का ये पुलिसवाला हरीश तीस हज़ार एक बार और तीन हज़ार महीने मांग रहा था। गरीब आदमी ने नहीं दिया तो वर्दी की धौंस दिखा के गैस सिलेंडर, बर्गर ग्रिलर, रेगुलेटर सब सामान उठा के ले गया और मारने की धमकी दे दी।
ये किस एक्ट से दुकान का माल उठा सकता है?
पत्रकार — आप गांधी और सावरकर में से किसका समर्थन करते हैं?
प्रशांत किशोर — "दोनों लोगों का एक वाक्य में नाम लेना भी यह राष्ट्रपिता का अपमान है।"
एंकर का मुंह देखने लायक हो गया.. 🤣
नाम तो कपड़ों पर लिखे थे ।
मोटरसाइकिल का नंबर भी है ।
फिर भी अज्ञात क्यों ?
आप लोग अभिनेतक पहचान नहीं कर सके, गिरफ्तारी की उम्मीद कैसे करें ?
@lkopolice@Uppolice@dgpup
यूपी पुलिस को ऑफीशियली भाजपा का कोई प्रकोष्ठ ज्वाइन कर लेना चाहिए…कौन से पुलिस मैनुअल में लिखा है कि पुलिस पुजारी का काम करेगी…कांवड़ियों पर फूल छिड़केगी..सत्ता की गुलामी के आगे वर्दी की गरिमा गिरवी रखी जा चुकी है…