@LeenaManimekali@guardiannews तुम जैसे घटिया फिल्म निर्माताओ को अभिवेक्ति की आजादी सिर्फ हिंदू धर्म के लिए चाहिए क्यों दूसरे धर्म में तो तुम्हारे अब्बजान बैठे है।
@ashutosh83B श्री आशुतोष जी किसी को आस्था के बारे में गंदी शब्दो को प्रयोग करके रचनात्मक काम नहीं होती । रचनात्मक कार्यों के लिए काम करना पड़ता है । मुझे नहीं लगता कि भारत को समृद्ध बनाने के लिए कुछ काम किए हो। खाली पार्टी पोलिटिक्स ही सबकुछ नहीं होता।
@sambitswaraj ये लोग तो अपने पैदा हुए मा बाप के बारे मै भी ऐसा बोल सकते है यही तो है अभीवेक्ती की आज़ादी ये भारत में रहकर भारत के पीएम को भारत माता को अपने मा बाप को भी गालि दे सकते है