10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन को दबाने के लिए सरकार हर तरह की कोशिश कर रही है। एक्टिविस्टों के घर पर पुलिस भेज दी गई है। कइयों को डिटेन कर लिया गया है। सेंटर दिल्ली के एक बड��े इलाके को कॉर्डन किया गया है। पैरा मिलिट्री की अप्रत्याशित मूवमेंट है। जंतर-मंतर जैसे एक किला है जिसको हर क़ीमत पर बचाया जाना है।
जबकि कमाल बात है कि जंतर-मंतर इस देश की निर्धारित प्रोटेस्ट साईट है। किसी जमाने में संसद के ठीक सामने बोट क्लब हुआ करती थी। बाबा टिकैत ने कितने ही प्रदर्शन इस बोट क्लब पर किए थे।
सुप्रीम कोर्ट बार-बार कह रहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिक का मौलिक अधिकार ���ै। सवाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का नहीं है। सवाल है कि क्या आम नागरिक अपनी मांगों को लेकर प्रोटेस्ट करने का अधिकार खो चुका है?
ज्ञानेश कुमार पर चल रहा विवाद लोकतंत्र की साख से जुड़ा हुआ है। बात सिर्फ SIR की नहीं है। शिवसेना और NCP के सिंबल का ��िवाद, मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट में सलेक्टिव अपरिचित के आरोप। काफी सारी चीजें हैं जो ज्ञानेश कुमार पर सवालिया निशान लगाती हैं।
यहां सरकार को पुलिस के डंडों की जगह संवाद करने की जरूरत थी। लेकिन संवाद गायब है।
प्रिय UPSSSC अभ्यर्थियों,
नौकरी के लिए Wait करते-करते थक गये आप सब बेरोज़गारों की ये माँग जायज़ है कि UPSSSC की सभी भर्तियों में Waiting List की व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे अगर कोई चयनित अभ्यर्थी अपनी स��ट छोड़ दे तो उसके बाद किसी अन्य को वो सीट मिल सके। इस फ़ैसले से लाखों अभ्यर्थियों को फ़ायदा मिल सकेगा और भाजपा पर लगा ‘महा-बेरोज़गारी’ फैलाने का दाग़ भी थोड़ा कम होगा लेकिन भाजपा सरकार ये काम कभी नहीं करेगी क्योंकि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप सब युवक-युवतियों की असीम ऊर्जा राष्ट्र-निर्माण के काम में न लगकर, अपने लिए काम-रोज़गार-नौकरी पाने की गुहार-प���कार में व्यर्थ हो रही है।
हम UPSSSC के आप सभी अभ्यर्थियों की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाकर आपकी हर माँग के समर्थन में हर हाल, हर हालात में साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे।
हम नई सरकार बनाने पर इस माँग की पूर्ति करने के लिए वचनबद्ध हैं। आप सबने इतने साल संघर्ष करके देख लिया है कि असंवेदनशील-हृदयहीन भाजपाइयों से ‘पीड़ा’ के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं होगा। अब आप भी पीड़ितों की श्रेणी में गिने जा रहे हैं, इसीलिए आप भ�� पीडीए ही हुए क्योंकि हम हमेशा कहते हैं और आज फिर कह रहे हैं :
जो पीड़ित, वो पीडीए!
आपका
अखिलेश
भाजपा जाएगी, नौकरी आएगी!
अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#UPSSSC
#UPSSSC_Waiting_List
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उन���र टूट पड़ी है।
मोदी जी ने कहा था - LPG Gas Crisis को COVID की तरह हैंडल करेंगे।
और सच में वही किया।
बिल्कुल COVID के जैसे ही - नीति शून्य, घोषणा बड़ी, और बोझ गरीबों पर।
₹500-800 की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात ���ो घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा - शहर छोड़ो, गाँव भागो।
जो मज़दूर textile mills और factories की रीढ़ हैं - आज वही टूट रहे हैं।
Textile sector पहले से ICU में है। Manufacturing दम तोड़ रही है। और यह संकट आया कहाँ से? कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती।
जब अहंकार नीति बन जाए - अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दि���ा जाता है।
��वाल एक ही है - हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है? चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।
असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।
और इस बलिदान के बदले मिला क्या?
15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।
यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।
ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।
खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।
यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।
हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
🔹सामान्य उपयोग की दवाइयाँ , इसके नाम और उपयोग हम सभी को पता होना चाहिए इसे सेव कर लें और दूसरों तक शेयर करे
@thebrainyogi
1.पैरासिटामोल → बुखार, हल्का-मध्यम दर्द
2.इबुप्रोफेन → दांत दर्द, बदन दर्द, सूजन
3.सेटिरिज़िन → एलर्जी, छींक, नाक बहना
4.लोराटाडिन → एलर्जी (कम नींद लाने वाली)
5.ओमेप्राज़ोल / पैंटोप्राज़ोल → एसिडिटी, सीने में जलन
6.फेमोटिडीन → हल्की एसिडिटी
7.डोमपेरिडोन → उल्टी, जी मिचलाना
8.ओआरएस (ORS घोल) → दस्त, डिहाइड्रेशन
9.एमोक्सिसिलिन → बैक्टीरियल संक्रमण (डॉक्टर की सलाह से)
10.एज़िथ्रोमाइसिन → गला/फेफड़े का संक्रमण (डॉक्टर की सलाह से)
11.मेट्रोनिडाज़ोल → पेट के संक्रमण, अमीबायसिस
12.साल्बुटामोल इनहेलर → अस्थमा में सांस फूलना
13.मोंटेलुकास्ट → एलर्जी, अस्थमा
14.मेटफॉर्मिन → टाइप-2 डायबिटीज
15.एम्लोडिपिन → हाई BP
16.लोसार्टन → हाई BP, किडनी सुरक्षा
17.एटोरवास्टेटिन → कोलेस्ट्रॉल
18.एस्पिरिन (लो डोज) → हार्ट अटैक से बचाव (डॉक्टर की सलाह से)
19.लेवोथायरॉ��्सिन → थायरॉइड हार्मोन की कमी
20.गैबापेंटिन → नसों का दर्द (Neuropathic pain)
21.प्रेडनिसोलोन → सूजन, एलर्जी, ऑटोइम्यून रोग
22.फ्यूरोसेमाइड → शरीर में सूजन (एडिमा), हार्ट/किडनी समस्या
23.क्लोपिडोग्रेल → रक्त के थक्के से बचाव (ब्लड थिनर)
24.एनालाप्रिल / रामिप्रिल → हाई BP, हार्ट प्रोटेक्शन
25.इंसुलिन → डायबिटीज (विशेषकर टाइप-1 या अनियंत्रित शुगर)
⚠️ जरूरी सावधानियाँ
•एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड हमेशा डॉक्टर की सला��� से लें
•BP, शुगर, थायरॉइड की दवाएँ नियमित जांच के साथ लें
•दर्द की दवा खाली पेट न लें
•गर्भावस्था, बच्चों और बुजुर्गों में स्वयं दवा न लें
राहुल गांधी : अगर इंडिया गठबंधन अमेरिका के राष्ट्रपति से बातचीत करता तो सबसे पहले एक बात साफ करता - भारत का सबसे बड़ा संसाधन हमारा डेटा ���ै। बातचीत बराबरी के स्तर पर होनी चाहिए, मालिक-नौकर की तरह नहीं।
INDIA गठबंधन की सरकार भारत को बराबरी की ताकत के रूप में पेश करती, न कि पाकिस्तान के बराबर खड़ा करके। ऐसी किसी भी तुलना या संकेत का कड़ा विरोध किया जाता।
अगर अमेरिका डॉलर को सुरक्षित रखना चाहता है तो उसे यह मानना होगा कि भारतीय डेटा एक बहुत बड़ी ताकत है। हम कहते की भारत की ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जैसे अमेरिका अपने किसानों को बचाता है, वैसे ही हम अपने किसानों की रक्षा करेंगे।
#RahulGandhi
राहुल गांधी का संसद में आज का भाषण सुना।
जैसे घर का बड़ा भाई खड़े होकर चिल्ला रहा हो,
"भाइयो, तूफान आ रहा है, जागो! हमारी मां को बचाओ!"
♦️जूजित्सू की वो ग्रिप का उदाहरण, वो चोक, वो डर वाली आंखें... क्या हमारी सत्ता इसी जकड़न में तड़प रही है?
♦️दुनिया बदल रही है...
आर्थिक सर्वे चीख रहा है जियोपॉलिटिकल जंगें तेज हुई हैं, डॉलर की सत्ता लड़खड़ा रही, चीन-रूस चुनौती दे रहे।
♦️दुनिया युद्ध के मुहाने पर है।
यूक्रेन जल रहा, गाजा रो रहा, ईरान पर खतरा है।
एनर्जी और फाइनेंस को हथियार बना दिया।
पीएम ने कहा था युद्ध खत्म हो गया है लेकिन हकीकत क्या है?
◾◾◾अस्थिरता का सैला��� है ��ुनिया में!
दुनिया में जल्दी ही मल्टीपल सुपर पॉवर्स होंगे।
♦️♦️♦️हमारी ताकत? 1.4 अरब दिल, दिमाग जो डेटा उगल रहे।
♦️AI अगर इंजन है तो पेट्रोल डेटा है।
बिना इसके AI बेकार है।
भारत का डेटा दुनिया का सोना है, चीन जितना ही या उससे ज्यादा। क्योंकि भारत में ज्यादा आज़ादी है लोगों को।
♦️किसान हमारा अन्नदाता, मजदूर हमारा बल, ऊर्जा हमारा रक्त है। तूफान में इन्हें बचाना था, लेकिन बजट?
कुछ नहीं किया इनके लिए। दिल टूट जाता है सोचकर।
◾◾◾
फिर आई है वो US डील ...
♦️हमारा डेटा, हमारी शक्ति, अमेरिका के लालच का शिकार हुआ है।
♦️♦️अगर INDIA गठबंधन होता, ट्रंप से कहते दिल खोलकर "हमारा डेटा तुम्हारा डॉलर बचाएगा, लेकिन बराबरी करो। हमारा एनर्जी, किसान खुद बचाएंगे!"
लेकिन क्या मिला?♦️♦️♦️
◾डिजिटल ट्रेड कंट्रोल छोड़ दिया।
◾डेटा लोकलाइजेशन? भूल जाओ!
◾US को फ्री डेटा फ्लो , हमारा सोना हमारा डेटा बहा दो।
◾डिजिटल टैक्स लिमिट, 20 साल बिग टेक को टैक्स फ्री।
◾सोर्स कोड? छिपाने की जरूरत ही नहीं।
♦️♦️टैरिफ का खेल?
हमारा 3% से 18%, US का 16% से जीरो।
US import 46 बिलियन बढ़ेगा, हम खड़े हैं मूर्खों की तरह।
♦️टेक्सटाइल मर गया , गुड़गांव की फैक्टरियां सूनी हैं, क्योंकि बांग्लादेश को 0% US कॉटन पर मिलेगा।
लाखों मजदूर बेरोजगार हुए ,घर लौटे आंसू पोछते।
किसानों का क्या मिले?
मक्का, सोयाबीन, लाल ज्वार, कपास अमेरिकी मेगा-फार्म्स का जुल्म।
♦️♦️इतिहास में कोई PM ने अपने किसानों को इतना बेचा?
दिल चीख उठता है शर्म नहीं आती?
◾ US तय करेगा रूस-ईरान से तेल लेंगे या नहीं। न लिया तो टैरिफ 50% हमारा खून बिकेगा।
युवाओं का डेटा बेचा, किसानों को कुचला, मजदूर सड़कों पर।
पीएम की आंखों में डर साफ है। ट्रंप का चोक लग गया, ग्रिप कस गई।
कारण, अडानी का केस?
◾ डिफेंस बजट का केंद्र, US निशाना BJP फाइनेंशियल नेटवर्क पर।
♦️ अनिल अंबानी जेल से बाहर क्यों है? एपस्टीन फाइल्स में नाम?
सदन चुप क्यों है?
♦️ये भारत माता को बेचना है।
कोई PM ऐसा न करे, न करेगा आगे। लेकिन ये तूफान हमें निगल जाएगा अगर चुप रहे। क्या शर्म नहीं? क्या दर्द नहीं महसूस होता?
♦️ग्रिप तोड़ो, चोक हटाओ ।
भारत को आजाद करो! क्या हम तैयार हैं लड़ने को?
#VijayShukla
ये है Himalya कंपनी की Liv–52 टेबलेट। लिवर ठीक करने में ये खाई जाती है। सोचिए, इतनी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम पर भी नकली दवाई बन रही थी। सोनीपत की फैक्ट्री में दवाई बनती थी। खाली डिब्बी, रैपर मेरठ में बनते थे। मयंक अग्रवाल, अनूप गर्ग, तुषार ठाकुर, आकाश ठाकुर, नितिन त्यागी पकड़े गए हैं।
📍गाजियाबाद, यूपी
क्या UP Board की 10वीं/12वीं मार्कशीट या सर्टिफिकेट में नाम, जन्मतिथि, पिता/माता का नाम गलत है?
अब घबराओ मत! छोटी-मोटी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है (जॉब, कॉलेज एडमिशन, पासपोर्ट में दिक्कत)। घर बैठे मोबाइल से Name/DOB Correction के लिए अप्लाई करो।
(UPMSP Samadhan Portal से आसान प्रोसेस) 👇
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (2026 अपडेटेड):
1. वेबसाइट पर जाएँ: Google में "upmsp samadhan portal" सर्च करें या डायरेक्ट लिंक: https://t.co/QzOnHDEm9R पर क्लिक करें।
2. रजिस्ट्रेशन/लॉगिन: Mobile No. और Email से Register करें (पहली बार)। Already registered? Login करें।
3. सेवा चुनें: लॉगिन के बाद "संशोधित अंक पत्र जारी करना" या "संशोधित प्रमा���-पत्र / जन्म तिथि में संशोधन" (Revised Marksheet / Certificate with Name/DOB Correction) वाला ऑप्शन चुनें।
4. डिटेल्स भरें: Class (High School/Intermediate), Roll Number, Passing Year, Name (जैसा अभी है), Father's Name, School Code आदि भरें। सुधार वाली डिटेल्स (नया नाम/DOB) स्पष्ट लिखें।
5. जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें:
° आधार कार्ड / Birth Certificate (सही नाम/DOB का प्रूफ)
° Affidavit (नोटरी से नाम बदलाव का)
° पुरानी मार्कशीट/सर्टिफिकेट की कॉपी
° Gazette Notification (अगर बड़ा नाम चेंज है, वैकल्पिक)
° स्कूल से साइन वाला आवेदन (अगर जरूरी)
6. फीस पेमेंट: फीस लगभग ₹500-₹1000 (सुधार के प्रकार पर, ऑनलाइन पेमेंट करें। नाम/माता-पिता नाम स���धार के लिए ₹1000 तक हो सकती है)।
7. सबमिट और ट्रैक: Application Submit करें। Registration ID नोट कर लें। "कार्यवाही की स्थिति" सेक्शन में स्टेटस चेक करें। अप्रूवल के बाद Revised Marksheet/Certificate पोस्ट से आएगा या ऑफिस से कलेक्ट कर सकते हैं (30 कार्य दिवस में)।
और जानकारी coment मे 👇
तकनीकी कारणों से UPSSSC लेखपाल भर्ती की वेबसाइट अंतिम तिथि से पहले बार-बार क्रैश रही,जिससे कई योग्य अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाए। यह छात्रों की नहीं, सिस्टम फेलियर की गलतीहैअभ्यर्थियों के हित में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए🙏#upsssclekhpal_form_apply_date_extend@myogiadityanath
तकनीकी कारणों से #UPSSSC लेखपाल भर्ती की आधिकारिक वेबसाइट आवेदन की अंतिम तिथि से 3–4 दिन पहले ही क्रैश होने लगी ओर बच्चों के आवेदन होने में समस्या हुई , जिससे बड़ी संख्या में मेहनती अभ्यर्थी अपना फॉर्म समय पर सबमिट नहीं कर पाए। यह समस्या छात्रों की लापरवाही नहीं, बल्कि ��िस्टम फेलियर का परिणाम है। ऐसे में हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ हैं।
निवेदन है कि अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए लेखपाल आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि सभी पात्र छात्र समान अवसर पा सकें।
#Lekhpal
तकनीकी कारणों से #UPSSSC लेखपाल भर्���ी की आधिकारिक वेबसाइट आवेदन की अंतिम तिथि से 3–4 दिन पहले ही क्रैश होने लगी ओर बच्चों के आवेदन होने में समस्या हुई , जिससे बड़ी संख्या में मेहनती अभ्यर्थी अपना फॉर्म समय पर सबमिट नहीं कर पाए। यह समस्या छात्रों की लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम फेलियर का परिणाम है। ऐसे में हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ हैं।
निवेदन है कि अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए लेखपाल आवेदन की अंतिम तिथि ��ढ़ाई जाए, ताकि सभी पात्र छात्र समान अवसर पा सकें।
#Lekhpal
फिजिक्स वल्लाह (Physics Wallah) जिसे लोग गलती से फिजिक्स वाला पढ़ देते हैं, ने बेइमानी और फर्जीवाड़े का एक और कीर्तिमान स्थापित किया है, पूरा कैसे पढ़िए : देश की प्रसिद्ध कोचिंग फिजिक्स वल्लाह के जयपुर सेंटर में एक बच्चे ने एडमिशन लिया... एडवान्स के 48000 रुपये ले लिये, वल्लाह... लेकिन सुविधाओं के नाम पर जो बताया गया था वो कुछ भी नहीं मिला सो विद्यार्थि ने फिजिक्स वल्लाह छोड़ दिया, कुल 5 दिन ही क्लास ली..... बच्चे ने एडवांस वापस मांगा पर कोचिंग सेंटर ने एडवांस वापस करने से मना कर दिया..... अभिभावक ने परेशान हो जिला सवाईमाधोपुर उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर दिया...... बहस में राष्ट्रीय आयोग के निर्णय प्��स्तुत किये.. जिसमें किसी भी कोचिंग संस्थान द्वारा एडवान्स राशी वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार सेवा माना गया है.. इस आधार पर कंज्यूमर कोर्ट ने बच्चे द्वारा जमा की गई एडवान्स जमा राशी ब्याज सहित वापस करने का देश दिया एवं क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिया... सच्चे का बोलबाला हुआ और झूठे का मुंह काला हुआ, कुल मिलाकर कोई भी मोनोपोली ��ा भ्रामक विज्ञापन या अनुचित व्यापार व्यहवार के विरुद्ध अपनी आवाज जरूर उठाये.....✌️जागो ग्राहक जागो
यदि कोई व्यक्ति यह जाँचना चाहता है कि उसका नाम 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित उत्तर प्रदेश की आलेख्य मतदाता सूची (Draft Voter List) में है या नहीं, तो इसकी प्रक्रिया बहुत सरल है। कृपया CEO UP की वेबसाइट https://t.co/VjeI2llyne पर जाएँ।
वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर
“Special Intensive Revision (SIR) - 2026”
शीर्षक से एक पॉप-अप विंडो खुलेगी। इस विंडो में “Search your name by EPIC number in draft electoral roll SIR 2026” नामक टैब पर क्लिक करें।
इसके बाद खुलने वाली स्क्रीन पर EPIC Number वाले बॉक्स में अपना EPIC नंबर दर्ज करें, दिया गया कैप्चा टाइप करें और SEARCH बटन पर क्लिक करें।
यदि आपका नाम मतदाता सूची में मौजूद है, तो खोज परिणाम में जिले का नाम, विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र का नाम तथा मतदाता सूची के उस भाग में आपका क्रम संख्या (Serial Number) प्रदर्शित होगी।
यदि किसी भी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में आपका नाम मौजूद नहीं है, तो परिणाम में “No Result Found” दिखाई देगा।
वैकल्पिक तरीका:
सीधे वेब पोर्टल https://t.co/h3Q5WW8xrO पर जाएँ और EPIC Number वाले बॉक्स में अपना EPIC नंबर दर्ज करें। कैप्चा टाइप करने के बाद SEARCH पर क्लिक करें।
यदि आपका नाम आलेख्य मतदाता सूची में मौजूद है, तो उससे संबंधित विवरण दिखाई देगा, अन्यथा “No Result Found” प्रदर्शित होगा।
वैकल्पिक (और सबसे आसान) तरीका:
अपने मोबाइल फोन में ECINET Mobile App डाउनलोड करें। यह Google Play Store और Apple App Store दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
ऐप खोलने के बाद “Search your Name in Voter List” नामक टैब पर क्लिक करें। इसमें मतदाता सूची में अपना नाम खोजने के लिए चार विकल्प उपलब्ध होते हैं (6 जनवरी को प्रकाशित यूपी की आलेख्य म��दाता सूची के लिए)।
सबसे अच्छा तरीका Voter ID / EPIC Number के माध्यम से खोज करना है।
अन्य विकल्प इस प्रकार हैं:
•अपने EPIC ��ार्ड पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके।
•मतदाता का विवरण देकर (जैसे नाम, जन्म तिथि, लिंग, संबंधी का नाम आदि), या
•वह मोबाइल नंबर दर्ज करके जो आपने Form-6 में नाम दर्ज कराते समय दिया था, या
जिन दो विकल्पों में मतदाता विवरण या मोबाइल नंबर देना होता है, उनमें राज्य का नाम, जिले का नाम तथा विधानसभा क्षेत्र (AC) का नाम भी दर्ज करना आवश्यक होता है।
मतदाता विवरण वाला विकल्प पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होता और थोड़ा ज��िल भी है, क्योंकि कई बार मतदाता सूची में दर्ज नाम या उसके संबंधी के नाम की वर्तनी (spelling) सही वर्तनी से भिन्न हो सकती है। हालाँकि, जब आपके पास EPIC कार्ड न हो या आपको अपना EPIC नंबर ज्ञात न हो, तब यह विकल्प उपयोगी साबित होता है। इस स्थिति में नाम की अलग-अलग वर्तनी डालकर खोज करना एक उपाय है और पहली बार “No Result Found” आने पर निराश नहीं होना चाहिए।
यूपी की ड्र���फ्ट लिस्ट आ गई है
अपना-अपना नाम देख लीजिए
कैसे देखेंगे?
https://t.co/Z7OS8jtksC पर जाएं, वहीं आपको Download Electoral Roll मिलेगा.
झमाझम डाउनलोड करें और चेक करें
भाजपा सरकार की ख़ामियों के कारण अनियमित हुई पुलिस भर्ती और उसकी वजह से ओवरएज हो गये अभ्यर्थियों को उम्र की छूट देकर, उप्र सरकार नव वर्ष का तोहफ़ा दे!
भाजपा सरकार की लचर और दोषपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का ख़ामियाज़ा ��ेरोज़गार युवा क्यों भुगतें। हम पुलिस भर्ती के हर अभ्यर्थी की माँग के साथ हैं।
युवाओं का भविष्य ही देश का भविष्य है।
उप्र के हर युवा को सम्मानपूर्वक जीवन जीने की शुभेच्छा सहित नये साल की हार्दिक शुभकामनाएँ!
#UPP_Age_Relaxation
आज अभिनेता से लेकर बड़े बड़े दिगज़्ज़ खिलाड़ी आज देश मैं हो रहे अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ बोलना छोड़िये लिख नहीं पा रहे है, 2014 से पहले भले ही सब कुछ ख़राब रहा हो मगर ये आज़ादी ज़रूर थी कि सब बोलते थे आवाज़ उठाते थे सरकारो से सवाल पूछ���े थे और सरकारें दबाब भी महसूस करती थी और जवाब भी देती थी । आजकी सरकारो के लिए जनता सिर्फ़ वोट लेने की मशीन और tax कमाने जा ज़रिया मात्र है । याद रखना दोस्तों -
जब न्याय सत्ता की जेब में चला जाये
तो अकेला कोई बलात्कारी ही सिर्फ अपराधी नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की उसमे साझेदारी है ।।
अच्छा राम राज्य है - जहाँ एक rape पीड़िता को न्याय के लिए सड़को पे उतरकर सुरक्षा के लिए बनी police से ही भिड़ना पड़ रहा है और ��माम intellectual वर्ग मूक बनकर बैठा है ।।
bulldozer क्या बस ग़रीब की छत पे चलने के लिए है , बड़े गुनहगार के घर पहुचते ही तो डीजल खत्म ।।
@narendramodi साहब कुछ रहम कीजिये 🙏
#JusticeForUnnaoVictim