2.65 लाख डॉक्टरों में से आधे न्यूनतम अंक (36%) नहीं ला सके। GC/EWS का कटऑफ 262 रहा। 256 को शून्य, अंतिम रैंक में इम्प्रूवमेंट रही। अब अंतिम रैंक पाने वाला -40 की जगह -19 पर आ चुका है। @narendramodi को नमन कीजिए क्योंकि उन्हीं की कृपा से यह सब संभव हो पा रहा है। दलीत-पीड़ीत डॉक्टर बन रहा है।
“मांग किसी वर्ग के अधिकार छीनने की नहीं,
मांग है कि हर नागरिक के साथ न्याय और समान अवसर हो।”
Reservation reforms andolan
UGC Rollback
End SC ST ACT 💪🔥🚩
रिपोस्ट ,कमेंट करने में इतना डरोगे तो कामयाबी कैसे मिलेगी मित्रो🙄
जितने भी हमारे सवर्ण समाज के भाई बहन संघर्ष कर रहे हैं उनको कम से कम सपोस्ट तो करो🙏✍️
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
I had started reporting against the misuse of the SC ST Act when a few of you were aware of this law.
Reported more than 1000 such cases on our website. Today, everyone is talking about this. Feeling good.
UGC रोल बैक के विरोध में पिछले 3 दिनों से बनारस काशी में भूख हड़ताल पर बैठे है हमारे साथी कृपया आप सभी रिपोस्ट कमेंट करे ताकि ये खबर सरकार तक पहुँच सके और ह��ारी मांगे पूरी हो सके
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
आज गालियाँ दे रहे हो- कल जेल में बैठकर पछताओगे कि
जब SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठी, तब प्रीत सिरोही के साथ क्यों नहीं खड़े हुए।
Stand against SC/ST Act misuse. RETWEET.
I asked a question on @indiatvnews
And i want each one of you to respond if you agree with me :
There is no doubt in my mind that if someone makes hate speeches against our SC/ST fellow citizens, they must face the law.
Now do you agree similarly: if anyone says that Brahmin & Baniyas must be killed, slaughtered or hate speeches are made against the GC calling for violence they too must face the law!
ग्रामीण और भ���जपा नेता के बीच तीखी कहासुनी का वीडियो वायरल हो रहा है। 😳
नेता जी कुर्सी पर बैठे ग्रामीणों से बात कर रहे थे।
ग्रामीण ने साफ कहा — “जितने भी भाजपा के नेता हैं, सब बेकार हैं।”
नेता जी गुस्से में बोले — “फिर भाजपा का बात करिहो?”
ग्रामीण — “हां।”
इसके बाद नेता जी ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
ग्रामीण ने जवाब में चप्पल उतारकर सबके सामने नेता जी को पीट दिया।
देखिए पूरा वीडियो — गांव की सच्चाई और न���ता का गुस्सा दोनों साफ दिख रहा है।
आपको इस वीडियो पर क्या लगता है? क्या नेता को इस तरह गाली देने का हक था या ग्रामीण का गुस्सा जायज था?
नीचे बताएं।
��ाशी से पुरी तक आ गया…
1200 किलोमीटर कार से आया, पूरे रास्ते में पता ही नहीं चल रहा था कि कौन दलित है, कौन पिछड़ा है, और कौन अगड़ा है।
न तो कोई शीशे के गिलास में चाय पी रहा था, न तो कोई प्लास्टिक के कप में।
न ही किसी के चूतड़ पर झाड़ू बंधा था, न ही गले में मटकी।
बहुत सारे लोग एक ही ठेले पर खड़े पानी पूरी खाते दिखे और एक ही ड्रम से निकाल कर पानी भी पी रहे थे।
पुरी पहुंचकर हमने सर्वप्रथम तो भगवान श्री ज��न्नाथ के दर्शन किए, उसके बाद समुद्र के किनारे पहुंच गए, सब लोग एक ही घाट (बीच) पर नहा रहे थे।
मेरे साथ @AnujBajpai_ और @MrTiwaree भी आए हैं। हम तीनों ही अपने परिवार को साथ लेकर आए हैं। अब पुरी आए हैं तो शहर तो घूमना बनता ही है।
कसम से कह रहा हूँ -
पूरा शहर घूम लिया लेकिन पता ही नहीं चला कि कौन दलित है, कौन अगड़ा, कौन पिछड़ा..
होटल में खाना खाने गया...
वहाँ भी कोई किसी भी टेबल पर बैठ कर भोजन कर सकता था। बे��र का जाति भी कोई नहीं पूछ रहा था।
साला ऐसे तो भारत का जातीय इतिहास ही मिट जायेगा। मेरे हिसाब से होटलों और रेस्टोरेंट में भी रिजेर्वेशन होना चाहिये कि दलित टेबल पर बैठ कर खाएं, पिछड़े (OBC) खड़े होकर और सवर्ण झुककर खाएं।
तब जाकर बाबा साहब के संविधान का सम्मान होगा।
RHA की अब तक की सबसे बड़ी जीत:
१. आरक्षण पर सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार चर्चा
२. आरक्षण पर ‘दलित नेता’ की जगह अमुक जाति बनाम अमुक जाति का वाक्युद्ध
३. आरक्षण पर लोगों के पास आँकड़े, तथ्य और तर्क
४. सरकार द्वारा एकता तोड़ने के प्रयास, जो लोगों को दिख रही है
५. आरक्षण पर उपेक्षित जातियों के कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा खुल कर अपनी बात रखने का आरंभ
आने वाले दिनों में यह और वृहद् और व्यापक होने वाला है। नवंबर की प्रतीक्षा कीजिए।