आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और ह���ारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!
किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।
वोट चोरी ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ़-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है।
चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ़ है - पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें।
आप भी हमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थन करें - https://t.co/1qXg5bUDuP पर जाएं
या 9650003420 पर मिस्ड कॉल दें।
ये लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है।
सीमा पर रक्षा कर रहे हर वीर जवान के कौशल और साहस को कांग्रेस पार्टी और देशवासी नमन करते हैं।
कांग्रेस पार्टी क�� तिरंगा यात्रा उन सभी बहादुर सैनिकों को समर्पित है जो निःस्वार्थ भाव से हर परिस्थिति में देश की सेवा और सुरक्षा के लिए डटे हैं।
जय हिंद की सेना
भारत माता की जय 🇮🇳
@kcvenugopalmp @ajaymaken @devendrayadvinc @qazinizamuddin @INCDelhi @INCIndia
"कांग्रेस को कमजोर करके भाजपा से नहीं लड़ा जा सकता," : अजय माकन
माकन ने कहा, "मुझे यह भी लगता है कि 2013 में कांग्रेस द्वारा आप (AAP) को समर्थन नहीं देना चाहिए था और न ही 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए कोई गठबंधन होना चाहिए। लेकिन यह मेरी व्यक्तिगत राय है," अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के कोषाध्यक्ष ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा।
���ए कांग्रेस मुख्यालय, कोटला रोड पर आयोजित पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में माकन, जो दिल्ली के निवासी ��ैं और यहीं राजनीति में सक्रिय रहे हैं (तीन बार के विधायक और दो बार के लोक सभा संसद भी रहे हैं), ने स्पष्ट किया कि वे अपनी पहले की टिप्पणी पर अब भी कायम हैं। उन्होंने पहले कहा था कि केजरीवाल "राष्ट्र-विरोधी" हैं और राजधानी में आप (AAP) का मजबूत होना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही फायदा पहुंचाता है।
जब उनसे केजरीवाल के खिलाफ "राष्ट्र-विरोधी" टिप्पणी पर सवाल किया गया, तो माकन ने कहा, "मैंने अपनी व्यक्तिगत राय दी थी और मैं अब भी उस पर कायम हूं।"
माकन ने कहा कि 2013 में आम आदमी पार्टी (AAP) को कांग्रेस के समर्थन और 2024 में केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन के कारण दिल्ली की जनता को नुकसान उठाना पड़ा।
"जब दिल्ली की जनता को नुकसान हुआ, तो भाजपा को फायदा हुआ।" उन्होंने कहा।
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस भविष्य में आप (AAP) के साथ गठबंधन करेगी, माकन ने कहा, "मुझे लगता है कि दिल्ली में केजरीवाल को बढ़ावा देना भाजपा को मदद करता है। भाजपा से लड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का मजबूत होना बेहद जरूरी है।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नहीं है, तो भाजपा के खिलाफ लड़ाई कठिन हो जाएगी।
"कांग्रेस को कमजोर करके भाजपा से नहीं लड़ा जा सकता," उन्होंने स्पष्ट किया।
दिल्ली को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य करार देते हुए माकन ने कहा कि यह सर्वविदित है कि जो भी पार्टी राजधानी की लोकसभा सीटें जीतती है, ���ही केंद्र में सरकार बनाने में सफल होती है।
"आप (AAP) दिल्ली में भाजपा के खिलाफ लड़ने में पूरी तरह विफल रही है," उन्होंने दावा किया।
माकन ने बताया कि हरियाणा और दिल्ली दोनों में कांग्रेस आप (AAP) के साथ गठबंधन करना चाहती थी। लेकिन जेल से बाहर आने के तुरंत बाद केजरीवाल ने खुद घोषणा की कि उनकी पार्टी हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि "हम गठबंधन पर चर्चा के उन्नत चरण में थे।"
उन्हो��ने कहा, "जहाँ तक दिल्ली का सवाल है, केजरीवाल ने खुद लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद घोषणा की कि वे दिल्ली का चुनाव अकेले लड़ेंगे।"
माकन ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी, जिसे मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने नेतृत्व दिया, तब पार्टी ने राजधानी की सभी सात लोकसभा सीटें जीतीं और भाजपा को यहाँ पराजित किया। उन्होंने कहा, "दिल्ली में उन्हें रोककर, हमने उन्हें केंद्र में सत्ता में आने से भी रोका क्योंकि जो भी दिल्ली की लोकसभा सीटें जीतता है, वही राष्ट्रीय स्तर पर सरकार बनाता है।"
"लेकिन जब से आप (AAP) दिल्ली में सत्ता में आई है, स्थिति उलट गई है।
भाजपा केंद्र में सरकार बना रही है क्योंकि उसने सभी सात ��ोकसभा सीटें जीती हैं- तो फिर भाजपा के साथ कौन है?" माकन ने सवाल उठाया।
I believe it is one of the foremost responsibilities of any government to guarantee quality education to its people. This cannot be achieved through privatisation and financial incentives.
We need to spend a lot more money on education and strengthening government institutions.
History will always remember Dr Manmohan Singh Ji for his dignified demeanor, commitment to public service, profound wisdom and humility. He leaves behind a legacy of economic reforms, political stability, and dedication to uplift the lives of every Indian.
His tenure first as a technocrat and then as India’s Prime Minister will be remembered for economic prosperity with focus on social welfare, and strengthening of India’s position on the world map. Known for his quiet but resilient leadership, he was a man of principle who made tough decisions with care, concern and a steadfast commitment to nothing but the country’s welfare above all else.
As a leader, Dr. Singh rarely sought the spotlight, yet his decisions resonated deeply across every facet of Indian society and beyond. The trust and respect he earned from political allies, adversaries, and world leaders alike is a testament to his profound impact.
A statesman, a scholar, a leader, a visionary - one of India’s proudest son - Farewell Sir, you will be deeply missed.
एक ही दिन में दुनिया की तीन धुरंधर पहलवानों को हराने के बाद आज विनेश के साथ-साथ पूरा देश भावुक है।
जिन्होंने भी विनेश और उसके साथियों के संघर्ष को झुठलाया, उनकी नीयत और काबिलियत तक पर प्रश्नचिन्ह खड़े किए, उन सभी को जवाब मिल चुका है।
आज भारत की बहादुर बेटी के सामने सत्ता का वो पूरा तंत्र धराशाई पड़ा था जिसने उसे खून के आंसू रुलाए थे।
चैम्पियंस की यही पहचान है, वो अपना जवाब मैदान से देते हैं।
बहुत शुभकामनाएं विनेश। पेरिस में आपकी सफलता की गूंज, दिल्ली तक साफ सुनाई दे रही है।
#GoForGold
7 राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा द्वारा बुना गया ‘भय और भ्रम’ का जाल टूट चुका है।
किसान, नौजवान, मज़दूर, व्यापारी और नौकरीपेशा समेत हर वर्ग तानाशाही का समूल नाश कर न्याय का राज स्थापित करना चाहता है।
अपने जीवन की बेहतरी और संविधान की रक्षा के लिए जनता अब पूरी तरह से INDIA के साथ खड़ी है।
जय हिंदुस्तान, जय संविधान।
सात राज्यों की 13 सीटों पर हुए उपचुनाव में देश की जनता ने अपन��� समर्थन INDIA गठबंधन को दिया है।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है। कांग्रेस और INDIA के सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बहुत-बहुत बधाई।
देश की जनता यह समझ चुकी है कि 100 साल पीछे और 100 साल आगे भटकाने वाली राजनीति से देश का भला नहीं होने वाला है। जनता को सकारात्मक राजनीति चाहिए जो वर्तमान को बेहतर करे और भविष्य के उज्ज्वल होने का स्पष्ट खाका तैयार करे। हम युवा भारत की जर��रतों और आकांक्षाओं के प्रति संकल्पबद्ध हैं।
सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है!
लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद अग्निवीर के परिवार को सहायता मिलन�� के बारे में संसद में झूठ बोला।
उनके झूठ पर शहीद अग्निवीर अजय सिंह के पिता जी ने खुद सच्चाई बताई है।
रक्षा मंत्री को संसद, देश, सेना और शहीद अग्निवीर अजय सिंह जी के परिवार से माफी मांगनी चाहिए।
The INDIA Opposition bloc wants to have a constructive debate with the Government on the NEET exam and the prevailing paper leak issue.
It is unfortunate that we weren’t allowed to do so in Parliament today. This is a serious concern that is causing anxiety to lakhs of families across India.
We urge the Prime Minister to debate on this issue and give the students the respect they deserve.
I, Rahul Gandhi...
Having been elected a member of the House of People, do solemnly affirm that I will bear true faith and allegiance to the Constitution of India as by law established, that I will uphold the sovereignty and integrity of India, and that I will faithfully discharge the duty upon which I am about to enter.
Jai Hind
Jai Samvidhan
नरेंद्र मोदी ने अभी शपथ भी नहीं ली है और NEET परीक्षा में हुई धांधली ने 24 लाख से अधिक स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को तोड़ दिया है।
एक ही एग्जाम सेंटर से 6 छात्र मैक्सिमम मार्क्स के साथ टॉप कर जाते हैं, कितनों को ऐसे मार्क्स मिलते हैं जो टेक्निकली संभव ही नहीं है, लेकिन सरकार लगातार पेपर लीक की संभावना को नकार रही है।
शिक्षा माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से चल रहे इस ‘पेपर लीक उद्योग��� से निपटने के लिए ही कांग्रेस ने एक रोबस्ट प्लान बनाया था। हमने अपने मैनिफेस्टो में कानून बना कर छात्रों को ‘पेपर लीक से मुक्ति’ दिलाने का संकल्प लिया था।
आज मैं देश के सभी स्टूडेंट्स को विश्वास दिलाता हूं कि मैं संसद में आपकी आवाज़ बन कर आपके भविष्य से जुड़े मुद्दों को मज़बूती से उठाऊंगा।
युवाओं ने INDIA पर भरोसा जताया है - INDIA उनकी आवाज़ को दबने नहीं देगा।